Hyderabad Tour Guide in Hindi | हैदराबाद के प्रमुख पर्यटन स्थल

Hyderabad Tour Guide in Hindi
Hyderabad Tour Guide in Hindi

देश के उत्तरी एवं दक्षिणी संस्कृति का संगम ,राजाओं महाराजाओ , राजपरिवारो , महलो ,हवेलियों और दुर्गो का शहर हैदराबाद (Hyderabad) अपनी अनोखी सभ्यता और सामाजिक संस्कृति तथा हिंदी फिल्मो में विशेष लोकप्रिय दक्षिणी बोली के कारण देशभर में प्रसिद्ध है | हैदराबाद (Hyderabad) की स्थापना लगभग 400 वर्ष पूर्व कुली कुतुबशाह ने की थी तथा शहर का नाम अपनी प्रेयसी भागमती के नाम पर भाग्यनगर रखा था | भागमती का नाम जब हैदर बेगम पड़ा तो भाग्यनगर भी बदलकर हैदरबाद (Hyderabad) हो गया |

इस नगर के बीचो बीच मुसी नदी बहती है | पठारी भूमि पर स्थित इस नगर के चारो ओर छोटी छोटी पहाड़िया है | कभी कभी झीलों और बागो जा शहर कहलाता था पर धीरे धीरे अनेक झीलों का स्थान बड़ी रिहायशी कोलोनियो ने ले लिया है | सिकन्दराबाद यहाँ का प्रमुख रेलवे स्टेशन है | हैदराबाद (नामपल्ली) तथा काचीगुडा यहाँ के अन्य प्रमुख स्टेशन है | हैदराबाद (Hyderabad) सिकन्दराबाद नगरद्वय का सिकन्दराबाद वाला भाग अंग्रेजो द्वारा कैंटोनमेंट के रूप में बसाया गया था | इतिहास ,संस्कृति , कला के लिए प्रसिद्ध इस नगर की आत्मा इसकी सांझी संस्कृति है | हर प्रकार की शिक्षा के प्रति इस नगर का विशेष लगाव है | इसका प्रमाण यहाँ स्थित एक दर्जन से अधिक विश्वविद्यालय है |

हैदराबाद के दर्शनीय स्थल | Tourist Places of Hyderabad

श्री वेंकटेश्वर मन्दिर – यह काले पहाड़ पर बिरला उद्योग समूह द्वारा बनाया गया सुंदर मन्दिर है | यह मन्दिर 1976 में जनता के लिए खोला गया था |

उस्मानिया विश्वविद्यालय – एक पुराने मिजाज के महल में सन 1918 में इस विश्वविद्यालय की नींव पड़ी और मुख्य भवन में लॉ कॉलेज खोला गया | इसका मुख्य हॉल अनेक हिंदी और तेलुगु चलचित्रों में दिखाई देता है | यहाँ उस्मान सागर नाम की झील है जिससे नगर में पेयजल पहुचाया जाता है | झील के तट पर स्थित सुंदर बगीचे पर्यटकों का मन मोह लेते है | हैदाराबाद को सिकन्दराबाद से जोड़ने वाली झील पर टैंकबंध नामक बाँध बना है | झील के बीच महात्मा बुद्ध की विशाल प्रतिमा स्थापित है | नाव और स्टीमर से वहां तक पहुचा जा सकता है | उसके दुसरी ओर किनारे पर बुद्ध जयंती पार्क बनाया गया है |

सालारजंग संग्रहालय – इस संग्रहालय की हर वस्तु केवल एक व्यक्ति द्वारा संग्रहित है | सलारगंज निमाज के मुख्य वजीर थे | हैदराबाद में कुछ देखे न देखे , यह संग्रहालय अवश्य देखे | यहाँ 35 कक्षों में 35 हजार से अधिक कलाकृतिया प्रदर्शित है | इनमे संगमरमर से बनी रैबेका की मूर्ति , पुरानी पांडूलिपिया , लघुचित्र ,रत्नजडित हथियार ,पोशाके ,औरंगजेब की हीरो से मढी तलवार दर्शनीय है |

चारमीनार – हैदराबाद के प्रतीक चिन्ह के रूप में चारमीनार देखने योग्य है | सन 15991 में इसका निर्माण कुली क़ुतुबशाह ने करवाया था | इसमें चार मीनारे है | हर मीनार 35 मीटर ऊँची है | यह हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द का प्रतीक है |

गोलकुंडा दुर्ग – 8 सिंहद्वार वाले इस विशाल दुर्ग मेंअनेक मनोहारी भवन सरोवर आदि है | यही विश्व प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा जगमगाता था | यहाँ के मुख्य प्रवेश द्वार पर गुम्बद के नीचे खड़े होकर ताली बजाने से उसकी आवाज किले के करीब 20 मीटर उंचाई पर सूनी जा सकती है | किले में तारमाती मस्जिद , बारूदखाना ,हरम ,दाद महल आदि भी स्थित है |

नेहरु चिड़ियाघर – यह देश का ही नही ,एशिया का सबसे बड़ा चिड़ियाघर है | सफारी पार्क , सफेद शेर रात्रिचर प्राणियों का विभाग आदि इसके प्रमुख आकर्षण है |

अन्य दर्शनीय स्थल – गोलकुंडा दुर्ग में साउंड एंड लाइट शो देखने योग्य है | हाईटेक सिटी और संघी मन्दिर देखना न भूले | शहर से लगभग 20 किमी दूर अपोलो अस्पताल से आगे माधोपुर में स्थित हाईटेक सिटी का अपना ही आकर्षण है | विश्वप्रसिद्ध अनेक कम्पनियो के यहाँ कार्यालय है | यह उपनगर हैदराबाद को मानो समय से पूर्व ही 21वी सदी की ओर लिए जा रहा है | चारो ओर छोटी छोटी पहाडियों से घिरी वादी में स्थित समस्त संघी नगर किसी परलोक की भाँती लगता है | यहाँ का प्राकृतिक सौन्दर्य देखकर मन प्रसन्न हो जाता है |

कैसे जाए

रेलमार्ग द्वारा हैदराबाद भारत के सभी बड़े नगरो से बहुत अच्छी प्रकार से जुड़ा हुआ है तथा अनेक ट्रेने यहाँ के तीन प्रमुख स्टेशनों पर आती है | ये है हैदराबाद ,सिकन्दराबाद एवं कांचीगुडा | काची गुडा से विशेषकर मीटर गेज ट्रेने  जयपुर ,अजमेर और औरंगाबाद की दिशाओं में चलती है |

कब जांए

हैदराबाद का मौसम मार्च से मई महीनों को छोडकर अधिकतर सुहावना ही रहता है | विशेषकर जून से अगस्त तक | जब साधारण वर्षा होती है परन्तु आकाश बादलो से ढका रहता है  तथा नवम्बर से जनवरी तक , जब सर्दी बहुत कम होती है यह महीने वास्तव में सबसे अच्छे माने जाते है |

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