दुनिया के कुछ ऐसे शाषक , जिन्होंने कम उम्र में ही रच दिया था इतिहास | Youngest Emperors who changed the History

दुनिय भर की लगभग हर सभ्यता और संस्कृति में कम उम्र के शाशक हुए है जिन्होंने कम उम्र में ही ऐसा कारनामे किये , जिससे न केवल इतिहास को एक नया मोड़ मिला बल्कि उन्होंने कई एतेहासिक युद्धों का भी नेतृत्व किया है | इन शासको ने दुनिया को नई दिशा देने का काम किया | दुनिय के अलग अलग हिस्सों में चोटी उम्र में कई ऐसे शासक प्रसिद्ध हुए | आज हम आपको उन्ही शासको के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने बहुत कम उम्र में शासन सम्भाला और इतिहास रच दिया |

01 बादशाह अकबर | Akbar

young-akbarहुमायु की मृत्यु के बाद मात्र 13 वर्ष की उम्र में ही अकबर को दिल्ली का शासक बना दिया गया | अकबर आजीवन निरक्षक ही रहा | उस समय शासन या पढाई लिखाई जैसी चीजो में उसकी बिलकुल भी रूचि नही हटी बल्कि वह पूरा समय कुत्तो और कबूतरों के साथ खेलता रहता था लेकिन बाद में वह मुगल वंश का महान शासक सिद्ध हुआ | उसने न सिर्फ भारत के एक बड़े हिस्से में अपने साम्राज्य को स्थापित किया बल्कि प्रजा के हित में कई बड़े बड़े सुधार भी किये | सभी धर्मो को सम्मान की भावना देने कारण वह काफी लोकप्रिय शासक सिद्ध हुआ | अकबर ने भारत की गंगा-जमुना तहजीब के प्रसार के लिए भी जाने जाते है | उनके काल में ही भारत में सूफीवाद का उदय हुआ था |

02 फुंजी एम्परर फुलिन

fulin-the-shunzhi-emperorफुलिन चीन के किंग राजवंश (शुजी एम्परर ) का तीसरा शासक था | पिता की मृत्यु के बाद जब 1643 में जब उसने सत्ता सम्भाली ,तब वह महज पांच वर्ष का था | उसकी छोटी आयु को देखते हुए उसके चाचा डोर्गन ने शासन की बागडोर सम्भाली | 1650 में उनकी भी मृत्यु हो गयी तब 12 वर्ष के फुलिन ने पुरी तरह से सत्ता सम्भाल ली | शासन के दौरान उसने भ्रष्टाचार और साम्राज्य को बांटने वाले तत्वों का अच्छे तरह से मुकाबला किया | उसकी विज्ञान और ज्योतिष में गहरी रूचि थी | वह सभी धर्मो का सम्मान करता था | फुलिन को आज भी चीन में के खुले विचारों वाले शासक के तौर पर याद किया जाता है |

03 बाल्डविन चतुर्थ | BaldWin IV

baldwin-ivबाल्डविन के पिता अमालरिक प्रथम की मृत्यु के बाद उसे येरुशलम की सत्ता 15 वर्ष की उम्र में सम्भालनी पड़ी थी | बचपन से ही वह कुष्ट रोग की बीमारी से पीड़ित था को किसी भी इन्सान को बुरी तरह से कमजोर कर देती है | इसके बावजूद भी उसने न केवल अच्छी तरह से शासन किया बल्कि अपने राज्य को सलादीन नामक योद्धा से भी बचाकर रखा | सलादीन बहुत ही प्रसिद्ध योद्धा था जिसने इजिप्ट औरसीरिया पर कब्जा कर शासन किया था | जब सलादीन ने येरुशलम पर आक्रमण किया ,तब अपनी कुशल युद्ध निति के बल पर मात्र कुछ सैनिको की सहायता से ही वह विजय पाने में सफल रहा |

04 रानी लक्ष्मीबाई | Rani LakhsmiBai

Rani Laxmi Baiवीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को मात्र 16 वर्ष की उम्र में ही झांसी का शासन सम्भालना पड़ा | उनका विवाह मात्र सात साल की उम्र में महाराज गंगाधर राव के साथ हुआ था | 16 वर्ष की आयु में उन्हें एक पुत्र हुआ ,जिसकी कुछ ही दिनों में मृत्यु हो गयी | इस सदमे से राजा गंगाधर राव की भी मृत्यु हो गयी | इसके बाद शासन रानी ने स्वयं सम्भाला | उन्होंने अंग्रेजो से डटकर सामना किया और अद्भुद वीरता का परिचय दिया | 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई मोर्चो पर अंग्रेजो को पराजय का मुंह देखना पड़ा | वे एक कुशल शासक और अपनी प्रजा के बीच काफे लोकप्रिय थी | 23 साल की उम्र में अंग्रेजो से लड़ते हुए वो वीरगति को प्राप्त हुयी |

05 टालमी तेरहवा (थियोस फिलोपेटर)

ईसा पूर्व 51वी शताब्दी में इजिप्ट के टालमी राजवंश का तेरहवा शासक थियोस फेलोपेटर था | इजिप्त में शासक को फराहो कहा जाता था | जब उसने सत्ता सम्भाली तब वह मात्र 11 वर्ष का था | उसकी शादी प्राचीन इजिप्तियन रिवाजो के मुताबिक़ क्लियोपेट्रा के साथ हुयी थी | इजिप्ट में क्लियोपेट्रा बहुत लोकप्रिय थी इससे चिढकर टालमी ने क्लियोपेट्रा को इजिप्ट से बाहर निकलवा दिया | टालमी ने रोमन साम्राज्य के शासक पौम्पी के साथ दोस्ती की जिसका जुलियस सीजर के साथ युद्ध चल रहा था | जुलियस सीजर को खुश करने के लिए टालमी ने उसकी हत्या कर दी लेकिन जुलियस सीजर ने इजिप्ट आकर टालमी को उसकी बहन के साथ सुलह करने को कहा |

06 तुतनखामन | King Tutankhamun

king-tutankhamunईजिप्ट का यह यंग फराहो 1922 में तब चर्चा में आया जब इसकी समाधि की खोज हुयी | माना जाता है कि ईसा पूर्व 14वी शताब्दी में इसने नौ साल की उम्र में ही शासन सम्भाला और लगभग 10 वर्षो तक इजिप्ट पर राज किया | इसने अपने शासनकाल में बड़े बदलाव किये | पिता द्वारा बनाये कई नियमो को बदल दिया |जिसमे अटेन (सूर्यदेव) को देवता मानने की बजाय अमुन (चन्द्रदेव ) को देवता मानना तथा थेबस को इज्पित की राजधानी बनाना शामिल था | 19 साल की उम्र में रहस्यमयी तरीके से उसकी मौत हो गयी | उसकी कब्र से उस समय की सभे परम्पराओं और घटनाओं की व्याख्या मिलती है जो इसकी मृत्यु के 3200 साल के बाद के समय में हमारे लिए प्राचीन सभ्यता के बारे में जानकारी के द्वार खोलता है |

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