GST से घबराइये नही , बड़ी आसानी से समझिये | GST Guide in Hindi

GST Guide in Hindi
GST Guide in Hindi

GST लागू हो गया है | देश का सबसे बड़ा Tax बदलाव कारोबार , बिजनस , खरीददार सबकी Life पर असर डालेगा इसलिए अब इससे बचने और आँख चुराने का फायदा नही | इससे घबराइये नही क्योंकि इसे समझना इतना मुश्किल भी नही है | GST की ABCD को आसान भाषा में ऐसे समझिये |

GST क्या है ?

Goods and Service Tax इसे हिंदी में वस्तु और सेवा कर कहा जाता है | यह एक तरह का Value Added Tax है जो Goods and Service में जब जब वैल्यू जुडती है उसके हर स्तर पर लगता है यानि अगर गुड्स या सर्विस में कोई वैल्यू जुडी है तो उसके मुताबिक़ उतना Tax जुड़ जाएगा |

GST का असर

दावा है कि इससे Tax System की खामियाँ दूर होगी | खासतौर पर इसका मकसद Tax पर टैक्स को खत्म करना है | GST लागू होने के बाद तमाम तरह के दुसरे टैक्स हट जायेंगे | पहले होता था कि आप अगर MPमें रहते है और तमिलनाडू की बनी कार खरीदते है तो आपके उपर दोहरा टैक्स लगता था एक तो तमिलनाडू का टैक्स , केंद्र का टैक्स यानि Exercise Duty  और MP का बिक्री कर | लेकिन अब आपको सिर्फ एक ही टैक्स देना होगा | GST के दो बराबर हिस्से होंगे , एक केंद्र का होगा , दूसरा राज्य का जहा आइटम बेचा गया है |

Input Tax Credit क्या है ?

सप्लाई चैन के स्तर पर आइटम की जितने वैल्यू बढती है सिर्फ उस पर टैक्स लगता है यानि पहले के स्तर पर जो टैक्स दिया गया है उसकी वापसी क्लेम में की जा सकती है | मान लीजिये कपड़े बनाने वाली कम्पनी ने कच्चा माल खरीदते वक्त जो टैक्स दिया था वो रिटर्न फाइल करते वक्त उसका रिफंड क्लेम कर सकता है | इसी तरह कोई सर्विस प्रोवाइडर मान लीजिये D2H कम्पनी है तो वो अपने प्रोडक्ट में इस्तेमाल आइटम जैसे डिश एंटेना की खरीदी में दिए गये टैक्स को रिफंड का क्लेम कर सकती है |

GST कौन देगा ?

ऐसे कारोबारी , मेनूफैक्चरर और ट्रेडर जिनका सालाना टर्न ओवर 20 लाख रूपये से ज्यादा है यानि इस लिमिट के नीचे वाले कारोबारियों को GST registration कराने की जरूरत नही | पूर्वोतर और विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए यह लिमिट 10 लाख रूपये है लेकिन अंतर्राज्यीय कारोबार के लिए कोई लिमिट नही है इसमें GST लगेगा |

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *