बरसात के मौसम में मच्छर से होने वाली बीमारियों से कैसे बचे Machhar se Hone Wali Beemariyo se Kaise Bache

Machhar se Hone Wali Beemariyo se Kaise Bacheबरसात का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का कहर भी शुरू हो जाता है | मलेरिया  ,डेंगू और चिकनगुनिया इस मौसम में होने वाले ऐसे रोग है जो मच्छरों के काटने से फैलते है | बरसात के मौसम में पनपने वाले मच्छर आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते है | इतना ही नही , ऐसे में अपने स्वास्थ्य के प्रति आपकी थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है पर थोड़ी सी सावधानी बरतने से आप इनसे बच सकते है | आइये आज हम आपको बरसात के मौसम में पनपने वाले मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचने के तरीके और इलाज के तरीक आपको बताते है |

Loading...

Read : बरसात के मौसम में अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखे

मलेरिया Information of Malaria in Hindi

मलेरिया मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है | सर्दी लगकर तेज बुखार आना  ,फिर गर्मी लगना , पसीने के साथ बुखार का उतरना , उल्टी  ,सिर दर्द और खून की कमी इसके विशिष्ट लक्षण है | कभी कभी इसके लक्षण हर 48 से 72 घंटे में दुबारा दिखाई देते है | यह इस बात पर निर्भर करता है कि एक व्यक्ति को किस परजीवी की वजह से मलेरिया हुआ है और वह कब से बीमार है |

मलेरिया के लक्षण Symptoms of Malaria in Hindi

  • तेज बुखार
  • ठंड और कंपकंपी
  • मांसपेशियों में दर्द
  • थकान
  • जी मिचलाना , उल्टी और दस्त

उपचार में बरते सावधानी Diagnosis of Malaria in Hindi

किसी संक्रमित मच्छर के काटने से व्यक्ति में व्यक्ति में मलेरिया के रोगाणु आ सकते है | अगर आपको मलेरिया हो जाता है तो फौरन इलाज कराए | इस बात का ध्यान रखे कि मलेरिया के मच्छर काटने से एक से चार हफ्ते बाद बीमारी के लक्षण नजर आ सकते है | सिर्फ ऐसी जगहों से दवा ले , जिन्हें सरकारी मान्यता मिली हो , क्योंकि नकली दवाये लेने से बीमारी काफी समय तक रहती है और जान जाने का खतरा भी रहता है | मलेरिया का जल्द से जल्द इलाज करवाए  ,खासकर जब बच्चो या गर्भवती स्त्रियों की तबीयत खराब हो |

डेंगू Information of Dengue in Hindi

डेंगू एक वायरस जनित रोग है जो संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है | इसमें तेज बुखार , सिर दर्द  ,बदन दर्द  ,जी मिचलाना , उल्टी , दस्त और त्वचा पर लाल दाने हो सकते है | डेंगू दुनिया भर में पाया जाने वाला एक खतरनाक वायरल रोग है क्योंकि अकेला संक्रमित मच्छर अनेक लोगो को डेंगू रोग से ग्रसित कर सकता है | रोग की गम्भीरता में प्लेटलेट काफी कम हो जाते है | यदि समय पर उचित उपचार ना मिले तो रोगी कोमा में चला जाता है | यदि बुखार 1-2 दिन में ठीक ना हो तो तुंरत डॉक्टर के पास जाकर चेकअप करवाना चाहिए |

डेंगू के लक्षण Symptoms of Dengue in Hindi

  • तेज बुखार
  • मांसपेशियों एवं जोड़ो में भयंकर दर्द
  • सिरदर्द
  • आँखों के पीछे दर्द
  • जी मिचलाना
  • उल्टी दस्त
  • त्वचा पर लाल रंग के दाने

उपचार में बरते सावधानी

याद रखे डेंगू का कोई ख़ास उपचार अभी तक उपलब्ध नही है | सिर्फ लक्षण के आधार पर ही उपचार किया जाता है | डेंगू इन्फेक्शन का पता ब्लड टेस्ट द्वारा लगाया जाता है | इससे बचने के लिए कोई स्पेशल दवा नही है , लेकिन इस दौरान सही से आराम करे और बहुत से पेय पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है | इन दिनों बुखार कैसा भी हो , यदि जल्दी आराम ना मिले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए | मच्छरों से बचाव एवं शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढाने का प्रयास करना चाहिए |

