Owls Facts in Hindi | उल्लू और उसकी प्रजातियों से जुड़े रोचक तथ्य

Owls Facts in Hindi
Owls Facts in Hindi

उल्लू (Owls) तथा अन्य पक्षियों में स्वभाव एवं बनावट का काफी फर्क होता है | मुलायम पर , छोटी दुम , बड़े सिर वाला यह शिकारी पक्षी है | यह गौरैया के आकार से बड़े गरुड़ तक के आकार का होता है | इसकी 132 उपजातियाँ पायी जाती है | आइये आपको उल्लू (Owls) से जुड़े ऐसे ही रोचक तथ्य बताते है |

Loading...
  1. मेक्सिको और अमेजन में पाया जाने वाला उल्लू सबसे छोटा होता है जो आकार में 12 सेमी का होता है |
  2. भारत में उल्लू की 45 किस्मे मिलती है जो किसी भी देश में मिलने वाली किस्मो में सबसे ज्यादा है |
  3. उल्लू (Owls) दिन में पेड़ो के किसी झुरमुट में रहता है | शाम को ही बाहर निकलता है और एक पेड़ से दुसरे पेड़ पर उड़ता रहता है |
  4. उल्लू की आंखे अन्य पक्षियों की तरह बगल में नही होती बल्कि मनुष्यों की तरह सामने होती है | इसके आँखे बड़ी और गोल होती है |
  5. पीछे देखने के लिए यह आसानी से गर्दन घुमा सकता है और यह अपनी गर्दन 270 डिग्री तक घुमा सकता है |
  6. उल्लू (Owls) के पर मुलायम होते है इसलिए जब यह उड़ता है तो बिल्कुल भी आवाज नही होती | इसके कान काफी बड़े और खुले होते है |
  7. उल्लू (Owls) अपने बच्चो में से सबसे ताकतवर को पहले भोजन कराते है और फिर बचने में कमजोर को ताकि ताकतवर वाला जीवित तो बच सके |
  8. उल्लू किसानो के दोस्त होते है क्योंकि ये अनाज को नुक्सान पहुचाने वाले चूहों को खा जाते है इसलिए कुछ किसान तो अपने खेतो में इनके लिए घोंसला तक बनवाते है |
  9. उल्लू (Owls) अपने शिकार को नोच नोचकर नही खाता है बल्कि सीधे निगल जाता है | सिर बिल्ली की तरह गोल होता है |
  10. हिन्दू मान्यता के अनुसार उल्लू धन की देवी लक्ष्मी का वाहन है |

आइये अब आपको उल्लू की कुछ प्रसिद्ध उपजातियो के बारे में बताते है |

01 ब्राउन फिश उल्लू (Brown fish Owl)

उल्लू की Brown fish प्रजाति पानी की किनारे किसी खंडहर या पेड़ की झुकी हुयी डाली पर रहती है | यह मचलिया , चूहे , मेंढक पक्षी खाता है | मछलियों को बड़ी तेजी से पकड़ लेता है | इसका सिर बड़ा होता है | यह बड़ा भूरा भारी शरीर वाला उल्लू होता है | निचला भाग अधिक पीला होता है | वक्षस्थल पर गहरी आड़ी धारियाँ होती है | सिर से उपर उठे हुए बालो के गुच्छे कान जैसे नजर आते है | इसका मुंह बिल्ली से मिलता जुलता है | इसके बड़े पंजो में नुकीले कांटे होते है जिससे यह आसानी से मछलियों का शिकार कर लेता है | पेड़ो में किसी प्राकृतिक खोखल में या पानी के बॉस बनी किसी चट्टान की दरारों में अक्सर कुछ टहनिया बिछाकर घोंसला बनाता है | मादा 2 गोल सफेद अंडे देती है | रात को यह पानी के उपर उड़ता हुआ मछलियों को ढूंढता रहता है | एक उपजाति के सिर पर दो काली कलँगीया होती है जो सींग जैसी लगती है | अन्य जातियों की अपेक्षा यह दिन में ज्यादा देखता है | शाम होते ही चूहे , गिरगिट ,छिपकली आदि का शिकार करता है |

02 खूसट उल्लू

खूसट उल्लू कद में दुसरे उल्लुओ से छोटा होता है | यह सूरज डूबता डूबते अपने घोंसले से बाहर निकल आता है | दिन में यह इमारतो या पेड़ो के किसी सुराख में छिपा रहता है जहा जरा सा छेड़ने पर यह किसी पास की डाल पर जाकर बैठ जाता है | यह 8 इंच का चितकबरा पक्षी है जिसका सिर और आँखे बड़ी होती है | चोंच और पैर नीलापन लिए हरे होते है | Barn Owl पुरे विश्व में मिलता है | इसका कद जंगली कौए जितना होता है | रंग उपर से सुनहरा बादामी और नीचे सफेद होता है | मादा 4 से 7 अंडे देती है | किसी भी वस्तु को देखने में मनुष्य को जितना प्रकाश चाहिए उसका सौवा भाग बार्न उल्लू के लिए काफी है | कई देशो में अन्न भंडार गृहों की रक्षा के लिए इसे पाला जाता है | यह चूहे खाकर अन्न की रक्षा करता है |

