अच्छी आदते अपनाए कामयाबी पाए | How to Get Success in Hindi

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How to Get Success in Hindi
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कुछ अच्छी आदते हमे बचपन से ही सिखाई जाती है जो हमारे जीवन को आसान बनाती है और कामयाबी दिलाती है | जैसे कि बडो का सम्मान करना , छोटो को प्यार करना , जरूरतमंद इन्सान का सहयोग करना ,सुबह जल्दी उठना , व्यायाम करना ,अच्छे कार्य करना ,मधुर वाणी बोलना ,किसी से अपशब्द न बोलना , अच्छा आहार व्यवहार करना , अच्छे कार्य करना ,समय का सदुपयोग करना , किसी को भी तन मन धन से नुकसान न पहचाना ,नशा न करना ,ईमानदारी से जीवन व्यतीत करना आदि | इससे समाज में इज्जत भी होगी और आप सफल भी होंगे |

सफलता और असफलता का सिलसिला तो जिन्दगी में धुप और छाव की तरह चलता रहता है | कुछ लोग थोड़े से ही अपडाउन में घुटने टेक देते है फिर पुरी जिन्दगी असफलता का बोझ कंधे पर ढोते है जिसका हर्जाना खुद तो भुगतते ही है साथ ही परिवार वालो को भी भुगतना पड़ता है | इंसान की फितरत है कि वह असफल हो जाने पर अपनी इस नकायाबी का जिम्मेदार किसी ओर को ठहराने लगता है | अगर वह अपनी गलती परिचितों और दोस्तों और थोपने के बजाय अपनी गलती मानकर उन्हें सुधर कर आगे बढ़े तो भविष्य में सफलता के चांस बढ़ जाते है | खराब आदतों को जितना जल्दी हो सके छोड़ देना चाहिए और अच्छी आदतों को अपने जीवन में लेना चाहिए | अच्छी आदतों को अपने जीवन में कैसे उतारे आइये जानते है

01 सकारात्मक नजरिया रखे

नामुनकिन जैसे विचार मन में आने लगे ,सोच लेना की यहा नजरिया बदलने की जरूरत है | यदि जिन्दगी में कुछ करना चाहते हो तो नामुनकिन शब्द को अपनी जिन्दगी के शब्दकोष से निकाल फेंको | हर अविष्कार को दुनिया वालो ने नामुनकिन ही बताया था लेकिन फिर भे वो हुए | जो लोग काम को करने से पहले ही काम को नामुनकिन मान लेते है वे लोग पहले ही मन में ना होने की धारणा बना लेते है फिर वो कार्य नही हो सकता | कई लोग भूतकाल की असफलता को लिए फिरते है जिसकी वजह से सफलता की आहट को नही सुन पाते | अगर आप भूतकाल की असफलता से सीख लेकर आगे बढना चाहते हो तो आज में जीना सीखो और अपना नजरिया बदलो |

02 बजट के अनुरूप चले

हर इंसान अच्छी जिन्दगी जीना चाहता है लेकिन अच्छी जिन्दगी जीने के लिए अपने बजट को न बिगाड़े | कई लोग किस्तों पर सामान खरीदते जाते है और उतना कर्ज सिर पर रख लेते है की फिर वो लोग उस ऋण को ही नही उतार पाते या उसका ब्याज भरने में ही सारी कमाई चली जाती है | प्लानिंग करके नही चलते जिसकी वजह से तनाव बना रहता है |

जिन्दगी खुलकर जीए पर अपव्यय न करे ,दुसरो के दिखावे में आकर अपना बजट न बिगाड़े | कई लोगो में देखा जाता है कि वो दुसरो को देख खास तर विवाह शादी या बड़ा मकान बनाने के चक्कर में आकर अपना बजट बिगाड़ लेते है | फिर पुरी जिन्दगी कर्ज सर पर लिए फिरते है | आज की महंगाई में ये सबसे बड़ी टेंशन है जिससे अधिकतर मध्यमवर्गीय लोग गुजरते है | किसी महान इन्सान ने कहा है कि खुश रहना चाहते हो तो आय बढाओ खर्चे नही | आय से अधिक खर्चे बढ़ेंगे तो टेंशन नही बढ़ेगी |

03 अवसर पहचाने

कई बार अवसर समस्या के रूप में आते है | उन्हें पहचान कर स्वयं को उनके लिए परिवर्तित कर लेना ही समझदारी है | कभी भी देखना कि हर बुराई में कुछ न कुछ भलाई छिपी रहती है लेकिन हमारी समस्या ये है कि हम अपने लक्ष्य के प्रति उत्साहित तो बहुत होते है लेकिन उन्हें पाने के लिए मेहनत उतनी नही करते जितनी जरुरी है | ये बात मन में बिठा लो कि कुछ भी हासिल करने के लिए ज्यादा जरुरी है कड़ी मेहनत | कड़ी मेहनत के बिना आप किसी भी लक्ष्य को पाना तो दूर उसके सपने भी मत देखना |

