कपिल देव की जीवनी Kapil Dev Biography in Hindi

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Kapil Dev Biography in Hindi

Kapil Dev Biography in Hindiभारतीय क्रिकेट के महानतम आलराउंडर में कपिल देव Kapil Dev  का नाम सबसे पहले आता है | कपिल देव का जन्म 6 जनवरी 1959 को पंजाब के चंडीगढ़ जिले में हुआ था | Kapil Dev कपिल देव के पिताजी का नाम रामलाल निरबंज और माँ का नाम राजकुँमारी था | वो अपने सात भाई बहनों में छठे स्थान पर थे | उनके माता-पिता विभाजन के दौरान रावलपिंडी से चंडीगढ़ आकर बस गये थे | चंडीगढ़ में आकर उनके पिता भवन निर्माण और इमारती लकड़ी का व्यवसाय करने लग गये |Kapil Dev  कपिल देव की प्रारम्भिक शिक्षा DAV स्कूल में हुयी |  1971 में वो देश प्रेम आजाद के शिष्य बन गये जो कपिल देव के कोच थे | 1979 में उन्हें रोमी भाटिया से मिलने का अवसर मिला और उसके अगले ही वर्ष वो विवाह बंधन में बंध गये | 1996 में उनके यहा पुत्री का जन्म हुआ जिसका नाम अमिय देव रखा गया था |

Kapil Dev Cricket Career 

Kapil Dev Cricket CareerKapil Dev कपिल देव ने क्रिकेट में अपना पहला मैच 1975  में हरियाणा की तरफ से खेला था जिसमें उन्होंने पंजाब के खिलाफ खेलते हुए 6 विकेट लिए थे और पंजाब को 63 रन पर सिमटा दिया | इस तरह हरियाणा की जीत हुयी थी | कपिल देव ने इस सीजन में 30 मैच खेलते हुए 121 विकेट लिए थे | 1976–77 सीजन में उन्होंने जम्मू कश्मीर के खिलाफ खेलते हुए 8 विकेट लेकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी | इसके बाद उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर में कई रिकॉर्ड कायम किये थे इसके बा उन्होंने रणजी में भी कई मैचो में बेहतरीन प्रदर्शन किया था |

इसके बाद उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और 1978 में उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था | 1978 से लेकर 1994 तक उन्होंने भारतीय टीम को उचाइयो तक पहुचाया और कई रिकॉर्ड भी कायम किये |  कपिल देव ने 131 टेस्ट मैचो में 5248 रन और 434 विकेट लिए थे | अपने टेस्ट करियर में उन्होंने 163 रन की सर्वाधिक पारी खेली थी | इसके अलावा उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 8 शतक और 27 अर्द्धशतक बनाये थे | कपिल देव विश्व क्रिकेट में सबसे कम समय में 100 विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने थे और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे |

Kapil Dev कपिल देव का एकदिवसीय करियर भी काफी शानदार रहा था | कपिल देव ने 225 एकदिवसीय मैचो में 3783 रन और 253 विकेट लिए थे | उनके एकदिवसीय करियर का सबसे महत्वपूर्ण पल तब था जब उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता था | 1983 में वर्ल्ड कप जीताकर उन्होंने विश्व के सभी देशो को दिखा दिया कि क्रिकेट केवल अंग्रेजो का खेल नही है | उन्होंने एकदिवसीय करियर में एकमात्र शतक लगाया था जो उनका सबसे यादगार शतक था | कपिल देव ने जिम्बाबे के विरुद्ध 175 की नाबाद पारी खेली थी जिसमे उन्होंने चौके छक्के जड़कर भारत को जीत दिलाई थी | उन्होंने अपने एकदिवसीय करियर में 14 अर्द्धशतक लगाये थे |

