Online Learning से मिलेगी युवाओं को नई दिशा | Online Learning Benefits in Hindi

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Online Learning Benefits in Hindi
Online Learning Benefits in Hindi

E-Learning को बढ़ावा देने के लिए भारत के विभिन्न संस्थानों द्वारा Online Learning कोर्सेज की शुरुवात की जा चुकी है लेकिन विशेषज्ञों की माने तो इस दिशा में सरकार को अभी भी कई महत्वपूर्ण सुधार करने की आवश्यकता है | शिक्षा विशेषज्ञों ने ये भी संकेत दिए है कि Online Short Term Courses और नैनो डिग्री को बढ़ावा देने के साथ ही 2020 तक इस दिशा में कई प्रभावी परिवर्तन देखने को मिलेंगे |

Internet के बढ़ते प्रचलन से Education Industry ने एक बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढना शुरू कर दिया है | आज Online Learning एक ऐसे Learning Model का रूप ले चुकी है जिसमे शिक्षको और छात्रों के लिए एक दुसरे से जुड़ना पहले से कही ज्यादा आसान हो गया है | हालांकि कई संस्थानों में कंप्यूटर और इस पर काम करने वाले शिक्षको की कमी देखने को मिल रही है | बावजूद इसके विशेषज्ञों का मानना है कि Online Learning , Small Private Online Courses और Mock जैसी तकनीक आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रान्ति लेकर आयेगी |

नये परिवर्तन लेकर आएगा 2020

The Great Unbundling of Higher Education किताब के लेखक रेयान क्रेग इस बारे में कहते है कि जल्द ही छात्र समझ जायेंगे कि अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य के लिए Degree की नही बल्कि ज्ञान की जरूरत होती है | इसी के चलते आने वाले समय में छात्रों को Online courses का महत्व बढ़ेगा | यह परिवर्तन कब तक होगा अभी यह बता पाना मुश्किल है लेकिन इस बात के संकेत मिलने लगे है कि वर्ष 2020 तक इस दिशा में परिवर्तन होने की शुरुवात हो जायेगी |

Nano Degree कोर्सेज को देना होगा महत्व

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सरकार को Digital शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए Enterprise Resources प्रोग्राम्स शुरू करने की योजना बनानी होगी जिससे Digital Data को छात्रों और शिक्षको के अनुकूल बनाने के संसाधन विकसित किये जा सके | साथ ही गरीब वर्ग के छात्रों को Mobile Learning से जुड़ने के संसाधन उपलब्ध कराने होंगे | इसके लिए विश्वविद्यालयो और Online Startup को साथ आना होगा , साथ ही Short Diploma और Nano Degree कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देना होगा | ऐसा करने से ही Digital India , Skill India और Make in India जैसी योजनाओं को सही दिशा प्रदान की जा सकेगी |

बढने लगी है E-content की जरूरत

Online Learning की ओर छात्रों के बढ़ते कदमो के चलते संस्थानों को E-Material , Online course के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए Digital Courses तैयार करने होंगे | इस दिशा में आगे बढ़ते हुए उड़ा सिटी आदि ने मर्सीडीज और गूगल जैसी कम्पनियों ने साथ मिलकर छात्रों के लिए Online Courses तैयार करने शुरू कर दिए है | कम्पनियों द्वारा आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस , IOS या Android Development जैसे क्षेत्रो में छात्रों को नैनो डिग्री देना शुरू किया जा चूका है |

नही हो रहा है शिक्षा बजट का प्रभावी इस्तेमाल

विशेषज्ञों ने इन आकंड़ो पर भी फोकस किया है कि देश में हर साल प्रत्येक छात्र पर औसतन 15-20 हजार रूपये खर्च किये जाते है | इसके बाद भी देश का सकल नामांकन अनुपात 24 प्रतिशत से कम है वही 53 प्रतिशत स्नातक और 89 प्रतिशत इंजीनियरिंग छात्र बेरोजगार रहने को मजबूर है | यह संख्या उस स्थिति में है जब देश की 35 करोड़ से ज्यादा आबादी 18-35 वर्ष के युवाओं की है | इन आंकड़ो से साफ़ है कि आजादी के बाद से अब तक देश में कुल 85 प्रतिशत शिक्षा बजट का इस्तेमाल सही दिशा में नही हो पाया है |

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