Sydney Harbour Bridge Facts in Hindi | सिडनी हार्बर ब्रिज से जुड़े रोचक तथ्य

Sydney Harbour Bridge Facts in Hindi | सिडनी हार्बर ब्रिज से जुड़े रोचक तथ्य
Sydney Harbour Bridge Facts in Hindi | सिडनी हार्बर ब्रिज से जुड़े रोचक तथ्य

ऑस्ट्रेलिया स्थित सिडनी हार्बर ब्रिज (Sydney Harbour Bridge) देखने में बेहद खुबसुरत एवं भव्य है यह ब्रिज ऑस्ट्रेलिया को उत्तरी समुद्र तट से जोड़ता है | सिडनी हार्बर ब्रिज (Sydney Harbour Bridge) का निर्माण सिडनी हार्बर पर किया गया है | इस ब्रिज से रेल , गाडिया ,साइकिल और पैदल सवारी भी की जाती है | इस ब्रिज के पास में सिडनी ओपेरा हाउस है जो इसकी खूबसूरती को ओर भी बढाता है | साथ ही सिडनी और ऑस्ट्रेलिया का बहुत ही खुबसुरत तस्वीर पेश करता है इसके आर्च बेस्ड डिजाईन की वजह से इसे वहा की भाषा में कोंथेगर भी कहा जाता है |

कब और कैसे बना

यह ब्रिज Newyork City में बनी Hell Gate Bridge के डिजाईन से प्रभावित है | इसका डिजाईन डॉक्टर जेजेसी ब्रेद्फील्ड ने तैयार किया था | यह विश्व की छठी सबसे लम्बी Arch Shaped Bridge है | Water Level से लेकर उपर तक की इसकी लम्बाई 440 फुट है | विस्तार में भी यह विश्व की सबसे चौड़ी ब्रिज है | इसकी चौड़ाई 160 फुट है | इसे 28 जुलाई 1923 में बनाना शुरू किया गया था उअर 19 जनवरी 1932 में बनकर तैयार हुआ | 19 मार्च 1932 से इस पर आवाजाही शुरू हो गयी | 1912 में जेजेसी ब्रेडफील्ड को सिडनी बन्दरगाह पुल और मेट्रोपोलिटन रेलवे निर्माण का मुख्य इंजिनियर नियुक्त किया गया और इस योजना पर कई वर्षो तक किये गये उनके विशिष्ट कार्य के लिए उन्हें “पुल के पिता” नाम से नवाजा गया |

उद्घाटन में घटी रोचक घटना

पुल का औपचारिक उद्घाटन 19 मार्च 1932 को किया गया | ऑस्ट्रेलिया के सभी गणमान्य लोग वहा उपस्थित थे | न्यू साउथ वेल्स के लेबर प्रधानमंत्री जैक लैंग पुल के दक्षिणी छोर पर रिबन काट उद्घाटन करने वाले थे लेकिन जब लैंग रिबन काटने वाले थे तभी फ़ौजी वर्दी पहने घोड़े पर सवार एक आदमी आया और उसने अपनी तलवार से रिबन को काट दिया | इस तरह अधिकृत समारोह के शुरू होने से पहले ही न्यू साउथ वेल्स की जनता के नाम पर सिडनी हार्बर ब्रिज का उद्घाटन कर दिया गया | उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और रिबन को तुंरत फिर से बाँधा गया और लैंग ने आधिकारिक उद्घाटन सम्पन्न किया |

मनाई गयी 75वी वर्षगाँठ

18 मार्च 2007 को इसके उद्घाटन की 75 वी वर्षगाँठ सिडनी के संग्रहालय में एक प्रदर्शनी द्वारा मनाई गयी जिसे “ब्रीजिंग सिडनी” नाम दिया गया | यह प्रदर्शनी एतेहासिक भवन ट्रस्ट की एक पहल थी इस कार्यक्रम में लगभग ढाई लाख लोगो ने हिस्सा लिया था | वर्तमान में इस पुल के 85 साल हो चुके है |

सबसे उपरी हिस्से पर चढ़ते है पर्यटक

1998 में ब्रिज क्लाइंब ने पर्यटकों के लिए पुल के दक्षिणी हिस्से पर चढना सम्भव कर दिया है | यहाँ पर्यटन सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलता रहता है | केवल बिजली वाले तुफानो या तेज हवा होने पर ही स्थगित किये जाते है | दिसम्बर 2006 से ब्रिज क्लाइंब ने उपरी हिस्से पर चढने के लिए भी व्यवस्था की है चढने वाले लोगो के समूहों को मौसम के अनुसार रक्षात्मक कपड़े उपलब्ध कराए जाते है और चढाई करने से फ्ल्ले एक सलाह दी जाती है | प्रत्येक चढाई पुल के पूर्वी भाग से शुरू होती है और शीर्ष तक जाती है इसमें तैयारी से लेकर चढने में लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लगता है इसमें सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है |

नये साल पर होता है ख़ास आयोजन

नये साल के अवसर पर हर साल आधी रात को सिडनी हार्बर ब्रिज पर दो तरह की आतिशबाजी का आयोजन किया जाता है इसमें एक 9 PM फॅमिली फायरवर्क्स और दूसरा मिडनाइट फायर वर्क्स होता है हर साल इसके लिए थीम निश्चित की जाती है | यहा होने वाले फायरवर्क्स को 1996-97 में पहली बार टीवी पर दिखाया गया था | इसकी शुरुवात 1983 में की गयी थी | इसे देखने के लिए लाखो लोग इकट्ठा होते है | जुलाई से ही हर साल इस आयोजन की तैयारी शूरू हो जाती है |

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