Kapil Dev After Post retirement 

Kapil Dev After Post retirementKapil Dev कपिल देव ना केवल बेहतरीन बल्लेबाज और गेंदबाज है बल्कि एक बेहतरीन कप्तान भी थे जिन्होंने अपनी कप्तानी में 34 टेस्ट मैचो में 4 जीते , 22 ड्रा हुए और 7 में हार का सामना करना पड़ा था | एकदिवसीय मैचो में 74 मैचो की कप्तानी करते हुए 44 जीते , 28 हारे और 2 बेनतीजे थे | 1994 में रिचर्ड हेडली के विकेटों का रिकॉर्ड तोड़ने क बाद उन्होंने क्रिकेट के दोनों फॉर्मेट से सन्यास ले लिया | 1999 में उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम का कोच चुना गया लेकिन फिक्सिंग विवाद में अपने मित्रो के होने से दुखी होकर उन्होंने कोच के पद से इस्तीफ़ा दे दिया | उनके बाद जॉन राईट टीम भारत के पहले विदेशी कोच बने थे |

2002 में Kapil Dev  कपिल देव को Wisden Indian Cricketer of the Century award से नवाजा गया | इसके बाद कुछ समय वो क्रिकेट से दूर रहे थे | 2005 में क्रिकेट पर आधारित फिल्म “इकबाल ” में उन्होंने एक छोटा सा किरदार निभाया था | 2007 में कपिल देव ICL के चेयरमैन बने | कपिल देव वर्तमान में दूरदर्शन पर मैचो के दौरान “थर्ड एम्पायर ” नामक मैच विशलेषण में हिस्सा लेते हुए दिखाई देते है और साथ ही हिंदी भाषा में कमेंट्री शुरू होने के बाद वो मुख्य हिंदी प्रवक्ता बनकर उभरे है | कपिल देव क्रिकेट करियर के दौरान विज्ञापनों में भी काफी सक्रिय रहे थे और क्रिकेट करियर के बाद बिज़नस में सक्रिय रहे |

Records and Achievements

Records and AchievementsKapil Dev कपिल देव ने 1994 ने टेस्ट क्रिकेट में रिचर्ड हेडली का रिकॉर्ड तोडकर सवार्धिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था जिसे 1999 में कर्टनी वाल्श ने तोडा था | कपिल देव टेस्ट क्रिकेट में एकमात्र ऐसे आल राउंडर है जिन्होंने 4000 से ज्यादा रन और 400 से ज्यादा विकेट लिए है और इसके साथ ही 300 विकेट लेने वाले सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में उनका रिकॉर्ड है | कपिल देव का सबसे ज्यादा इन्निंग्स में रन आउट हुए बिना खेलने का भी एक रिकॉर्ड है | कपिल देव एकदिवसीय मैचो में 1988 में जोएल गोर्नेर का रिकॉर्ड तोडकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने थे जिसे 6 वर्षो बाद वसीम अकरम ने तोडा था |

Kapil Dev कपिल देव को टेस्ट मैचो में चार बार Man of the Series अवार्ड मिला है जिसमे से दो उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिला था | कपिल देव को 8 बार टेस्ट मैचो में Man of the Match Awards से नवाजा गया जिसमें से 3 बार इंग्लैंड के खिलाफ , 2 पाकिस्तान के खिलाफ , 2 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और 1 श्री लंका के खिलाफ मिला था | एकदिवसीय मैचो में दो बार उन्हें Man of the Series अवार्ड मिला जिसमे से एक इंग्लैंड के खिलाफ और एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था | एकदिवसीय मैचो में 11 बार उन्हें Man of the Match Awards से नवाजा गया जिसमे में से 4 बार न्यूजीलैंड के खिलाफ , 2 बार वेस्ट इंडीज के खिलाफ , 2 बार ज़िम्ब्वाबे के खिलाफ , 2  बार इंग्लैंड के खिलाफ और 1 बार साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिला था |

Kapil Dev कपिल देब को 1980 में खेलो के लिए दिए जाने वाले अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया | 1982 में उन्हें पद्मश्री और 1991 में पद्मभूषण प्रदान किया गया | 1983 में उन्हें  Wisden Cricketer of the Year , 2002 में Wisden Indian Cricketer of the Century , 2010 में  ICC Cricket Hall of Fame , 2013 में The 25 Greatest Global Living Legends In India by NDTV  और CK Nayudu Lifetime Achievement award से नवाजा गया |

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