सौर उर्जा अपनाए और जिन्दगी भर बिजली के बिल से मुक्ति पाए | Solar Power Houses Future in India

Loading...

Solar Power Houses Future in India

Solar Power Systemदेश में बिजली की जरूरते पुरी करने हेतु सौर उर्जा में काफी सम्भावनाये देखी जा रही है | इसका प्रभाव रियल एस्टेट सेक्टर पर भी देखा जा सकता है | जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक देश में सौर उर्जा से बिजली उत्पादन के लक्ष्य को 20 हजार मेगावाट से बढाकर 1 लाख मेगावाट किया है | बाजार में सौर उर्जा से जुडी हर चीज में जैसे जान पड़ गयी है |

जैसे जैसे प्रदुषण तथा बिजली की बढती कीमते ग्राहकों पर असर डाल रही है अधिक से अधिक लोग पर्यावरण हितैषी विकल्पों को अपनाने में रूचि लेने लगे है | इस रुझान को देखते हुए ही कई रियल एस्टेट कंपनिया भी पर्यावरण हितैषी आवासीय परियोजनाए लांच कर रही है | इनमे बिजली की जरूरते पुरी करने के लिए सौर उर्जा पर जोर दिया गया है | इस तकनीक का लाभ लेने के लिए लोग अलग से भी अपने घर पर सौर उर्जा सिस्टम लगवा सकते है |

मकानों में सौर उर्जा सिस्टम

सबसे पहले खरीददार को अपनी बिजली की जरूरत तय करनी होगी | एक सौर उर्जा सिस्टम ए.सी. एवं वाटर हीटर को छोडकर घर पर इस्तेमाल होने वाले अधिकतर बिजली चलित उपकरणों के लिए पर्याप्त होता है | सोलर पैनल ढलान वाली छत के स्थान पर समतल छत पर सबसे अच्छी तरह काम करता है | सूर्य की रोशनी का अधिकतम प्रयोग सुनिश्चित बनाने के लिए सोलर पैनल पर छाया नही पड़नी चाहिए |

लागत

सोलर सिस्टम लगवाने पर आने वाले शुरुवाती लागत बेशक कुछ अधिक होती है पर आगे चलकर पारम्परिक बिजली आपूर्ति की तुलना में यह किफायती साबित होता है | छत पर लगाये जाने वाले सोलर सिस्टम की लागत 1 लाख रूपये प्रति किलोवाट है | इसमें बैटरियो की कीमत शामिल नही है हालांकि सोलर सिस्टम पर विभिन्न राज्य सरकारे तथा बिजली बोर्ड कई प्रकार की छुट प्रदान करते है |

सोलर सिस्टम आमतौर पर 25 वर्ष काम करता है | पहले 10 वर्ष यह 90 प्रतिशत क्षमता जबकि 11 से 25 वर्ष तक लगभग 80 प्रतिशत खर्च होता है | 2000 वाट बिजली पैदा करने के लिए छत पर 200 वर्ग फूट स्थान चाहिए | जहा तक देखरेख की बात है एक अच्छी गुणवत्ता वाले सोलर सिस्टम में केवल बैटरी बदलने पर खर्च पड़ता है अन्यथा सोलर पैनल पूर्णत: मेंटेनेंस फ्री होते है | हां इन पर पड़ने वाली धुल मिटटी तथा पक्षियों की बीठ आदि को नियमित रूप से साफ़ करना होगा |

सोलर सिस्टम के अन्य हिस्सों इनवर्टर ,तारे आदि भी सर्वोतम हो क्योंकि घटिया गुणवता के होने से वे जल्द खराब हो सकते है | इनवर्टर के लिए सबसे बढिया विकल्प प्योर साइन वेब मॉडल है | यह कुछ महंगा है  हो परन्तु बेहद सक्षम तथा टिकाऊ होता है |

उपलब्ध सब्सिडी

चूँकि बैटरियो पर काफी खर्च आता है जिस वजह से कई लोग सोलर सिस्टम लगवाने से कतराते है विभिन्न राज्य सरकारे तथा बिजली बोर्ड स्पेशल डील के अलावा इन पर सब्सिडी भी देती है | किसी आवासीय सोलर पैनल से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को सरकारी बिजली बोर्ड को अच्छे दामो पर बेच भी सकते है | उदाहरण के लिए यदि किसी घर की जरूरत 5 यूनिट है जबकि उसका सोलर पैनल 7 यूनिट बिजली पैदा कर रहा है तो अतिरिक्त 2 यूनिट बिजली को ग्रिड को बेचा जा सकता है |

बारिश होने या बादल छाए रहने के दिन यदि केवल 4 यूनिट बिजली पैदा हुयी हो तो अतिरिक्त 1 यूनिट बिजली की जरूरत को ग्रिड से खरीदा जा सकता है | हालांकि महीने के अंत में यदि ग्रिड से ली गयी बिजली से आपकी तरफ दी गयी बिजली अधिक है तो आप मुनाफा कमा सकते है |

अब तक

फिलहाल देश में सौर बिजली उत्सर्जन में 929 मेगावाट सहित गुजरात अन्य राज्यों में सबसे आगे है | दुसरे स्थान पर 840 मेगावाट सहित राजस्थान है | मध्य प्रदेश ,महाराष्ट्र , कर्नाटक , पंजाब और हरियाणा सौर उर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ आक्रामक अभियान चलाने जा रहे है | वे सोलर पैनल सिस्टम स्थापित करने पर 30 प्रतिशत छुट देने के साथ साथ अतिरिक्त उर्जा को अच्छे दामो पर खरीदने जैसे ऑफर भी दे रही है |

भविष्य में

आने वाले वक्त में लोगो को घर खरीदने के फैसले को प्रभावित करने वाले कारको में सोलर पॉवर की भूमिका अहम हो सकती है | व्ही डेवेलपर्स के लिए अनिवार्य हो गया है कि वे अपनी आवासीय योजनाओ में उत्तम गुणवत्ता वाले सोलर पॉवर उत्पादन संयत्र को शामिल करे | इस तरह वे उन ग्राहकों को अपनी आवासीय योजनायो की ओर आकर्षित कर सकते है जो पर्यावरण हितैषी आवासों में रहने के लिए कुछ अतिरिक्त रकम अदा करने को भी तैयार रहते है |

मकान खरीदने के इच्छुक लोगो के लिए टिप्स

सौर उर्जा की मदद से बिजली उत्पादित करने वाली आवासीय परियोजना में आवास खरीदने के इच्छुक इन बातो का ध्यान रखे

  • सौर उर्जा पैदा करने पर आने वाली लागत तथा बिजली बोर्ड से मिलने वाली बिजली की कीमत की आपस में तुलना करे |
  • सुनिश्चित बनाये कि उच्च श्रेणी के सोलर पेनल्स ऐसे स्थान पर स्थापित किये गये हो जहा छाया ना पड़े|
  • सोलर पेनल्स की नियमित देखरेख का बन्दोबस्त भी होना चाहिये |
  • यदि बैटरी वाले पेनल्स का प्रयोग किया गया है तो सुनिश्चित बनाये कि पैनल और बैटरी के मध्य दूरी कम हो क्योंकि इनके दूर होने से उर्जा नष्ट होती है | उत्तम परिणाम के लिए सोलर पॉवर बैटरीयो का प्रयोग करना चाहिए |
  • सोलर पैनल के अनुमानत: जीवनकाल के बारे में जानकारी ले और उस सिस्टम पर दी गयी वारंटी का भी पता करे |
Loading...

One Comment

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *