जानिये देशे विदेशो में कैसे मनाया जाता है क्रिसमस | Worldwide Christmas Traditions in Hindi

क्रिसमस त्यौहार के सर्वव्यापी बनने का स्स्बे बड़ा कारण शायद सेंटा क्लॉस रहा है जिसने दुनिया भर के बच्चो का मन मोह लिया | 25 दिसम्बर की रात को बच्चे इस विश्वास के साथ गहरी नींद में खो जाते है कि रात को चुपके से सेंटा उनके घर में उनका मन पसंद उपहार रख जाएगा | बच्चे हर साल तन्यमता से सेंटा क्लॉस के नाम अपनी चिट्ठी लिखने के बाद उसे एक मोज़े में रखकर खिड़की पर में टांग देते है | अगले दिन जब वो सोकर उठते है तो उन्हें अपने उपहार जगमगाते क्रिसमस पेड़ के नीचे रखते है |

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चाहे इसके पीछे सच्चाई यह भी रही हो कि सेंटा आये ना आये लेकिन सेंटा का काम तो बच्चो के माता पिता कर देते है | शायद वे उनका विश्वास नही तोडना चाहते | पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही इस परम्परा की मजेदार बात यह है कि ये बच्चे बड़े होते है तब सच्चाई जान लेने के बावजूद भी सेंटा क्लॉस के उपहारों से अपने बच्चो का मन लुभान में कसर नही छोड़ते | आइये अब जानते है कि प्रत्येक देश में क्रिसमस का त्यौहार मनाने के कैसा तरीका है

जापान का क्रिसमस

जापान तो मूल रूप से बौद्ध देश है लेकिन चीन की ही तरह 19वी शताब्दी में वहा भी इस त्यौहार से संबधित चीजो का निर्माण शुरू हो गया था | तभी से जापानी लोग क्रिसमस के नाम से परिचित होने लगे हालांकि जापान में केवल 1 प्रतिशत लोग ही इसाई धर्म के अनुयायी है लेकिन यह त्यौहार बच्चो से जुड़ा होने के कारण लगभग हरेक जपानी घर में आपको सजा हुआ क्रिसमस पेड़ देखने को मिल जाएगा |

जापानवासियों के लिए यह एक छुट्टी का दिन होता है जिसे वे बच्चो के प्रति अपने प्यार को समर्पित करते है | जगह जगह खिलौने ,गुड़िया ,रंग बिरंगी कंदीले और अन्य चीजो से सजे बड़े बड़े क्रिसमस के पेड़ देखने को मिल जायेंगे | जापान की सबसे ख़ास चीज है ओरिगैमी से बना (कागज मोडकर तथा काटकर बनाया गया ) पक्षी , जिसे ये लोग शान्ति का दूत कहते है | इसे जापानी बच्चे एक दुसरे को उपहार में देते है |

ऑस्ट्रेलिया का क्रिसमस

ऑस्ट्रेलिया में इस त्यौहार को मनाने का अपना अलग ही अंदाज है | दिसम्बर में जब अन्य देश ठंड की चपेट में होते है कही कही बर्फ भी पड़ रही होती है | वही दुसरी ओर ऑस्ट्रेलिया में यह गर्मियों का मौसम होता है | वहा के लोग इस त्यौहार को समुद्र के किनारे मनाते है और इस अवसर पर अपने मित्रो और स्वजनों के लिए एक विशेष रात्रि भोज का आयोजन करते है | इसमें आलूबुखारे की खीर विशेष रूप से बनाई जाती हहै | ऑस्ट्रेलियाई लोग अपने सगे संबधियो के साथ ही क्रिसमस मनाते है चाहे इसके लिए उन्हें हजारो मील लम्बी यात्रा ही क्यों न करनी पड़े |

इजराइल का क्रिसमस

इजराइल जहा ईसामसीह का जन्म हुआ था क्रिसमस के अवसर पर दुनियाभर के अलग अलग धर्मो के लोग तीर्थ यात्र पर आते है | बेथलहेम में जिस स्थान पर ईसा ने जन्म लिया था वहा आज Church of Nativity स्थित है | चर्च के आंगन में एक सुनहरा तारा बनाया गया है कहते है कि ठीक उसी स्थान पर ईसा पैदा हुए थे | इस तारे के उपर चांदी के 15 दिए लटके हुए है जो सदैव जलते रहते है |