डेंगू होने पर कैसे बढाये प्लेटलेट्स

  • गिलोय मेटाबोलिक रेट बढाने , प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने और शरीर को संक्रमन से बचाने में मदद करता है | इसमें तुलसी के पत्ते भी डाले जा सकते है |
  • पपीते के पत्ते प्लेटलेट्स की गिनती बढाने में  मदद करते है | शरीर में दर्द  , कमजोरी महसूस होना  ,उबकाई आना ,थकान महसूस होना जैसे बुखार के लक्षण को कम करने में पपीते के पत्ते सहायक है |
  • मैथी के पत्ते भी बुखार कम करने में सहायक है | एह पीड़ित व्यक्ति का दर्द दूर कर उसे आसानी से अच्छी नींद देने में मदद करते है |
  • तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी में उबालकर पीना सेहत के लिए अच्छा रहता है |
  • नीम  , पीपली , गेंहू के ज्वारो का रस  ,,आंवला एवं ग्वारपाठे का ज्यूस डेंगू के बचाव में बहुत उपयोगी है |

चिकनगुनिया information of Chikungunya in Hindi

चिकनगुनिया  एक प्रमुख वायरल फीवर है जो कभी कभी महामारी का रूप भी लेता है | इस बुखार का नाम चिकनगुनिया  स्वाहिली भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है जो झुकता है | इसका ऐसा नाम इसलिए दिया गया है क्योकि इस रोग में जोड़ो के दर्द के कारण रोगी ज्यादातर झुकी हुयी मुद्रा में रहता है | ये एडीज मच्छर एड्र्जिप्ती , जो दिन के समय काटता है , के कारण होता है | इसके लक्षण डेंगू के बुखार के समान होते है |

चिकनगुनिया  के लक्षण symptoms  of Chikungunya in Hindi

  • शरीर में वायरस के पुरी तरह से आक्रमण करने पर जोड़ो में दर्द शूरू हो जाता है |
  • आमतौर पर बीमारी के दो और पांच दिन के बीच धब्बेदार दाने देखे जा सकते है |
  • कुछ रोगियों को आँखों का संक्रमन हो सकता है साथ में आँखों में थोडा बहुत खून का रिसाव भी होता है |

चिकनगुनिया का बचाव Prevention from Chikungunya in Hindi

भारतीय चिकित्सा में इसका अभी तक कोई ठोस इलाज उपलब्ध नही है | ऐसे में डॉक्टर सभी को जागरूक रहने और सतर्क रहने की लगातार सलाह देते है | चिकनगुनिया  के दौरान जोड़ो में बहुत दर्द होता है , जिसके लिए डॉक्टर की सलाह पर दर्द निवारक , बुखार रोधी दवाये ली जा सकती है | संक्रमित व्यक्ति बहुत ज्यादा लोगो से ना मिलते हुए अपनी देखभाल और साफ़ सफाई पर ख़ास ध्यान रखे |

मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचने के उपाय

  • मच्छरदानी लगाकर सोए |
  • घर के अंदर मच्छर मारने वाले दवा छिडके |
  • घर के दरवाजो और खिडकियों पर जाली लगवाये |
  • हल्के रंग के कपड़े पहने ,जिनसे आपका शरीर पुरी तरह ढका हो |
  • ऐसी जगह पर न जाए , जंहा झाडिया हो क्योंकि वहा पर बहुत मच्छर होते है |
  • अपने घर और आसपास की सफाई का विशेष ध्यान दे | आसपास गन्दगी बिलकुल ना होने दे |
  • कूलर और फ्रिज का पानी नियमित रूप से बदले और घर के आसपास पानी जमा ना होने दे |
  • बारिश का पानी निकलने वाली नालियों , पुराने टायरो ,बाल्टियो , प्लास्टिक कवर ,खिलौनों और अन्य जगह पर पानी बिलकुल ना रुकने दे |
  • दीवारों-दरवाजो और खिडकियों की दरारों को भर दे |
  • शाम होते ही घर की खिडकियों को बंद कर ले |
  • बच्चो को घर के अंदर ही खेलने के लिए प्रेरित करे |
  • सूर्योदय और सूर्यास्त के समय एवं शाम को घर के अंदर रहे क्योंकि मच्छर इस वक्त ज्यादा सक्रिय होते है |
  • अपनी सेहत बनाये रखने के लिए मौसमी फलो का सेवन करे लेकिन सलाद और कच्ची सब्जिया ना खाए |

तो मित्रो आप इस तरह के उपायों से बरसात के मच्छरों से खुद को सुरक्षित कर सकते है | विश्व में कर वर्ष करोड़ो लोग मच्छर जनित बीमारियों से पीड़ित होते है इसलिए इस मौसम में आप विशेष ध्यान रखे |

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *