गणेश चतुर्थी पर करे गणपति बप्पा के इन 10 प्रसिद्ध मन्दिरों में दर्शन | Lord Ganesha Temples in India

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मित्रो आज गणेश चतुर्थी है है गणपति बप्पा का दिन | कुछ लोग जिन्हें एकदन्त बोलते है तो कुछ विनायक | गणेश जी हिन्दुओ में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले देव है | गणेश जी को खुशी और समृधि के लिए पूजा जाता है | भगवान शिव और माता पार्वती की सन्तान श्री गणेश सभी बुराइयों का विनाश करके बुद्धिमता ,ज्ञान और शिक्षा प्रदान करते है | श्री गणेश को सभी हिन्दू देवताओ में सबसे पूजा जाता है चाहे वो विवाह का अवसर हो या सन्तान का जन्म या नई जिन्दगी की शुरुवात | भारत में गणेश जी के अनेको मन्दिर है और भारत के हर राज्य , हर जिले और हर गाँव में आपको गणेश जी का एक मन्दिर मिल जाएगा या किसी भी मन्दिर में गणेश जी की प्रतिमा अवश्य होती है लेकिन आज हम आपको केवल गणेश जी के 20 प्रिसद्ध मन्दिरों के बारे में बतायेंगे जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है |

01 श्री सिद्धिविनायक मन्दिर मुम्बई (Shree Siddhivinayak Temple, Mumbai)

shree Siddhivinayak Temple, Mumbai
shree Siddhivinayak Temple, Mumbai

इस चमत्कारी मन्दिर को भारत के गणपति मन्दिरो में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध माना जाता है | यहा प्रतिदिन हजारो की संख्या में दर्शनार्थी दर्शन करने आते है और गणेश चतुर्थी के अवसर पर तो भीड़ पर नियन्त्रण रखना मुश्किल हो जाता है | इस मन्दिर का निर्माण एक ठेकदार लक्ष्मण विठू पाटिल ने एक निसंतान औरत के लिए बनवाया था ताकि कोई दुसरी महिला निसंतान ना रहे | इस मन्दिर ने आमजन के अलावा फिल्म सिटी के कई स्टार और बिज़नसमेन दर्शने के लिए आते है | अक्सर किसी भी फिल्म की शुरुवात या फिल्म लांच से पहले अक्सर बॉलीवुड स्टार यहा दर्शन के लिए आते है | इस मन्दिर को बहुत सुंदर तरीके से सजा रखा है इसी कारण इसे ह्यूमन वेलफेयर द्वारा बेस्ट ट्रस्ट अवार्ड भी मिला हुआ है |

02 श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति मन्दिर , पुणे (Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati Temple, Pune)

Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati Temple, Pune
Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati Temple, Pune

श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति मन्दिर महाराष्ट्र का दूसरा सबसे ज्यादा प्रसिद्ध गणेश मन्दिर है जो पुणे में स्थित है | यहा भी ना केवल पुणे बल्कि पुरे देश से बप्पा के भक्त दर्शने के लिए आते है | इस मन्दिर का ट्रस्ट भारत के सबसे अमीर ट्रस्टो में गिना जाता है | इस चमत्कारी मन्दिर को श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई नाम के एक मिठाईवाले ने बनवाया था जिसका पुत्र प्लेग में मारा गया था | हलवाई गणपति ट्रस्ट द्वारा मैनेज किया हुआ ये मन्दिर गणेशोत्सव के दौरान रोशनी से जगमगा उठता है जो देखने लायक होता है |

03 कनिपक्क्म विनायक मन्दिर , चित्तूर (Kanipakam Vinayaka Temple, Chittoor)

Kkanipakam Vinayaka Temple
Kanipakam Vinayaka Temple

ये सुदंर मन्दिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुपति से लगभग 75 किमी की दूरी पर स्थित है | ये मन्दिर भारत के सबसे प्राचीन गणपति मन्दिरों में से है जो अपने इतिहास और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है | वैसे तो दक्षिणी भारत में मन्दिरों की कमी नही है लेकिन वहा के लोग गणेश के दर्शन के लिए इस मन्दिर में अक्सर आते रहते है | इस मन्दिर में गणेश जी की प्रतिमा का तीन रंगो का होता है सफेद पीला और लाल | इस मन्दिर को 11वी शताब्दी में चोल राजा कुलोथिंग्स चोल प्रथम ने बनवाया था ताकि इंसानों और राक्षसों के बीच दूरी बनी रहे | अनेको दर्शनार्थी इस चमत्कारी मन्दिर के शीतल जल में दुब्करी मारकर अपने पापो का प्रायश्चित करने आते है ताकि उनका जीवन सुखमय बीते | तिरुपति में मनाये जाने वाल त्यौहार ब्रह्मोत्सव की तरह यहा भी ब्रह्मोत्सव यहा के प्रमुख त्यौहार है जो हर वर्ष विनायक चतुर्थी पर मनाया जाता है |

04 मानाकुला विनायक मन्दिर , पांडिचेरी (Manakula Vinayaka Temple, Pondicherry)

Manakula Vinayaka Temple
Manakula Vinayaka Temple

मान्कुला विनायक मन्दिर का निर्माण 1666 साल पहले किया गया था जब फ्रेंच लोगो का पोंडिचेरी पर राज था | इस चमत्कारी इमारत का नाम एक तालाब (कुलम) के नाम पर रखा गया जो समुद्र की रेत से मन्दिर के भीतर बन गया था | ऐसा माना जाता है कि इस जगह पर गणेश की मूर्ति को अनेको बार समुद्र में फेंक दिया गया लेकिन प्रतिदिन वो उसी जगह पर हर बार प्रकट हो जाती हिया जिसके कारण श्रुद्धालुओ ने इस मन्दिर पर पूजा -अर्चना शुरू कर दी | तब से लेकर अब तक ये मूर्ति इसी स्थान पर है जहा किसी समय में फ्रेंच कॉलोनी हुआ करती थी | इस मन्दिर में गणेश चतुर्थी और ब्रह्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है |

05 मधुर महागणपति मन्दिर केरल (Madhur Mahaganapathi Temple, Kerala)

Madhur Mahaganapathi Temple ,Kerala
Madhur Mahaganapathi Temple ,Kerala

10वी सदी में बना यह प्राचीन मन्दिर केरल के कसरगॉड में मधुवाहिनी नदी के तट पर स्थित है | इस प्रसिद्ध मन्दिर को कुम्बल के म्य्पादी राजाओ ने बनवाया था | ऐसा माना जात है इस मन्दिर में विराजमान गणेश जी की मूर्ति पत्थर और मिटटी से नही बल्कि किसी अलग ही धातु से बनी है | इसी वजह से अनेको पर्यटक इस अनोखे मन्दिर में दर्शन के लिए आते है | ऐसा भी माना जाता है कि एक बार टीपू सुलतान इस मन्दिर में आया और इसको ध्वस्त करना चाहा लेकिन अचानक उसका दिमाग बदल गया और बिना मन्दिर को क्षति पहुचाये चला गया | इस मन्दिर में एक तालाब है जो औषधीय तालाब माना जाता है |

06 रणथ्म्भोर गणेश मन्दिर , राजस्थान

Ranthambore Ganesh Temple, Ranthambore
Ranthambore Ganesh Temple, Ranthambore

प्रकृति प्रेमियों के लिए रणथम्बोर राष्ट्रीय पार्क भारत की एक खुबसुरत जगह है जो वन्य जीवो से भरी है लेकिन इस पार्क में आने वाले लोगो के अलावा यहा के त्रिनेत्र गणेश मन्दिर में दर्शन के लिए भी अनेको दर्शनार्थी आते है | ये मन्दिर लगभग हजार वर्ष पुराना है | इस मन्दिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि पुराणों के अनुसार श्री कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह के समय इस मन्दिर में भी विवाह का न्योता भेजा गया था तब से अब तक इस लोग अपने विवाह का न्योता देने इस मन्दिर में अवश्य आते है | इस मन्दिर में हर गणेश चतुर्थी पर मेला लगता है |

07 मोती डूंगरी गणेश मन्दिर जयपुर (Moti Dungri Ganesh Temple, Jaipur)

Moti Doongri temple
Moti Doongri temple

जयपुर में स्थित मोती डूंगरी गणेश मन्दिर का निर्माण 18वी शताब्दी में सेठ जय राम पालीवाल ने करवाया था ताकि हर उत्सव से पहले गणेश जी का आशीर्वाद मिल सके | एक छोटी सी पहाडी पर स्थित यह मन्दिर एक धार्मिक स्थल होने के साथ साथ पर्यटन का केंद्र भी है जिसके नजदीक बिरला मन्दिर स्थित है | गणेश चतुर्थी इस मन्दिर में मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है |

08 गणेश टोक मन्दिर गंगटोक (Ganesh Tok Temple, Gangtok)

Ganesh Tok Temple, Gangtok
Ganesh Tok Temple, Gangtok

भगवान बुद्ध की जमीन पर गणेश जी का मन्दिर मिलना बहुत कठिन है लेकिन गंगटोक में बहुत ही सुंदर गणेश जी का मन्दिर है जो गंगटोक टीवी टावर के नजदीक पहाडी पर स्थित है | गणेश टोक मन्दिर गंगटोक के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल में भी आता है जो सिक्किम जैसे खुबसुरत राज्य की राजधानी भी है | अच्छे भाग्य के लिए कामना करने के लिए अनेक श्रुद्धालू इस मन्दिर में आते है | इस मन्दिर से कंचनजंघा की हरी भरी पहाड़िया को बहुत ही सुंदर नजारा दिखाई देता है |

09 गणपतिपुले मन्दिर रत्नागिरी , महारष्ट्र (Ganpatipule Temple, Ratnagiri, Maharashtra)

Ganpatipule Temple, Ratnagiri
Ganpatipule Temple, Ratnagiri

इस गणेश मन्दिर की सबसे ख़ास बात यह है कि इस मन्दिर का मुख पश्चिम की बजाय पूर्व में है | इसके अलावा स्थाने लोगो का मानना हाउ कि यहा गणेश जी प्रतिमा अपने आप प्रकट हुयी है | यहा के लोगो के बीच एक कथा प्रचलित है जिसके अनुसार एक स्थानीय ग्वाले की गाय ने दूध देना बंद कर दिया लेकिन एक जगह आते ही वह दूध देना चालु कर देती थी जिस जगह पर एक पत्थर निकला जिस पर गणेश जी की आकृति प्रतिकृत थी |   तब से इस स्थान को चमत्कारिक स्थान घोषित कर दिया गया और लोग पत्थर की प्रतिमा को पूजने लगे | इस मन्दिर का निर्माण इस तरीके से किया गया है कि फरवरी और नवम्बर के महीने में सूर्य की रोशनी सीधे प्रतिमा पर गिरती है |

10 रॉकफोर्ट उच्चि पिल्लयार कोइल मन्दिर तमिलनाडू ( Rockfort Ucchi Pillayar Koil Temple, Tamil Nadu)

तमिलनाडु के तिरुचिर्पल्ल्ली कस्बे में स्थित यह चमत्कारिक मन्दिर पहाडी की उंचाई पर स्थित है | इस मन्दिर के पीछे एक लम्बी कहानी है जो रामायण काल की है |

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