क्रिसमस के एक दिन पहले यहा लेटिन भाषा में विशेष प्रार्थना के बाद घास-फुंस बिछाकर जीसस के प्रतीक स्वरूप बालक की प्रतिमा रख दी जाती है | इजराइल के बहुसंख्यक यहूदी लोग क्रिसमस के दिन हनुस्का नामक पर्व मनाते है | 2000 साल पहले आज ही के दिन यहूदियों ने यूनानियो को हराकर येरुशलम के मन्दिर पर फिर से अपना अधिकार कर लिया था | इस विजय स्मृति में यहा क्रिसमस का त्यौहार मनाया जाता है

मेक्सिको में क्रिसमस

मेक्सिको में क्रिसमस पर ईसाई धर्म तथा प्राचीन अजतेक धर्म का मिला जुला स्वरूप देखने को मिलता है | वहा यह त्यौहार 16 दिसम्बर को ही शुरू हो जाता है | लोग अपने घरो में रंग बिरंगे फूलो ,सदाबहार पेड़ पौधों तथा सुंदर कागजो के कंदीलो से सजाते है | सूर्य भगवान की भव्य मूर्ति के समक्ष जीसस के जन्म को दर्शाने वाली झांकिया बनाई जाती है | इस दौरान हर शाम को मैरी तथा जोसफ की प्रतीकात्मक यात्रा दिखाई जाती है जब वे दोनों रात बिताने के लिए एक सराय की खोज में निकलते है

फ्रांस में क्रिसमस

यूरोप के देशो में क्रिसमस अलग अलग प्रकार से मनाया जाता है | फ्रांस में यह मान्यता प्रचलित है कि पेयर फुतार्द उन सभी बच्चो का ध्यान रखते है जो अच्छा काम करते है और उन्हें “पेयर नोएल” के साथ मिलकर वे उन बच्चो को उपहार देते है |

इटली में क्रिसमस

इटली में सेंटा को “ला बेफाना” के नाम से जाना जाता है जो बच्चो को सुंदर उपहार देते है | यहा 6 जनवरी को भी लोग एक दुसरे को उपहार देते है क्योंकि उनकी मान्यता के अनुसार इसी दिन तीन बुद्धिमान परूष बालक जीसस के पास पहुचे थे |

हॉलैंड का क्रिसमस

हॉलैंड में सिंतर क्लॉस घोड़े पर सवार होकर बच्चो को उपहार देने आता है | रात को सोने से पहले बच्चे अपने जूतों में सिंतर क्लॉस के घोड़े के लिए चारा तथा शक्कर भरकर घरो के बाहर रख देते है | सुबह उठने के बाद जब वे घर से निकलकर अपने जूतों की तरफ दौड़ते है तब उनमे घास तथा शक्कर के स्थान पर चॉकलेट तथा मेवा भरे देखकर बहुत आश्चर्य होता है |

बेल्जियम का क्रिसमस

बेल्जियम में सेंटा को सेंत निकोलस के नाम से जाना जाता है | सेंट निकोलस दो बार लोगो के घर जाते है | पहले 4 दिसम्बर को बच्चो का व्यवहार देखने जाते है उसके बाद 6 दिसम्बर को वे अच्छे बच्चो को उपहार देने जाते है |

आइसलैंड

आइसलैंड में यह दिन अनोखे दंग से मनाया जाता है | वहा एक के बजाय 13 सांताक्लॉस होते है और उन्हें एक पौराणिक राक्षस ग्रिला का वंशज माना जाता है | उनका आगमन 12 दिसम्बर से शुरू होता है और यह क्रिसमस वाल दिन तक जारी रहता है | ये सभी सेंटा विनोदी स्वभाव के होते है |

डेनमार्क में क्रिसमस

डेनमार्क में सेंटा यानि जुलेमाड़ेन बर्फ पर चलने वाली गाडी स्लेज पर सवार होकर आता है यह गाडियों से लदी होती है और इसे रेनडियर खीच रहे होते है |

