भारत के सबसे लम्बे पुल भूपेन हजारिका सेतु से जुड़े 12 रोचक तथ्य | Bhupen Hajarika Setu Facts in Hindi

Bhupen Hajarika Setu Facts in Hindi
Bhupen Hajarika Setu Facts in Hindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत के सबसे लम्बे सेतु ढोला-सदिया सेतु (Bhupen Hajarika Setu) का लोकार्पण किया जो असम की लोहित नदी के उपर बना है | मोदी सरकार के तीन साल पुरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने इस उपलब्धि के साथ भारत को एक नई सौगात दी | आइये आज हम आपको इस सेतु से जुडी रोचक जानकारी सहित इससे जुड़े कुछ पहलुओ से रुबुरु करवाते है |

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  1. ढोला सदिया सेतु का नाम असम से आने वाले मशहूर गायक और गीतकार भूपेन हजारिका के नाम पर रखा गया है जिन्होंने संगीत के क्षेत्र में भारत को अपूर्व योगदान दिया है | उन्हें अपनी इस उपलब्धी के लिए पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे पुरुस्कारों से भी नवाजा गया है | 1926 में जन्मे इस महान गायक का निधन 2011 में हुआ था |

  2. भूपेन हजारिका पुल (Bhupen Hajarika Setu) का निर्माण तो तभी शुरू हो गया था जब असम में कांग्रेस सरकार थी | इस प्रोजेक्ट की लागत 950 करोड़ है

  3. 2015 में केंद्र सरकार ने सीमावर्ती राज्यों में सडक निर्माण सुधार में दिए गये 15 हजार करोड़ में भी इस प्रोजेक्ट को शामिल किया था |

  4. इस पुल (Bhupen Hajarika Setu) की लम्बाई 9.2 किमी है जो मुम्बई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक से 30 प्रतिशत ज्यादा लम्बा है |

  5. ये पुल (Bhupen Hajarika Setu) असम के सदिया ग्राम में स्थित है जो गुवाहटी से लगभग 540 किमी दूर है | ढोला-सदिया पुल का दूसरा एंड धोला में है जो अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर से 300 किमी दूर है |

  6. एक बार इस पुल के शुरू हो जाने के बाद से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच यात्रा की दूरी में चार घंटे तक का फर्क आ जाएगा |

  7. इस पुल (Bhupen Hajarika Setu) का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश में कोई एअरपोर्ट वर्तमान में चालु अवस्था में नही है इससे यात्री असम आकर विमान यात्रा कर सकेंगे |

  8. इस पुल को इस तरीके से बनाया गया है कि 60 टन के युद्ध टैंक का वजन भी सहन कर सकता है |

  9. इस पुल का रणनीति के आधार पर भी इसलिए महत्व ज्यादा है क्योंकि एक बार इस पुल के खुलने के बाद सेनाये अरुणाचल प्रदेश तक आसानी से और जल्दी पहुच सकेगी जो कि चीन की सीमा से लगा हुआ है |

  10. इस इलाके में बना यह पहला इतना मजबूत पुल है जो टैंक का वजन सहन कर पायेगा वरना सेनाओं को अरुणाचल प्रदेश तक पहुचने में काफी कठिनाई होती थी |

  11. अभी तक असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच एक छोटे से रोड के माध्यम से सम्पर्क था जो कि चीन के साथ विवाद बढने पर कारगर नही होता | वर्तमान में केवल बोट के जरिये ही ऐसा किया जा सकता था |

  12. भूपेन हजारिका सेतु (Bhupen Hajarika Setu) का रणनीतिक महत्व भी इसलिए ज्यादा है क्योंकि ये चीन की सीमा से मात्र 100 किमी की दूरी पर है |

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