वैलेंटाइन डे की असली कहानी The Real Story of Valentine Day in Hindi

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The Real Story of Valentine Day in Hindi

The Real Story of Valentine Dayमित्रो एक दिन मै राजीव जी दीक्षित का विडियो देख रहा था तो मुझे Valentine Day  वैलेंटाइन डे की असली कहानी पता चली जो मै आपके साथ शेयर करना चाहता हु | मित्रो आज से 1600 वर्ष पहले यूरोपीय देशो में विवाह करने की प्रथा बिलकुल नही हुआ करती थी | अभी भी आप अगर हॉलीवुड फिल्मे अगर देखते होंगे तो आपने देखा होगा कि अपनी पत्नी होने के बावजूद दुसरी महिला के साथ रहना शुरू कर देते है और किसी को कोई आपति नही होती थी | इस तरह उस समय में बिना शादी के ही पुरुष महिला साथ रहते थे और संतुष्टि होने वो दुसरे पुरुष या महिला के साथ रहना शुरू कर देते थे | आपने अगर उस समय के इतिहासकारो के कथन को सुना होगा तो उसमे भी सेक्स को ही जीवन का आनन्द मानते थे और भोग विलास में डूबे रहते थे |

उस समय यूरोप में कई लोगो ने इस तरह बिना शादी के साथ रहने और बच्चे पैदा करने को बुरा मानते थे इन्ही में उस समय यूरोप में एक संत वैलेंटाइन थे जिन्होंने भारतीय सभ्यता का अध्ययन किया था और बिना शादी के साथ रहने को गलत मानते थे | उन्होंने एक अभियान चलाया और यूरोप के कई लडके लडकियों को अपना शिष्य बनाया | सयोंग से वो चर्च के पादरी बन गये और अपने शिष्यों  में से प्रेम संबंध रखने वाले जोड़ो की चर्च में शादी कराना शुरू कर दिया | इस तरह कई लोग वैलेंटाइन के अनुयायी हो गये  और चर्च में आने वाले हर मनुष्य को शादी के लिए प्रेरित करते थे | इस तरह उन्होंने सैकड़ो युवक युवतियों की शादिया कराई |

वैलेंटाइन के समय में रोम के राजा क्लोडियस का राज था | जब राजा क्लोडियस को वैलेंटाइन के बारे में पता चला कि वो यूरोप की बरसों से चल रही संस्कृति को बदलने की कोशिश कर रहा है | उसने सोचा कि हम बिना शादी के मजे में रहने वाले लोग है और ये हमारी संस्कृति को बदलना चाहता है और लोगो की शादिया कराता फिर रहा है | इसी वजह से एक दिन राजा क्लोडियस ने वैलेंटाइन को पकड़कर लाने का आदेश दिया | अब जब वैलेंटाइन , राजा क्लोडियस के दरबार में गया तो  क्लोडियस ने पूछा “तुम ये क्या काम कर रहे हो ,अधर्म फैला रहे हो ऐसी संस्कृति ला रहे हो जो हमे बिलकुल मंजूर नही है और तुम इसको बिलकुल बंद कर दो ” | जब वैलेंटाइन ने राजा क्लोडियस की बात नही मानी तो उसने वैलेंटाइन को फांसी की सजा देने का आदेश दिया |

इस तरह 14 फ़रवरी 498 को वैलेंटाइन को फांसी पर लटका दिया गया | उसका आरोप इतना था कि वो बच्चो की शादिया कराता था | उस समय राजा छोटे मोटे कारणों के लिए ही मौत की सजा सुना देता था और कोई भी उसका विरोध करने की हिम्मत नही रखता था | जिस दिन उनको फांसी हुयी तो जिन युवक युवतियों ने उनके कहने पर शादिया की , तो उन्होंने वो दिन वैलेंटाइन डे के रूप में मनाना शुरू कर दिया | इस तरह वैलेंटाइन डे को यूरोप में मनाना शुरू कर दिया | यूरोप में वैलेंटाइन डे को केवल शादीशुदा लोग ही मनाते है लेकिन भारत में लोग वैलेंटाइन की कहानी से अनजान बिना किसी वजह के वैलेंटाइन डे मनाते है |

