पृथ्वी दिवस पर जाने अपनी धरा को बचाने के तरीके | Earth Day Tips in Hindi

Earth Day Tips in Hindi
Earth Day Tips in Hindi

भारत में धरती को माँ का दर्जा दिया गया है क्योंकि यह माँ की तरह हमारा लालन-पालन करती है हमारे लिए अन्न उपजाती है सभी जीव-जन्तुओ को आसरा देती है हम भी अपनी धरती माँ का पूरा ख्याल रखे इसी जागरूकता के लिए प्रतिवर्ष 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस (Earth Day) मनाया जाता है | आइये आज पृथ्वी दिवस (Earth Day) के मौके पर आपको अपनी धरा बचाने के तरीके बताये |

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पृथ्वी पर मौजूद पेड़-पैधो और जीव-जन्तुओ को बचाने और दुनियाभर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढाने के लक्ष्य के साथ 22 अप्रैल 1970 को पहली बार अमेरिका में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया था | इस दिन को मनाने का मकसद था राजनितिक स्तर पर पर्यावरण संरक्ष्ण संबधी नीतियों को अमल में लाने के लिए दबाव बनाना | 22 अप्रैल 1990 में विश्व पृथ्वी दिवस (Earth Day)  के 20वे जन्मदिन पर 141 देशो में दो करोड़ से ज्यादा लोगो ने हिस्सा लिया | तब से आज तक हर साल दुनियाभर में पर्यावरण प्रेमी और सरकारे धरती को हरा-भरा बनाये रखने के लिए अपने अपने स्तर पर कार्य करते है |

होम अवेयरनेस प्रोग्राम

  • HOPE संस्था देश में पर्यावरण के प्रति बच्चो को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है |
  • बच्चो और युवाओं को मिलाकर 40 दल बनाये गये है जिसमे से हर दल में करीबन 25-30 बच्चे शामिल है |
  • Global Warming , पर्यावरण स्वच्छता , जल संरक्षण , पौधा रोपण जैसे कार्यक्रमों में बच्चो की भागीदारी सुनिश्चित करती है ताकि बच्चो को इसका महत्व पता चल सके |
  • हर वर्ष Plantation Program में एक बच्चा 10 पौधे लगाता है पिछले वर्ष बच्चो ने गाँव में जाकर 15 हजार पेड़ लगाये थे |
  • 2013 से संस्था की तरफ से पोलीथिन बंद करो अभियान चलाया रहा है | इस वर्षअर्थ डे पर कई गाँवों और शहरों में पोलोथिन के दुष्प्रभाव पर चर्चा करेंगे |
  • पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सिटीजन फाउंडेशन ने अब तक कई रेलिया ,पेंटिंग प्रतियोगिता ,प्लांटेशन प्रोग्राम आयोजित किए है | IWMP प्रोजेक्ट के तहत युवाओ द्वारा सोलर एनेर्जी के बारे में जागरूक किया जा रहा है |
  • झारखंड राज्य प्रदुषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में 5000 बच्चो ने भाग लिया जिसमे सर्वश्रेष्ठ 200 पेंटिंग को पुरुस्कृत किया गया |
  • नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत बच्चो ने हजारो पेड़ लगाये , 3000 से ज्यादा बच्चो ने एक साथ रैली निकाली |

छोटे कदम बड़े फायदे

  • पोलीथिन प्रयोग मत करो , बाजार जाते समय बैग साथ ले जाओ
  • कागज के दोनों तरफ लिखो
  • खाली जार या गिलास को सजाकर पैन स्टैंड बनाओ
  • पैकिंग में ज्यादा पेपर खराब मत करो
  • टीवी , पंखा , फ्रिज आदि व्यर्थ मत चलने दो
  • पानी बर्बाद मत करो और जो करे उसे मना करो
  • अपने माता-पिता से कहकर , जहा तक हो सके घर के बगीचे में पौधे लगाओ
  • थाली में खाना मत छोड़ो
  • खाना अगर बच जाए तो किसी गरीब को दे दो
  • सब्जियों के बचे वेस्ट को पालतू जानवरों को दे दो लेकिन ध्यान रहे पोलीथिन में न हो

धरती की समक्ष बड़ी चुनौतिया

  • जनसंख्या बोझ – दुनिया की आबादी 7 अरब है वर्ष 2050 तक यह 9 अरब हो जायेगी | यही रफ्तार रही तो अगले 40 साल में दस में सिर्फ एक व्यक्ति को ही भरपेट भोजन मिल पायेगा | अत: इस पर काबू पाना ही होगा |
  • तपती धरती – ग्लोबल वार्मिंग से धरती का तापमान 1880 के बाद करीब 1 डिग्री बढ़ चूका है | वातावरण में CO2 नवम्बर 1958 में 313.34 मिलियन थी यह 2009 में करीब 387.41 मिलियन हो गयी |
  • पिघलते ग्लेशियर – ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे है | आकर्टिक ध्रुव पर सिर्फ 27 ग्लेशियर ही बचे है जबकि 1990 में 150 थे |
  • घटते जंगल – नासा के मुताबिक़ वर्तमान में हर साल करीब 3.5 करोड़ एकड़ जंगलो की कटाई होती है जंगल कटने के कारण कागज ,तेल ,मोम ,रंग औषधि आदि है | हमे पेड़ की कटाई कम करने के लिए इन वस्तुओ के दुरूपयोग से बचना चाहिए |
  • बंजर जमीन – मिटटी के उपरी परत हर साल 25 अरब टन कम हो रही है यह जमीन को उपजाऊ बनाती है | इसमें 13 महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते है जो पानी में मिलने के बाद पेड़-पौधों और फसल को विकसित करते है | इसके नष्ट होने पर जमीन बंजर होती जा रही है |
  • खत्म होते संसाधन – हर साल करीब 8.1 करोड़ बैरल तेल का उत्पादन होता है वर्ष 2030 तक यह घटकर करीब 3.9 करोड़ बैरल हो सकती है |
  • प्रदुषण – 1950 में प्लास्टिक का प्रयोग 50 लाख टन था जो आज करीब 10 करोड़ टन है | 1950 में 50 लोगो पर एक कार होती थी वर्तमान में 12 लोगो पर एक कार होती है |
  • बिन पानी सब सुन – करीब एक अरब लोगो को पीने का साफ़ पानी नही मिलता | 2050 तक करीब तीन अरब लोग बिना पानी या कम पानी में गुजारा कर रहे होंगे |
  • स्वास्थ्य संकट – धरती पर अभी जीव-जन्तुओ की करीब एक करोड़ प्रजातियाँ है अगले 20 साल में इनकी संख्या आधी हो सकती है |

निवारण

  • देश के 40-50 करोड़ बच्चे या युवा ही हर महीन सिर्फ एक पौधा लगाये तो हर साल करीब 480 करोड़ पौधे लग जायेंगे |
  • कम्प्यूटर , टीवी ,फ्रिज आदि उपकरण जरूरत न होने पर ऑफ़ करके बिजली बच सकती है |
  • पुराने बल्ब और ट्यूबलाइट की जगह CFL और LED का उपयोग कर चार गुना बिजली बच सकती है |
  • स्टार रेटेड उपकरण के सही उपयोग से काफी हजारो यूनिट बिजली बच सकती है साथ ही करीब 50 मैट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन रुक सकता है |

 

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