Home यात्रा अमृतसर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Amritsar Tour Guide in Hindi

अमृतसर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Amritsar Tour Guide in Hindi

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अमृतसर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Amritsar Tour Guide in Hindi
अमृतसर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Amritsar Tour Guide in Hindi

अमृतसर पंजाब के मुख्य नगरो में से है | इसे स्वर्ण मन्दिर का घर भी कहा जाता है | 400 वर्ष पुराने इस शहर का अपना इतिहास एवं संस्कृति है | भारत की उत्तरी-पश्चिमी सीमा पर स्थित अमृतसर पाकिस्तान से भारत आने वालो का प्रवेश द्वार कहा जाता है | वाघा सीमा चेक पोस्ट अमृतसर से मात्र 29 किमी की दूरी पर स्थित है |

अमृतसर की नींव 1579 में सिखों के चौथे गुरु रामदास ने रखी थी | उन्होंने मुगल बादशाह अकबर द्वारा दी गयी भूमि पर एक तालाब का निर्माण करवाया और इस तालाब  का नाम अमृतसर पड़ा | अमृतसर व्यापार एवं उद्योग की दृष्टि से काफी आगे बढ़ा हुआ है | यहाँ सूती , उनी और रेशमी कपड़ा बुनने एवं जरी, शाल बनाने के उद्योग प्रमुख है | इनके अतिरिक्त कपड़ो की रंगाई , छपाई एवं कढाई के उद्योग भी अधिक उन्नति कर गये है | बिजली की पंखे ,  रासायनिक वस्तुए , लोहे की चादरे , प्लास्टिक का सामान बनाने का यह एक प्रमुख केंद्र है |

अमृतसर अनेक आक्रमणों का चश्मदीद रहा है लेकिन यहाँ के पंजाबियों ने कभी भी विदेशी शक्तियों के सामने झुकना नही सीखा | अमृतसर जिले के गजेटियर में उन वीर योद्धाओं की शहादते दर्ज है जिन्होंने अंग्रेजी प्रशासन और फौजों को कड़ी चुनौती दी और अपने प्राणों की आहुति दे दी | अमृतसर के जलियावाला बाग़ काण्ड की याद आज भी यहाँ के लोगो के दिलो में विद्यमान है | अमृतसर के अनेक दर्शनीय स्थल है जिनका अपना इतिहास है और स्थापत्य कला की दृष्टि से महत्व भी |

अमृतसर के दर्शनीय स्थल

स्वर्ण मन्दिर – अमृतसर का स्वर्ण मन्दिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है | तालाब के बीचो बीच स्थित स्वर्ण मन्दिर के भूतल का निर्माण गुरु अर्जुन देव ने करवाया था | बाद में 1803 में पंजाब के महाराजा रणजीतसिंह ने इस मन्दिर को पूर्ण करवाया |

सिख संग्रहालय – स्वर्ण मन्दिर के निकट ही केन्द्रीय सिख संग्रहालय है | यहाँ अनेक पेंटिंग्स लगी हुयी है जिनमे सिखों द्वारा लड़ी गयी जंगो के दृश्यों को दिखाया गया है |

जलियांवाला बाग़ – यह बाग़ करीब 2000 निर्दोष स्त्री-पुरुष और बच्चो की शहादत का गवाह है जिन पर ब्रिटिश जनरल डायर ने 13 अप्रैल 1919 को गोली चलाने का आदेश दिया था | आज भी बगीचे की दीवारों पर गोलियों के निशाँ मौजूद है | यहाँ शहीदों की याद में स्मारक बनाया गया है |

दुर्ग्याना मन्दिर – यह मन्दिर अत्यंत भव्य है | यह स्वर्ण मन्दिर से कुछ-कुछ मिलता जुलता है | इसके बीच में एक सरोवर है | हाल बाजार , गुरु बाजार , लारेंस रोड , घंटाघर चौक , चोर बाजार आदि अमृतसर के मुख्य बजार है | अमृतसर के खालसा कॉलेज की इमारत दर्शनीय है | इसका निर्माण 1892 में किया गया था |

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