Army Ants Facts in Hindi | सैनिक चींटियो से जुड़े रोचक तथ्य

Army Ants Facts in Hindi | सैनिक चींटियो से जुड़े रोचक तथ्य

Army Ants Facts in Hindiघर में जमीन पर कतार बनाकर चलती चींटी तो आप रोज देखते होंगे | ये इतनी छोटी होती है कि कई आपके पैरो के नीचे दबकर मर भी जाती है | ऐसे में चींटियो से डरना तो दूर के बात हो जाती है लेकिन सैनिक चींटी (Army Ant) के बारे में जानकर चींटियो के बारे में आपके सोच में जरुर बदलाव आएगा |

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दुनिया के सबसे खतरनाक इन्सेट्स में से एक

सैनिक चींटियो (Army Ants) को दुनिया के सबसे खतरनाक इंसेक्ट्स में गिना जाता है | ये हमेशा झुण्ड में रहती है और मिलकर शिकार करती है आपको कोई भी सैनिक चींटी (Army Ant) अकेली नही दिखाई देगी | चूँकि यह भी एक इन्सेक्ट है इसलिए इसके शरीर के भी तीन हिस्से सिर ,छाती और पेट होते है | इसके छह पैर होते है और सिर पर दो अन्टीना होते है | इनके जबड़े किसी धारदार कैंची से कम नही होते है जिनसे से ये मोटी चमड़ी वाले जीव को काट खाती है

सबसे आक्रामक और सक्रिय जीव

सैनिक चिंटीया (Army Ants) बहुत ही आक्रमक और सक्रिय होती है | ये सीधे अपने शिकार के सिर पर सवार हो जाती है और उन्हें पुरी ताकत के साथ काटना शुरू कर देते है | खासतौर पर इनके शिकार दुसरे कीड़े , मकौड़े ,छोटे सांप , छोटे जानवर और चिड़िया बनती है | यदि इंसान इनके रास्ते में आ जाए , तो ये उस पर भी हमला करने से नही चुकती है ये अक्सर दुसरी चींटियो और पक्षियों के घोंसले पर हमला करती है उनके अंडे चुरा लेती है |

घरेलू चींटियो और सैनिक चींटियो (Army Ants) में अंतर

सैनिक चींटिया (Army Ants) और हमारे घर में पाए जाने वाली साधारण चींटियों में सबसे बड़ा फर्क यह है कि घर में पाई जाने वाली चींटिया अपना घोंसला बनाती है और इसमें उनकी पुरी कॉलोनी बस्ती है इस जगह पर वे खाने के सामान इकट्ठा करने और अंडे देने का काम करती है लेकिन सैनिक चींटीया (Army Ants) कभी भी एक जगह नही ठहरती है ये लगातार बंजारों की तरह अपना ठिकाना बदलती रहती है और खाना इकट्ठा करने के बजाय इनके रास्ते में जो कुछ भी इन्हें  मिल जाता है इसे खाती चली जाती है |

लगभग दो से पांच करोड़ के झुण्ड में करती है हमला

ये (Army Ants) हमेशा विशाल झुण्ड में अपना सफर तय करती है इनका झुण्ड इतना खतरनाक होते है कभी कभी ये जिन्दा जीवो पर हमला कर देती है उन्हें जिन्दा ही खा जाती है | अफ्रीका के पायी जाने वाली सैनिक चींटीयो को सबसे खतरनाक माना जाता है इनके एक झुण्ड में करीब 2 से 5 करोड़ चींटियो होती है | सूखे के समय ये और अधिक खतरनाक हो जाती है और एक साथ भोजन की तलाश में निकलती है

सेना के स्पेशल सोल्जर की तरह रहती है अनुशाषित (Army Ants)

इनके झुण्ड सेना की टुकडियो की तरह कई हिस्सों में चलती है | सबसे मजेदार बात यह है कि ये अनुशासन में चलती है अर्थात एक लाइन में चलती है जिसे तरह देश के सेना में स्पेशल सोल्जर होते है उसी प्रकार चींटियो में भी स्पेशल सोल्जर होते है | यही इन चींटियो के सबसे आगे चलती है | इन स्पेशल सोल्जर के सिर बड़े होते है इनके जबड़े मी बहुत मजबूत होते है इनके रास्ते में आने वाली किसी भी जीव को ये नही छोड़ते है और उन्हें अपना शिकार बना लेते है

गर्म इलाको में पसंद करते है निवास

अफ्रीका ,एशिया , ऑस्ट्रेलिया , मध्य अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका में सैनिक चींटीया (Army Ants) पायी जाती है | ये चिंटीया गर्म इलाके मर रहना पसंद करती है | इनकी कई ऐसी प्रजातियाँ ऐसी भी है जो भयानक घने जंगलो में रहना पसंद करती है | ये हमेशा भारी मात्रा में खाने की तलाश करती रहती है और ऐसी जगहों पर इनकी जरूरते आसानी से पुरी भी हो जाती है