90 के दशक में इसका प्रचलन भारत में शुरू हो गया जब टीवी चैनलों और अखबारों में वैलेंटाइन डे के खबरे शुरू हुयी थी | इसके चलते आज के दौर में स्कूलों और कॉलेज में अंधाधुंध वैलेंटाइन डे को मनाना शुरू कर दिया | कुछ लोगो का तो इस  वैलेंटाइन डे से धंधा चलाना शुरू हो गया जैसे ग्रीटिंग कार्ड बनाने वाले और उपहार की दुकानों वाले | वैलेंटाइन के 7 दिन पहले से ही अजीबोगरीब डे मनाना शुरू कर दिया जिसका उनको उद्देश्य की पता नही था | लडके ग्रीटिंग कार्ड में लिखकर भेजते है “Will you Be My Valentine ” लेकिन उन मूर्खो ये पता नही कि उस समय वैलेंटाइन का अर्थ शादी करना होता था जबकि वो इसे केवल दोस्ती समझते है |

शिवसेना ने शुरू से वैलेंटाइन डे Valentine Day  का विरोध किया है | मै आप लोगो को इसका विरोध करने के बजाय इसकी असलियत बताना चाहता हु कि आप किस तरह विदेशी प्रथाओ से प्रभावित हो रहे है | इन्ही कुछ विदेशी प्रथाओ की वजह से भारत जैसे सांस्कृतिक देश में लव मैरिज शुरू हो गयी जिसमे माता पिता की अनुमति के बिना की अपने जीवन साथी का चुनाव कर लेते है | भारत वो देश था जब माता पिता की आज्ञा पर बच्चे जान न्योछावर कर देते थे और आज के दौर में बच्चे स्वय को माता पिता से बेहतर मानने लग गये | आपने ये भी देखा होगा कि जिस परिवार में लव मैरिज का प्रचलन शुरू हो गया , उनकी आने वाली पीढियों में कभी अरेंज मैरिज नही हो पायेगी क्योंकि अपने कर्मो का फल तो भुगतना पड़ेगा |

लव मैरिज के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए माता पिता भी ज्यादा विवाद नही कर पाते हाउ क्योंकि कई बच्चे आत्महत्या करने की धमकी देते है कई आत्महत्या भी कर लेते है | ऐसे उदाहरणों को देखकर माता पिता के मन में भी भय छा जाता है और अपने बच्चो को स्वतंत्र रखते है | इसी कारण आज सयुंक्त परिवार की प्रथा बिलकुल समाप्त हो चुकी है | शादी होते ही पत्नी के साथ पति बाहर चला जाता है भले ही उसको दुसरी जगह पैसा कम मिल रहा हो | मै विशेष तौर से इसका जिम्मेदार हिंदी फिल्मो को देता हु जिनसे प्रेरित होकर बच्चे लव मैरिज और आत्महत्या जैसे काम सीखते है | इसके अलावा आजकल “लिव इन रिलेशनशिप” को भी बड़े शहरों में मान्यता मिल गयी है जिसके चलते बिना शादी के युवक युवतिया एक साथ रहते है |

मित्रो मै इसलिए युवाओ से आग्रह करता हु कि भारत की संस्कृति को धूमिल ना होने दे  | Valentine Day  वैलेंटाइन डे जैसी पाश्चात्य संस्कृति को अपनाना बंद करे और भारतीय संस्कृति का पालन करते हुए माता पिता की आज्ञा का पालन करे | ये भले आपको सही नही लगेगा लेकिन आपको और आपके आने वाली पीढियों को सदैव सुखी रखेगा | अगर आपको हमारा संदेश पसंद आया तो इसे इतना फैलाये कि देश की जनता Valentine Day  वैलेंटाइन डे को मनाने के बजाय पेरेंट्स डे मनाना शुरू कर दे |

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