04 जोखिम लेने से न डरे

जो लोग जोखिम लेने से डरते है वे जिन्दगी में कभी कोई बड़ा मुकाम हासिल नही कर पाते | जीवन में मिलने वाली सफलताओं का दरवाजा ही बंद कर लेते है | मेरे हिसाब से तो सफलता की पहली शर्त है जोखिम लो | आप ही बताइए जो कुछ भी करते है सिर्फ अपने लिए ना ? पढ़ते है काम करते है शादी करते है मकान बनाते है बच्चे और फिर इन्हें पढाकर कामयाब किस लिए करते है ? बताओ कोई गारंटी है कि जो आप ये इतनी मेहनत कर रहे हो आप इनका सुख ले पाओगे ? कुछ लोग कहते है कि मै ये नही कर सकता | क्यों नही कर सकते ? जब आप इस तरह सोचते है तो आप पर निराशावादी विचार धारा हावी रहती है | निराशावादी विचारधारा इंसान को असफलता की तरफ धकेलती है और आशावादी विचारधारा इंसान को सफलता की राह प्रशस्त करती है |

05 कोई भी कार्य कल पर न टाले

ये बात आप जानते हो कि जो काम कल पर टाल रहे हो उसकी कोई गारंटी नही है कि कल भी उस कार्य को करोगे या नही लेकिन फिर भी गलत आदत की वजह से कई कार्यो को कल पर टाल देते है क्यों ? क्योंकि उससे होने वाले नुकसान पर ध्यान ही नही जाता | ये लापरवाही सफल होने में रोड़े अटकाती है | कार्य को कल पर टालने के आप के पास हजारो बहाने हो सकते है लेकिन करने के लिए एक ही वजह काफी है कि ये काम आज ही करना है | आज का दिन इसे करने के लिए बेहतर है |

कल पर टालने का मतलब है कि आप उस कार्य को करना ही नही चाहते | कई कार्य तो ऐसे भी टाल देते है जिनमे बहुत ही थोडा समय एवं परिश्रम लगता है | कई चीजो को अन्धविश्वासी होने की वजह से टाल देते है किसी समय को सही और किसी समय को गलत मानते है | कई काम इसलिए भी टाल देते है कि आज हमारा मुड नही है | कुछ भी कहो ये गलत आदत बन गयी है | ये भूल जाते है कि अच्छा वक्त हमारे मुड को देखकर नही आएगा | समय हाथ से रेट की तरह फिसल जाता है जो दुबारा लौटकर वापस नही आता सिर्फ पछतावा रह जाता है |

06 वादों को नुकसान उठाकर भी पूरा करे

कई लोग वादे तो बड़े बड़े कर देते है पर उन्हें निभाते नही है | जिससे विश्वास टूटता है कई बार रिश्ते तक टूट जाते है | अगर आप लोगो के निगाह में विशवासपात्र बनना चाहते है ये चाहते हो कि लोग आप पर विश्वास करे तो जो वादे आपने किये है अगर उससे आपका नुकसान भी होता है तो भी उसे पूरा करे | कहते है कि अगर जीवन में सफलता चाहते है तो हाथ के सच्चे ,जुबान के पक्के ,समय के पाबन्द हो जाओ | बिना नफा नुकसान जाने कभी कोई वादा ही न करे अगर कर दिया तो उसे हर हाल में निभाये | तभी तो कहा गया है कि भावुकता में कोई वादा ना करे और गुस्से में कोई फैसला न करे |

07 घर परिवार को नजरअंदाज न करे

जिन्दगी हर समय किसी न किसी उलझन में उलझाती रहती है | उस उलझन में और कामयाबी पाने के चक्कर में घर परिवार और समाज वालो से दूर होते जाते है | ये भूल जाते है कि पैसा किसलिए कमाते है ? घर परिवार और समाज में एक मुकाम हासिल करने के लिए ? जब परिवार वाले ही पीछे छुट जायेंगे समाज से ही कट जायेंगे फिर कामयाबी किस के लिए ? कामयाबी किस के साथ मनाएंगे ? खुशी मनाने के लिए अपने ही लोग चाहिए | दोस्त और रिश्तेदार थोड़ी ही देर साथ निभाते है | इंसान भावुक प्राणी है इसलिए हमेशा ही दोस्तों एवं परिवार वालो को सहारा चाहिए इसलिए जितना भी समय मिले उनसे मिलते रहिये |

08 छोटी से छोटी खुशी को मनाये

जिन्दगी की भागदौड़ में टेंशन ज्यादा है सुकून कम इसलिए जिन्दगी में जो भी खुशी मिले उसे एन्जॉय करो | कहते है न खुशी बांटने से बढती है तो बाँटो और खुशियाँ बढाओ | आज का इन्सान खुश रहना ही भूल गया है | हर इंसान के दिमाग में एक कीड़ा घुस गया है और वो कीड़ा है टेंशन जिसने सबकी नींद छीन ली है | अगर इस टेंशन को निकाल दे तो इंसान बहुत खुश रह सकता है और ये निकलेगा तब ह=जब हम दुसरो से कम्पेयर करना छोड़ देंगे  ,हमेशा अपनों से नीचे वालो को देख कर जियेंगे तभी खुश रह सकेंगे | ऐसे कई लोग होते है जिन्हें देखकर मन में हलचल मच जाती है ऐसे लोगो से दूरी  बना ले |

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