03 चुगद उल्लू

एक छोटा 10 इंच का उल्लू चुगद होता है | इसके दोनों कानो के उपर कुछ पंखे उठे रहते है जो दूर से कान जैसे दिखाई देते है | इसकी भूरी दुम पर हल्की हल्की धारिया होती है | उपरी रंग बादामी , नीचे का रंग सफेदी लिए हल्का बादामी होता है जिस पर आडी और खडी काली धारियाँ होती है | आँख के उपर सफेद भौंह होती है | चोंच पीलापन लिए हरा या स्लेटी और पैर हरापन लिए पीले होते है | दिन भर यह किसी घने पेड़ की डाल पर बैठा रहता है | जनवरी से अप्रैल में यह किसी खंडहर या पेड़ की सुराख को घासफूस से मुलायम बना लेता है जिसमे मादा 2 से 5 अंडे देती है |

04 चित्तीदार काष्ट उल्लू (Mottled Wood Owl)

ये उल्लू मध्यम आकार का लाल-भूरा उल्लू होता है | सफेद मुख पर काली पट्टिया होती है | कंठ पर सफेद दाने होते है | यह पुरे भारत में मिलता है | कम वनों वाले मैदानों में अधिक पाया जाता है | गाँवों के बाहर आमो , इमलियो के झुंडो में रहता है | यह चूहों और खेती को नुकसान पहुचाने वाले जन्तुओ का नाश करता है | मादा 2-3 क्रीमी सफेद अंडे देती है |

05 मरचिरैया या घुग्घु (Rock Owl)

इस प्रजाति का उल्लू मुआ से बड़ा होता है | नर-मादा रंग-रूप में एक जैसे होते है | इसके शरीर का रंग भूरा होता है | निचला हिस्सा सफेदी हल्का भूरा होता है जिस पर काले और गहरे भूरे निशाँ पड़ते है | सिर पर पीलापन लिए बादामी रंग की धारियाँ होती है | इसकी आंख की पुतली पीली , पैर रोएदार और काले होते है | यह पेड़ो पर रहता है और दुसरी चिडियों और उनके अंडो पर हमला करता है | सितम्बर से मार्च के बीच किसी पेड़ की शाखा पर सुखी टहनियों का भद्दा घोंसला बनाता है | घोंसले के भीतर घासफूस से नर्म बिस्तर जैसा बना लेता है या फिर गिद्ध के किसी पुराने घोंसले की मरम्मत कर उसमे रहने लगता है | मादा 2 सफेद अंडे देती है | गाँवों में अंधविश्वास है कि आदमी की मृत्यु का पता इसे पहले ही लग जाता है और आसपास के पेड़ पर अक्सर बोलने लगता है इसलिए ग्रामीण इसे मरचिरैया भी कहते है |

06 बर्फानी उल्लू

बर्फानी उल्लू आर्कटिक में उल्लुओ की अधिकांश जातियाँ जीवित रहने के लिए छिपती है और गुप्त ठिकानों पर निवास करती है | बर्फानी उल्लू इन सबसे अलग होता है | ये हरियाली और पेड़विहीन टुंड्रा प्रदेश में पाए जाते है | वयस्क मादा का वजन 2.5 किलोग्राम तक होता है और यह हवा में अपने पंखो से पांच फीट से ज्यादा दूरी तक झपट्टा मार सकती है \ नर छोटे लेकिन हट्टे-कट्टे होते है | यह अपने लम्बे पैरो और पंजो से आकाश में झपट्टा मारकर कुत्तो , बारहसींगो और यहाँ तक कि मनुष्य के बच्चो को भी उठा ले जाती है | नर दो दो मादाओ के साथ अलग अलग अपना घोंसला बनाते है | ऐसे उल्लू अपनी दोनों मादाओ के लिए शिकार करते है | दोनों घोंसले एक किमी की परिधि से कम दूरी पर होते है | मादा अपनी चोंच से ताजा किये गये शिकार के खून टपकते मांस के टुकड़े अपने बच्चो के मुंह में डालती है | मादा दो-दो दिनों के अंतराल में अंडे देती है और बच्चे लगभग दो दिनों में ही अंडे से बाहर आते है | अलास्का में बैरो इन उल्लुओ के एकमात्र प्रजनन स्थल है |

Loading...

One Comment

Leave a Reply
  1. हर एक जीव – जंतु एवं पक्षी का अपना एक प्राकतिक महत्त्व है| वैसे ही उल्लू भी प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण पक्षी है जो कि किसानों का दोस्त माना जाता है| क्यूंकि यह चूहों को खाकर फसल की रक्षा करता है| बहुत ही महत्त्व पूर्ण जानकारी प्रस्तुत की आपने|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *