उडनतश्तरियो का रहस्य | UFO Facts in Hindi

UFO Facts in Hindi
UFO Facts in Hindi

U.F.O. (Unidentified Flying Object) यानि उडनतश्तरियो को लेकर दशको से रहस्य बना हुआ है | अब तक कई लोग दावा कर चुके है कि उन्होंने उडनतश्तरियो को अपनी आँखों से देखा है | कुछ लोगो ने तो यहाँ तक कहा है कि  अन्य ग्रहों के जीव यानि Aliens को भी उन्होंने देखा  है | हालांकि कई दावे झूठे या अस्प्सष्ठ पाए गये है और आज भी दुनिया भर में उडनतश्तरियो को लेकर रहस्य बरकरार है |

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Oxford शब्दकोश UFO की परिभाषा इस प्रकार देता है “आकाश में दिखाई गयी ऐसी रहस्यमयी चीज जिसके संबध में कोई वैज्ञानिक विवरण मौजूद न हो , माना जाता है कि इनमे अन्य ग्रहों के प्राणी सवार होते है ” | UFO या UFOB शब्द का आधिकारिक रूप से सर्वप्रथम प्रयोग 1953 में अमेरिकी वायुसेना ने किया था | इनसे उनका अर्थ “ऐसी उड़ने वाली चीज से था जो किसी भी ज्ञात वायुयान या अन्य उड़ने वाली चीज से मेल न खाती हो या जिसकी पहचान किसी भी ज्ञात चीज के रूप में न की जा सकती हो “|

इन परिभाषाओ से पहले तक इन्हें Flying saucier ही पुकारा जाता था | खासकर तब से जब अमेरिकी बिजनसमैन तथा पायलट कैथेन आर्नोल्ड ने 24 जून 1947 को वाशिंगटन में माउंट रेनर पर श्रुंखलाबद्ध उडती 9 चीजो को देखने का दावा किया | उन्होंने इन्हें पानी के उपर घुमती तश्तरियो जैसा बताया था और कहा था कि इनकी गति 1932 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा थी |

World UFO Day

अर्नाल्ड द्वारा उडनतश्तरिया देखने का दावा किये जाने वाली तारीख यानि 24 जून को World UFO Day के रूप में मनाया जाने लगा परन्तु अब इस दिन को 2 जुलाई को मनाया जाता है जिस तारीख को कथित रूप से 1947 में अमेरिका के रोसवैल में एक उडनतश्तरी आ गिरी थी | उडनतश्तरियो में विश्वास करने वालो का कहना है कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य UFO के निसंदेह अस्तित्व के बारे में लोगो को जागरूक करना और UFO देखने से जुडी घटनाओं की फाइलो को सार्वजनिक करने के लिए सरकारों को प्रोत्साहित करना है | प्रथम UFO Day में UFO रिसर्चर हाकतान एकदोगान ने मनाया था |

रोसवैल घटना

1947 में अमेरिकी राज्य न्यू मैक्सिको में रोसवैल UFO घटना उडनतश्रियो से जुडी सबसे विवादास्पद घटनाओं में से एक है | पहले अमेरिकी सरकार ने घोषणा की थी कि उन्होंने एक उडनतश्तरी को पकड़ा है और अगले ही दिन उन्होंने बयान बदलते हुए कहा कि पकड़ी गयी चीज अमेरिकी सेना का एक गुप्त निगरानी गुब्बारा था | इसके बाद लोगो ने इस घटना के प्रति जिज्ञासा खत्म हो गयी परन्तु 1970 में Ufologist ने दावा शुरू किया कि रोसलेव् में गिरी चीजे अन्य ग्रह की थी और उनमे एलियन भी थे जिन्हें सेना ने अपने कब्जे में लेकर छुपा लिया था |

Area 51

नेवादा रेगिस्तान में अमेरिकी सेना के गुप्त ठिकाने Area 51 के बारे में भी कई तरह की अटकले लगती रही है | इसकी एक वजह है कि अमेरिकी सरकार ने इस ठिकाने को लेकर अत्यधिक गोपनीयता अपना रखी है | इस ठिकाने को आधिकारिक रूप से 2013 में ही स्वीकार किया गया था | कई लोगो का दावा है कि अमेरिकी सेना इस स्थान पर अब तक पाए गये एलियंस तथा उडनतश्तरियो तथा उडनतश्ततरियो की तकनीक संबधी प्रयोग करती है |

उडनतश्तरी दिखने के चर्चित दावे

उडनतश्तरी दिखने की एक घटना में 25 वर्षीय पायलट कैप्टन थोमस मेंटेन की जान चली गयी थी | 7 जनवरी 1948 को केंचुकी हाईवे पेट्रोल ने एक असामान्य सी उड़ने वाली चीज दिखाई देने की खबर दी | केंचुकी के ही एक अन्य स्थान से भी गोलाकार चीजो के आकाश में दिखने की खबर आयी थी | कथित रूप से थॉमस विमान में इनका में इनका ही पीछा कर रहा था | हालांकि बाद में जांचकर्ताओं ने दावा किया कि थॉमस एक गुब्बारे के पीछे गया था |

1946 और 1947 में स्कैंडिने वियाई देशो विशेषकर स्वीडन के आकाश में “भुतिया राकेट” दिखाई देने के अनेक दावे किये गये | 1948 के अमेरिकी सेना के एक गोपनीय दस्तावेज से पता चला कि स्वीडिश एयरफ़ोर्स के जांचकर्ताओं ने महसूस किया था कि वे चीजे असली थी और उनका संबध धरती से प्रतीत नही हो रहा था | 1951 के टैक्सेस के 3 प्रोफेसरों ने लुब्बोक ने आकाश में 20 से 30 उडती रोशनिया देखने का दावा किया | एक कॉलेज छात्र ने उनकी फोटो भी ली थी परंतु इनका भी कोई स्पष्ट निष्कर्ष नही निकल सका |

9 दिसम्बर 1955 को कम से कम 6 अमेरिकी राज्यों तथा कनाडा के ओंतिरियो के हजारो लोगो ने आकाश में विशाल आग का गोला देखा | कुछ स्थानों पर धातु के गर्म टुकड़े गिरने और इनमे आग लगने की बात भी कही गयी | ज्यादातर लोगो ने इसे उल्कापिंड समझा | केक्सबर्ग नामक गाँव में कुछ प्रत्यक्षदर्शियो के अनुसार जंगल में कोई चीज गिरी थी और उसके बाद वहा सेना की गतिविधि भी खूब बढ़ गयी थी | सेना ने कहा कि उसे वहा कुछ नही मिला |

भारत में उडनतश्तरियो के दावे

लोकटक लेक मणिपुर में 19 जून 2011 को विष्णुपुर जिले के किसान कोईरेम्बा कुमाम अपने नये मोबाईल फोन का कैमरा टेस्ट कर रहे थे कि खेत के उपर उड़ रहे एक UFO का उन्होंने वीडियो बना लिया | 19 सैकिंड का वीडियो लेने के बाद वह बेहोश हो गये | उनका दावा था कि उस उडनतश्तरी ने किसी प्रकार की तरंगे निकली थी जिन्होंने उन्हें बेहोश कर दिया था |

चीन-भारत बॉर्डर पर 1 अगस्त से 15 अक्टूबर 2012 के बीच करीब 100 से ज्यादा UFO देखे जाने के दावे किये गये | इस रहस्यमयी घटना ने भारतीय सेना को भी चौंका दिया था | लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर सेना के जवानो ने चमकती हुयी चीजे देखी | कुछ वक्त बाद सेना ने राडार और स्पेक्ट्रम एनालाइजर लगा दिए लेकिन उनमे कोई सिग्नल नही मिले |

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