नोर्वे में क्रिसमस

नोर्वे के गाँवों में कई सप्ताह पहले क्रिसमस की तैयारी शुरू हो जाती है | वे इस अवसर पर एक विशेष प्रकार के लॉग केक (लकड़ी के लट्ठे के आकार का केक) घर पर ही बनाते है त्यौहार से दो दिन पहले माता पिता अपने बच्चो से छिपकर जंगल से देवदार के पेड़ काटकर लेट है और उसे विशेष रूप से सजाते है \ इस पेड़ के नीच बच्चो के लिए उपहार भी रखे जाते है | डेनमार्क में बच्चे परियो को जुल निसे के नाम से जानते है और उनका विश्वास है ये परिया उनके घर की टांड पर रहती है

फिनलैंड

फिनलैंड के निवासियों के अनुसार सांता उत्तरी ध्रुव के कोरवातुनतुरी नामक स्थान पर रहता है | दुनिया भर के बच्चे उसे इसी पते पर पत्र लिखकर उसके समक्ष अपनी अजीबोगरीब मांगे पेश करते है | उसके निवास स्थान के पास ही पर्यटकों के लिए क्रिसमस लैंड नामक एक भव्य थीम पार्क बन गया है | यहा के निवासी क्रिसमस के एक दिन पहले सुबह को चावल की खीर खाते है और आलूबुखारे का रस पीते है | इसके बाद वे अपने घरो में क्रिसमस ट्री सजाते है

इंग्लैंड

इंग्लैंड में इस त्यौहार की तैयारिया नवम्बर के अंत में शुरू हो जाती है | बच्चे बड़ी बेताबी से क्रिसमस का इन्तजार करते है | और क्रिसमस पेड़ सजाने में अपने माता पिता की सहायता करते है | 24 दिसम्बर की रात को वे पलंग के नीचे अपना मोजा अथवा तकिये का गिलाफ रख देते है ताकि फादर क्रिसमस आधी रात को आकर उन्हें विभिन्न उपहारों से भर दे | जब वे अगले दिन सोकर उठते है तो उन्हें पैर के अंगूठे के पास एक सेब तथा एडी के पास एक संतरा रखा हुआ मिलता है |

इस अवसर पर बच्चे पटाखे भी जलाते है | यहा क्रिसमस के अगले दिन Boxing day भी मनाया जाता है |जो सेंट स्टीफेन को समर्पित होता है | कहते है कि सेंट स्टीफेन घोड़ो को स्वस्थ रखते हाउ | यहा बॉक्सिंग डे का मतलब घूंसेबाजी नही है बल्कि ऊन बॉक्स से है जो गिरिजाघरो में क्रिसमस के दौरान दान एकत्र करने के लिए रखे जाते है | क्रिसमस के अगले दिन इन दान पेटियों में एकत्र धन गरीबो में बाँट दिया जाता है |

सिंगापुर

सिंगापुर में भी इस त्यौहार का विशेष महत्व है \ यहा महीनों पहले से इसकी तैय्रिया शुरू हो जाती है और सभी बड़े शौपिंग मॉल में सजावट तथा रोशनी के मामले में परस्पर होड़ लग जाती है | हर साल यहा क्रिसमस के लिए कोई नई थीम ली जाती है | यदि थीम बर्फीली क्रिसमस होगी तो पुरे सिंगापूर में इस दौरान चारो तरफ सजावट तथा रोशनी में बर्फ का ही एहसास होगा

अमरीका

अमेरिका में सेंटा क्लास के दो घर हहै एक  कोन्नेक्टिक्ट स्थित टोरिंगटन तथा दूसरा न्युयोर्क स्थित विलमिंगटन में | तोरिंगटन में सेंटा अपने क्रिसमस गाँव में आने वाले बच्चो को अपनी पपरियो के साथ मिलकर उपहार देते है | इस अवसर पर इस गाँव को स्वर्ग के किसी कक्ष की तरह सजाया जाता है | वाइटफेस पर्वत के निकट बिलमिंगटन में सेंटा का स्थायी घर है | हर साल एक लाख से अधिक लोग इस गाँव को देखने आते है | अमेरिका में सेंटा क्लॉस नामक एक नगर भी है जसी सेंटा की एक 23 फीट ऊँची मूर्ति है | सेंटा के नाम लिखे सभी अमेरिकी बच्चो के सभी पत्र यही आते है |

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