मानसून के लिए अपने घर को कैसे तैयार करे How to Prevent your Home in Monsoon

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How to Prevent your Home in Monsoonमित्रो पिछले कुछ दिनों से पुरे भारत में मूसलाधार बारिश हो रही है और भारत की कई जगहे तो बाढ़ की चपेट में आ चुकी है | ऐसी प्राकृतिक आपदा के समय वैसे आप कुछ भी करने के लिए तैयार नही रहते है लेकिन फिर भी अगर बारिश के मौसम में हम कुछ सामान्य स्मस्स्याओ के लिए खुद को तैयार रख सकते है जिससे आपका घर सुरक्षित रहे | लगातार बारिश की वजह से घरो में कुछ समस्याओं का सामना भी कर पड़ सकता है | चाहे घर की दीवारे हो , फर्नीचर या उपकरण , बारिश की नमी भरे मौसम से पहले ही तैयारी करके अनेक समस्याओ से बचा जा सकता है | आइये आपको बारिश के मौसम की आम स्स्मस्याओ से बचने के कुछ टिप्स देते है |

01 लीकेज एवं दरारों की मरम्मत करवाए |

वर्षा ऋतू की सबसे आम समस्याओ में से एक है लीकेज | इसलिए बारिश शुरू होने से पहले समय रहते इन्हें ठीक करवा लेना समझदारी होगी | इमारत की मरम्मत का कोई काम लम्बित न रहे और सुनिश्चित बना ले कि उसमे कोई लीकेज या दरार बाकी नही है | छत या टैरेस फ्लोर की जांच करे कि कोई लीकेज या दरार तो नही है | यदि हो तो तुंरत ठीक करवाए | शुरुवाती मरम्मत के बाद आप Waterproof Coating लगवा सकते है ताकि दरारों से लीकेज की सम्भावना खत्म हो जाए | छत पर ढीली या गायब टाइल्स को दोबारा लगवाए | कही सीलन के निशानों के लिए छत की भीतर की तरफ से भी जांच कर ले |

02 छत से पानी निकास वाले पाईपो की सफाई

छत से बारिश के पानी की निकासी के लिए कोनो में पाइप लगे होते है जिनसे होकर पानी छत से नीचे घर से बाहर निकल जाता है | यह पानी गटर ,नाली या सड़क पर निकलता है या इसको भूमिगत टैंक में जमा भी किया जाता है | छत पर पानी के भराव को रोकने के लिए इनकी सफाई मानसून से पहले ही कर ली जाए तो महंगी मरम्मत पर खर्च से बचा जा सकता है | इन पाइपो के मुह को लिफाफे ,पत्ते या अन्य तरह का कूड़ा बंद कर सकता है या इनके बीच जाल फंसा रह सकता है | मानसून से पहले तथा नियमित रूप से इनकी सफाई करे ताकि छत पर पानी खड़ा न हो सके जिससे छत और दीवारों को बड़ा नुकसान पहुच सकता है |

03 बाहरी दीवारे

दीवारों से पानी का रिसाव आमतौर पर भारी बारिश के दौरान होता है | ऐसा स्थानीय मौसम के अनुरूप दीवार को पर्याप्त मजबूती से तैयार करने पर हो सकता है | इसे सुधारने के लिए अतिरिक्त प्लास्टर ,आवरण ,चढ़ाने या वाटरप्रूफ पेंट आदि को प्रयोग किया जा सकता है |

04 भीतरी दीवारों पर भी ध्यान दे

किसी भी तरह से भीतरी पेंटिंग कार्य को शूरू करने से पहले पेंटर से नमी स्तर की जांच करने को कहे | ऐसा moisture meter की मदद से किया जा सकता है |  यदि दीवारों में नमी अधिक हो तो उसका ट्रीटमेंट Waterproof उत्पादों से करवाए | इससे दीवारों के गीले होने पर भी पेंट पपड़ी के रूप में उखड़ेगा नही | साथ ही इससे दीवारों की सतह समतल हो जायेगी ,जिससे पेंट सरलता से किया जा सकेगा तथा वह अधिक सुंदर भी दिखाई देगा | दीवारों या छत से कही भी दरार दिखाई देने पर उसे सीमेंट या POP से तुरंत भरवा दे ताकि पानी लीक न हो सके |

05 हवा की गुणवता पर नजर

भारी बारिश से घर के भीतर उमस भर जाती है |इससे फफूंद एवं बैक्टीरिया को पनपने में सहायता मिलती है जो घर के भीतर दूषित तत्व छोड़ते रहते है | नमी तथा उमस चीजो के रासायनिक तत्वों को भी प्रभावित करती है जिससे कमरों में हवा दूषित होती है |नमी दूर करने के लिए तथा चीजो की इसके दुष्प्रभावो से रक्षा करने के लिए तापमान एवं हवा की निकासी का उचित प्रबंधन करना जरुरी है |अधिक उमस वाले कमरों में Air purifier , Ventilators या Dehumidifier लगवाए जा सकते है | घर में हवा की आवाजाही का पर्याप्त बन्दोबस्त करके नमी के स्तर को कम किया जा सकता है | भीतर रखे पौधों को भी इस मौसम में बाहर रखने की जरूरत है क्योंकि वे भी नमी को जमा करने का काम करते है |

06 बिजली के झटको से सुरक्षा

इस मौसम में बिजली के तारो तथा इलेक्ट्रिकल कनेक्शनों की जांच करवा लेना भी महत्वपूर्ण है \ इससे सुनिश्चित हो जायेगा कि घर के किस हिस्से में होने वाली लीकेज से कही बिजली की तारो से होकर दीवारों या स्विच बोर्ड में करंट न आने लगे | Wiring में किसी भी तरह की खराबी को तुंरत ठीक करवाए ताकि शोर्ट सर्किट की सम्भावना को दूर किया जा सके | सही ढंग से Earthing तथा प्रत्येक Power Board के लिए अलग अलग फ्यूज लगवा कर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है | घर में किसी भी तरह के जीर्णोद्धार के काम को मानूसन का मौसम खत्म होने तक टाल देना बेहतर होगा |

07 फर्नीचर की देखभाल

फर्नीचर को भी मानसून के दौरान ख़ास देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि मौसम में बदलाव की वजह से फर्नीचर पर भी असर होता है | इससे फर्नीचर के जोड़ खुल सकते है और उनकी लेमिनेशन आदि उखड़ सकती है |फर्नीचर को पोलिश करवा कर तथा लकड़ी के फर्नीचर में Waterproof गोंद लगवाकर इसे फफूंद आदि से बचाया जा सकता है | रॉट आयरन फर्नीचर को जंगरोधी पेंट से रंग करवाए | कीमती paintings को दीवारों पर ना टाँगे तथा फर्नीचर को उनसे सुरक्षित दूरी पर रखे |

08 फर्श एवं कार्पेट

बारिश के मौसम में लकड़ी के फर्श की सुरक्षा के लिए उस पर मोम की कोटिंग करने की जरूरत होती है | कारपेट ,खासकर जो दीवारों पर लगे हो vacuum cleaner  से साफ़ किया जा सकता है | ऐसा करने से उनमे से न केवल धुल बल्कि नमी भी दूर हो जायेगी जिसकी वजह से दुर्गन्ध पैदा हो सकती है |

Some other Important Tips

  • अगर आपने कमरों के फर्श पर फैंसी कालीन बिछा रखे है तो उन्हें उठा कर रोल करके प्लास्टिक के लिफाफों में डाल कर सुखी जगह स्टोर कर दीजिये | बरसात की नमी उन्हें बर्बाद कर देगी | बांस के मैट का प्रयोग कालीन की जगह पर कर सकते है |
  • लकड़ी के फर्नीचर भी हवा में अधिक नमी की वजह से प्रभावित हो सकता है इसलिए हो सके तो इसे भी दूर रखे | यदि आपके यहा चमड़े के कवर वाले सोफे है तो इनकी भी विशेष देखभाल की जरूरत है |
  • यदि खिडकिया को कसकर बंद करने के बावजूद बारिश का पानी रिस कर भीतर आ रहा हो तो खिड़की के अस्तर पर रबड़ लाइनिंग लगाये जो किसी भी खाली जगह को भर देगी |
  • अगर घर में किसी भी तरह के पौधे गमलो में लगा रखे है तो इस मौसम में उन्हें बारह रख दे क्योंकि वे घर के भीतर नमी में वृधि करते है | चाहे तो अंदर नकली पौधे भी रख सकते है |
  • अलमारी एवं कपड़ो के बीच नीम के पत्ते आयर लौंग रखे जो कीड़ो को दूर रखेंगे |
  • रुके हुए पानी में मच्छर सरलता से पनपते है किसी भी तरह से अंदर या घर के आसपास पानी जमा ना होने दे |
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