स्वंतंत्रता दिवस पर आजादी के परवानो की याद दिलाती कविताये | Independence Day Poems in Hindi

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Independence Day Poems in Hindi
Independence Day Poems in Hindi

मित्रो कल स्वाधीनता दिवस है और भारत के अनेको बच्चे स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में धूमधाम से लगे हुए है | कोई स्वतंत्रता दिवस के लिए नृत्य की तैयारी कर रहा है तो कोई झांकियां सजाने में लगा हुआ है | इसी तरह कई बच्चे आजादी से जुडी कविताओं का पाठ करने वाले है इसलिए आज हम उनकी मदद के लिए कुछ ऐसी कविताये आपके सामने ला रहे है जिसे आप स्वाधीनता दिवस पर अपने विद्यालय में बोल सकते है |

मेरा भारत

आजादी का सच हुआ सपना
भारत देश हो गया अपना
सारे राज्य के लोग है अपने
हम नही देंगे इसे बंटने
काफी नही सिर्फ यह आजादी
जरूरत है इसे अब सम्भालना
वीर सपूतो की यह विरासत
इसकी हम करेंगे हिफाजत
कई वीरो ने लुटाये इस पर प्राण
देश के खातिर हो गये कुर्बान
हिम्मत अब हम नही हारेंगे
इसे हम मिल कर स्वारेंगे

अनेकता में एकता

अनेकता में एकता इसकी शान
इसलिए हमारा भारत महान
न पूछो हमारी जाति-धर्म
हम तो है सिर्फ हिन्दुस्तानी
वतन हमारा ऐसा है
न छोड़ पाए इसे कोई
इससे रिश्ता हमारा ऐसा हो
न तोड़ पाए कोई इसे
दिल हमारी एक है
एक हमारी जान है
हिंदुस्तान हमारा है
हम इसकी शान है
आज वो नजारा याद करे
देशभक्तों का वो खून याद करे

आजादी का जश्न

आजादी का जश्न मनाये
शान से तिरंगा लहराए
प्रगति पथ पर बढ़ते जाए
सौहार्द का वातावरण बनाये
बनाये अपने देश को स्वच्छ
अपने हुनर में होकर दक्ष
ज्ञान विज्ञान के सहारे
सपने पुरे होंगे हमारे
पाए नित नूतन ऊँचाई
युवा राष्ट्र ले रहा अंगडाई
सवा सौ करोड़ का कमाल
दिखाए जलवो का धमाल

गाँव का बालक

एक गाँव की है यह शान
ईट के ऊँचे ऊँचे मकान
इसके निवासी बड़े कमाल
पढ़ लिखकर कर सब विद्वान
धर्म विज्ञान का इन्हें ज्ञान
गाँव है यह आलीशान
वाह रे वाह मिरजा मिरजान
गाँव के लडके है बड़े अच्छे
विद्यालय में सब है पढ़ते
सबका ये करते है सम्मान
ऐसा ही है बालक जीशान
कहता है भारत को महान
हम भी बने अच्छा इंसान

साकार करो सपना

आजादी का अर्थ
समझते नही लोग
अधिकार ही नही
कर्तव्य भी जरुरी है
अधिकार के लिए लड़ो
कर्तव्यो का पालन करो
तभी मकसद पूरा होगा
भारत की आजादी का
साकार करो बापू का सपना
अपनाओ नेहरु जी की बाते
इंदिरा गांधी की शक्ति और
लाल बहादुर शास्त्री की ईमानदारी

देश में नई भोर

आज देश में नयी भोर है
नई भोर का समारोह है
आज सिन्धु-गर्वित प्राणों में
उमड़ रहा उत्साह
मचल रहा है
नये सृजन के लक्ष्य बिंदु पर
कवि मुक्ति के मुक्त छंद चरणों का
एक नया इतिहास
आज देश ने ली स्वतन्त्रता
आज गगन मुस्कराय
आज हिमालय हिला
पवन पुलके
सुनहली प्यारी प्यारी धुप
आज देश की मिटटी में बल
उर्वर साहस
आज देश के कण कण ने ली
स्वतंत्रता की सांस

स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस जब आता है
हम सबक चेहरे पर
रंग खिल जाता है
भारत माता के खातिर
लाखो ने दी थी कुर्बानी
वीरो ने लड़ी थी जो लड़ाई
सदियों बाद हमे जीत मिल पायी
कोई नही कर पायेगा
उनकी भरपाई
आजादी की लड़ाई में
जिन्होने जान गंवाई
आज हमे याद है
वे आजादी के लिए लड़े थे जो
उनके बलिदान के खातिर ही
दिलानी है
भारत की नई पहचान अब
विकास की राह पर
कदमो को बस यूंह ही
बढाते जाना है
एक इतिहास बनाना है
एक नया भारत बनाना है

आजादी का मतलब

खेल-कूद की ,पढने की आजादी है
हमको आगे बढने की आजादी है
अमन-चैन से रहने की आजादी है
अपनी बात कहने की आजादी है
हर थल आने-जाने की आजादी है
अपना धर्म निभाने की आजादी है
मन का खाने पीने की आजादी है
खुशियों के संग जीने की आजादी है
लेकिन अपनी सीमा है आजादी की
वरना बनती यही वजह बर्बादी की
आजादी का मतलब दंगा-खून नही
जिसको सब तोड़े ऐसा कानून नही
आजादी का मतलब उत्पात नही
औरो का हक छीने अच्छी बात नही
आजदी का मतलब प्रेम-राम-रब में
सबको हो उत्थान ,एकता हो सब में
आजादी का मतलब ,देश संवारे हम
शान तिरंगे की कुछ ओर निखारे हम

आजादी के दीवाने

जिसने अपनी जान देकर
हिन्द में तिरंगा लहराया था
याद करो उन महापुरुषों को
देश को आजाद करवाया था
उन जैसे महापुरुष तो
आजादी के मतवाले थे
दे दी जान की कुर्बानी
सचमुच देश के रखवाले थे
उनकी यादो को हम
कभी भूल नही सकते है
वे थे अपने वीर सपूत
हर दिल में बसते है
आप से ही हमने सीखा
बनना नही गुलाम
आपकी बहादुरी को
हम करते सलाम

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