Home निबन्ध ईद-उल-फितर पर निबंध | Eid ul Fitr Essay in Hindi

ईद-उल-फितर पर निबंध | Eid ul Fitr Essay in Hindi

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ईद-उल-फितर पर निबंध | Eid ul Fitr Essay in Hindi
ईद-उल-फितर पर निबंध | Eid ul Fitr Essay in Hindi

“ईद” (Eid ul Fitr) मुसलमानों का त्यौहार है | ईद का त्यौहार वर्ष में दो बार मनाया जाता है | ईद-उल-फितर (Eid ul Fitr) प्रसन्नता  ,समानता एवं भाईचारे का त्यौहार है | “ईद” अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है प्रसन्नता और खुशी | “फितर” का अर्थ है फितरा अदा करना | मुहम्मद साहब ने इस्लाम के पांच स्तम्भ बनाये है  “नमाज ,रोजा , जकात ,हज और ईमान “| इनमे से रोजा पावन व्रत है | मुसलमानो का धार्मिक कैलेन्डर चाँद के महीने के हिसाब से चलता है और चाँद का नवा महीना रमजान का महीना होता है | इस महीने में मुस्लिम एक माह रोजा (उपवास) रखते है | रोजा महीने के प्रथम चन्द्रदर्शन से आरम्भ करते है और महीने के अंत में चन्द्रदर्शन करके इसे पूरा करते है |

रोजा रखने वाले सूर्य उगने से पहले कुछ खा-पी लेते है | तत्पश्चात वे नमाज पढकर अपने दैनिक कार्यो में व्यस्त हो जाते है | संध्या को सूर्य छिप जाने के बाद रोजा खोल लिया जाता है | उस समय वे हल्का भोजन करते है | रोजा एक ऐसी इबादत है जिसके जरिये रोजेदार अपने समाज के उन गरीब लोगो की मजबूरियों को महसूस कर पाता है जिन्हें दो वक्त की रोटी भीं नसीब नही होती | मुसलमानो के धार्मिक कैलेन्डर के अनुसार चाँद कभी 29 दिन तो कभी 30 दिन में दिखाई देता है | नया चाँद दिखने पर मुसलमान खुशियां मनाते है | ईद-उल-फितर रोजे समाप्ति का दूसरा दिन होता है |

ईद (Eid ul Fitr) की सुबह बच्चे ,युवा और वृद्ध सभी नये कपड़े फन ईदगाह में नमाज पढने जाते है | नमाज पढने के बाद आपस में गले मिलकर एक दुसरे को ईद की मुबारकबाद देते है | ईद के अवसर पर बुजुर्ग , बच्चो को ईदी के नाम से कुछ रूपये देते है | ईद-उल-फितर का एक अर्थ खैरात देना भी है | ओस दिन प्रत्येक मुसलमान दान या खैरात देना अपना धर्म समझता है | दान देते हुए ध्यान रखा जाता है कि दान जरूरतमंद व्यक्ति को ही मिले ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी ईद का त्यौहार मना सके |

ईद (Eid ul Fitr) पर प्रत्येक घर में खीर और सेवइयाँ बनाई जाती है इसलिए ईद को मीठी ईद कहते है | ईद का त्यौहार सभी के लिए समानता का संदेश लाता है | यह महान सामूहिक तपस्या की सामूहिक पूर्णाहुति है | नये चाँद के दिखने पर अगले दिन ईद-उल-फितर का त्यौहार समानता का संदेश लिय हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है | यह त्यौहार मुस्लमानो के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पुरे महीने तक व्रत रखने और प्रार्थना करने से शरीर ,आत्मा और मन सभी शुद्ध एवं पवित्र हो जाते है | यह पर्व मनुष्यों में ईश्वर की भक्ति और पवित्रता की भावना उत्पन्न करता है | यह प्रेम और सौहार्द का त्यौहार है | यह आनन्द का अल्लाह को धन्यवाद देने का और उनकी इबादत करने का दिन होता है |

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