आजादी के 100 महान नायक , जिनके योगदान को नही भुला सकते हम | Freedom Fighters of India in Hindi

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Freedom Fighters of India in Hindi
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मित्रो आज स्वाधीनता दिवस है और भारत की आजादी को 71 वर्ष पुरे हो चुके है | आप सभी जानते हो कि यह आजादी हमे कितनी मुश्किलों से मिली है | इसे हासिल करने के लिए देश के सपूतो ने अपने जीवन का एक-एक कतरा लगा दिया था | मित्रो हमने अपने इस ब्लॉग के माध्यम से अनेको महापुरुषों की जीवनियाँ आप तक पहुचाई है जिनमे से हमने लगभग सभी सवाधीनता सेनानियों के बारे में हमने आपको विस्तार से बताया है इसलिए जिनके जीवनी के बारे में हमने बता दिया है उनके लिंक पर जाकर उनकी जीवनी से विस्तार से पढ़ ले | आइये अब स्वाधीनता सेनानियों की सूची से आपको रूबरू करवाते है |

    1. महात्मा गांधी
    2. भगतसिंह
    3. चंद्रशेखर आजाद
    4. सुभाष चन्द्र बोस –नेताजी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे | द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिए उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिन्द फ़ौज का गठन किया था | उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा , भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया और आज भी वही है |
    5. जवाहरलाल नेहरु
    6. बाल गंगाधर तिलक – बाल गंगाधर तिलक भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे | सबसे पहले पूर्ण स्वराज की मांग करने वाले तिलक ही थे | इनका दिया हुआ नारा आज भी हमे याद है कि स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मै इसे लेकर रहूँगा|  s
    7. वल्लभभाई पटेल
    8. विनायक दामोदर सावरकर
    9. बटुकेश्वर दत्त
    10. दुर्गावती देवी
    11. रास बिहारी बोस
    12. रामप्रसाद बिस्मिल
    13. गणेश दामोदर सावरकर
    14. भीमराव अम्बेडकर
    15. खुदीराम बोस
    16. अशफाक़उल्ला खा
    17. मदन लाल ढींगरा
    18. एनी बीसेंट
    19. लाला हरदयाल
    20. अल्लूरी सीताराम राजू
    21. माखनलाल चतुर्वेदी
    22. बिरसा मुंडा
    23. हेमू कालाणी
    24. सुखदेव
    25. राजगुरु
    26. दादाभाई नौरोजी
    27. भीकाजी कामा
    28. गोपाल कृष्ण गोखले
    29. बिपिन चन्द्र पाल
    30. लाला लाजपत राय
    31. मोतीलाल नेहरु
    32. राममनोहर लोहिया
    33. मौलाना अबुल कलाम आजाद
    34. सरोजनी नायडू
    35. डा.राजेन्द्र प्रसाद
    36. शहीद उधम सिंह
    37. लाल बहादुर शास्त्री
    38. मंगल पांडे
    39. टीपू सुल्तान
    40. बहादुर शाह जफर
    41. बाबू कुंवर सिंह
    42. आचार्य कृपलानी
    43. रानी लक्ष्मीबाई
    44. कस्तूरबा गांधी
    45. चितरंजन दास
    46. सी.राजगोपालाचारी
    47. मदन मोहन मालवीय
    48. खान अब्दुल गफ्फार खान
    49. हेमू कालानी
    50. अनंत लक्ष्मण कन्हेरे
    51. अम्बिका चक्रवती
    52. जयप्रकाश नारायण
    53. प्रफुल्ल चाकी
    54. करतार सिंह सराभा
    55. अरुणा आसफ अली
    56. कमला नेहरु
    57. बीना दास
    58. सूर्या सेन
    59. राजेन्द्र लाहिड़ी
    60. सर अरविन्द घोष
    61. तात्या टोपे
    62. नाना साहब
    63. बेगम हजरत महल
    64. पंडित बालकृष्ण शर्मा
    65. लक्ष्मी सहगल
    66. सागरमल गोपा
    67. महादेव गोविन्द रानाडे
    68. पुष्पलता दास
    69. गरिमेला सत्यनारायण
    70. जतिंद्र मोहन सेन गुप्ता
    71. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
    72. पोट्टी श्रीराममल्लू
    73. कनेगंती हनुमंतु
    74. पर्बत गिरी
    75. वेलु नाचियार
    76. सेनापति बापट
    77. नीलीसेन गुप्ता
    78. तारा रानी श्रीवास्तव
    79. सुचेता कृपलानी
    80. कुशल कंवर
    81. पीर अली खान
    82. मतंगिनी हजरा
    83. कमलादेवी चट्टोपाध्याय
    84. राजकुमारी गुप्ता
    85. अबादी बानो बेगम
    86. रानी चिन्म्मा
    87. तिरुपुर कुमारन
    88. गोविन्द वल्लभ पन्त
    89. मौलवी बरकतुल्ला
    90. भाई परमानन्द
    91. अनंत लाल सिंह
    92. कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी

वैसे तो मित्रो देश को स्वतंत्र कराने में पुरे देशवासियों का योगदान भी महत्वपूर्ण था लेकिन हमने उन्ही स्वाधीनता सेनानियों के बारे में आपको बताया है जिनके बारे में जानकारी उपलब्ध है | कई ऐसे देशभक्त थे जो गुप्त तरीको से आजादी की लड़ाई में भाग लेते रहे और बिना चर्चा में आये शहीद हो गये | भारत की जेलों में अनेको स्वतंत्रता सेनानियों में गुमनामी में रहते हुए अपने आप को बलिदान कर दिया | ऐसे अनगिनत शहीदों को हमारा सलाम | भारत माता के इन महान शहीदों को नमन करने के लिए कमेंट में जय हिन्द लिखकर उन्हें जरुर याद करे |

भारत के स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार पटेल का जन्म नाडियाद , गुजरात में हुआ था | स्वतंत्रता आन्दोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेडा संघर्ष में हुआ | गुजरात के खेड़ा खंड उन दिनों भयंकर सूखे की चपेट में था | किसानो ने अंग्रेज सरकार से भारी कर में छुट की मांग की | जब उनकी यह मांग स्वीकार नही की गयी तो सरदार पटेल ,गांधीजी एवं अन्य लोगो ने किसानो का नेतृत्व किया और उन्हें कर न देने के लिए प्रेरित किया | अंत में सरकार झुकी और उस वर्ष करो में राहत कर दी गयी | बारदोली

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