चार चरण में होता है जीवनकाल पूरा

सैनिक चींटीयो (Army Ants) के जीवनकाल में चार चरण होते है सबसे पहले यह अंडे के रूप में रहती है जिससे लार्वा निकलता है लार्वा प्यूपा में परिवर्तित होता है और बाद में व्यस्क चींटी बनती है | अंडे से जब लार्वा निकलता है तब इसके आँख और पैर नही होते है | यह बडो द्वारा लाये गये खाने से ही अपना पोषण करता है | साथ ही जब झुण्ड सफर पर रहता है तब इन लार्वा को झुण्ड के बाकी सदस्य उठाकर अपने साथ लेकर चलते है इनके अंडे दो तरह के होते है एक मादा सैनिक चींटी का जन्म होता है और दुसरे नर का | सामान्य सैनिक चींटी (Army Ant) के अंडे का अकार एक मिमी तक होता है लेकिन राने के अंडे इससे कई गुना ज्यादा बड़े होते है | मादा आर्मी एंट ही आगे चलकर रानी , वर्कर या सोल्जर बनती है |

कॉलोनी सिस्टम

सैनिक चींटीया (Army Ants) आपसी सहयोग के साथ मिलकर सारे काम करती है ये कभी भी अकेली शिकार नही करती है इसलिए इनकी कॉलोनी का सिस्टम भी कुछ अलग होता है इनके लगातार एक जगह से दुसरी जगह सफर करते रहने के कारण इनके झुण्ड द्वारा नई नई कॉलोनी बनाई जाती रहती है और पुराणी कॉलोनी टूटती रहती है | नई कॉलोनी बनने के साथ ही नई रानी का चुनाव हो जाता है ऐसे में पुरानी रानी वर्कर्स और सोल्जर के साथ पुरानी कॉलोनी को सम्भालती है और नई रानी नई कॉलोनी को | इनके बीच टकराव जैसे स्तिथि नही होती है | चींटीयो की कई प्रजातियों में रानी के पंख होते है लेकिन सैनिक चींटी में ऐसा नही होते है आर्मी एंट्स की रानी के पंख नही होते है |

धरती पर 12 करोड़ वर्ष पहले आयी

वैज्ञानिको ने अनुमान लगाया है कि चींटियो की करीब 20 हजार प्रजातिया अभी मौजूद है उनमे से आधी प्रजातियाँ का ही वर्गीकरण किया जा सका है | पृथ्वी पर चींटिया करीब 12 करोड़ वर्ष पहले धरती पर आयी | आज हम उन्हें जिस रूप में देखते है उस रूप में वे 6 करोड़ वर्ष पहले ही आ चुकी थी | उसी समय इन चींटीयो ने आहार के रूप में फूलो के पौधों को चुना था

चींटियो का समाज

चींटीयो के समाज को तीन भाग में बांटा जा सकता है रानी जिसके पंख होते है वर्कर (इनके पंख नही होते ) एवं सोल्जर , जिनके भी पंख नही होते है | ये चींटीया आमतौर पर लकड़ी की चीजो में ही अपना घर बनाती है इसी कारण इनका नाम कारपेंटर पड़ा है | ये लकड़ी को डंक से चबा जाती है | पेड़ो को खोखला तक कर सकती है इनकी आबादी दुनिया में कुल कीड़ो की एक तिहाई है |

चींटीयो के जीवन पर बन चुकी है एक फिल्म

चींटियो के जीवन पर एक फिल्म भी बन चुकी है | 1998 में चींटियो के जीवन पर आधारित एनिमेटेड फिल्म आयी थी जिसका नाम था Antz | फिल्म में वर्कर चींटियो का जीवन दिखाया गया था | चींटियो के हीरो का नाम जेड है जिसके समूह की एकता को विलेन चींटी खत्म करने की साजिश करती है हीरो जेड और चींटीयो की राजकुमारी बाला इसे नाकाम कर देते है |

कुछ गेम्स भी है मौजूद

Antwar नामक गेम में चींटियो की एक कॉलोनी है जिसे इंसानों की तरह बसाया गया है उनके पास कई तरह के हथियार आदि है आप अपनी कॉलोनी तो बना सकते हो और दुसरे प्लेयर की कॉलोनी से लड़ भी सकते हो | यह गूगल प्ले पर फ्री गेम है | Ant Raid Game नामक एक दूसरा रोचक खेल है जिसमे चींटियो की कॉलोनी को दिखाया गया है उन पर कई तरह की मुसीबते आती है जैसे कभी उन पर कोई जीव हमला करता है तो कभी मॉन्स्टर | आप ऐसे में इन चींटीयो की रक्षा करनी होती है | यह गूगल प्ले पर मौजूद है जिसे 50 रूपये में खरीदा जा सकता है |

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