भारतीय क्रिकेट का इतिहास और गजब तथ्य Unknown Facts and History of cricket in India

भारतीय क्रिकेट का इतिहास और गजब तथ्य Unknown Facts and History of cricket in Indiaभारत देश जिसमे क्रिकेट को एक धर्म की तरह पूजा जाता है जिसके कारण भारत के सभी लोग एक सूत्र से बंधे हुए है | भारतीय क्रिकेट की शुरुवात तो 1932 से हुयी थी लेकिन ये खेल अंग्रेज इंग्लैंड से भारत लाये थे | आइये आज आपको भारतीय क्रिकेट के कुछ दिलचस्प शुरुवात से रूबरू करवाते है |

Beginnings of cricket in India

सन 1600 में ईस्ट इंडिया कम्पनी भारत आयी थी जिसको उस समय बोलचाल की भाषा में “जॉन कम्पनी ” भी कहा जाता था | धीरे धीर ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार से राज करने पर उतर आयी लेकिन 1857 के विद्रोह ने ईस्ट इंडिया कंपनी को खत्म कर दिया लेकिन जाने से पहले वो अपना खेल क्रिकेट में छोडकर गये थे | उस समय क्रिकेट केवल शौक के लिए खेला जाता था जिसे अंग्रेज बड़े चाव से खेला करते थे | ईस्ट इंडिया कम्पनी ने जहा जहा पर भी शाशन किया वहा पर क्रिकेट की छाप छोडकर गये | उस समय वो मुख्यतः क्रिकेट मद्रास ,बॉम्बे और कलकत्ता में खेला करते थे जहा की स्थानीय जनता में भी क्रिकेट लोकप्रिय होने लगा था |

ईस्ट इंडिया कम्पनी के क्रिकेट खेलने का पहला प्रमाण 1721 में बडौदा के निकट कैम्बे में खेला गया था | 1792 में भारत में कलकत्ता क्रिकेट और फूटबाल क्लब का निर्माण हुआ था | 1799 में दक्षिणी भारत के श्रीरंगपतनम में टीपू सुल्तान को हराने के बाद वहा पर भी एक क्रिकेट वलब का निर्माण कर दिया | भारत में फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुवात 1864 में हुयी जो मैच अंग्रेजो द्वारा मद्रास क्लब और कलकत्ता क्लब के बीच खेला गया | इसके बाद 1889-90 में पहली बार अंग्रेज टीम भारत खेलने आयी थी जो भी प्रथम क्लास श्रेणी का क्रिकेट कहलाया जाता था | उसके बाद से अंग्रेजो ने भारत में कई फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैच खेले | भारत से पहली बार 1880 के दशक में दो बार इंग्लैंड खेलने के लिए गयी थी |

प्रथम भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी – कुमार श्री रणजीत सिंह जी

भारत में सबसे पहले क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी कुमार श्री रणजीत सिंह जी थे जो क्रिकेट में इंग्लैंड की तरफ से खेले थे | कुमार श्री रणजीत सिंह जी जिनको सभी अंग्रेज खिलाड़ी प्यार से रणजी कहकर पुकारते थे | रणजी का नाम क्रिकेट के महान बल्लेबाजो में से एक गिना जाता था जिनकी आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधी टीम पस्त हो जाती थी | रणजी “लेट कट” में एक माहिर बल्लेबाज थे जिन्होंने “लेग ग्लांस” का भी अविष्कार किया था | 1896 में उन्होंने पहला मैच इंग्लैंड की तरफ से आस्ट्रलिया के खिलाफ खेला था | अपने पहले ही टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 62 रन और दुसरी पारी में 154 रन बनाकर क्रिकेट में एक चमकदार पहल की |अपने क्रिकेट करियर में उन्होंने 15 टेस्ट मैचो में 989 रन और 307 फर्स्ट क्लास मैचो में 24,692 रन बनाये |   

रणजी के बाद उन्ही के भतीजे कुलदीप सिंह ने भी अंग्रेजो की तरफ से खेलने का अवसर मिला था | कुलदीप सिंह भी स्पिन बोलिंग के खिलाफ खेलने में माहिर बल्लेबाज थे तथा उन्होंने भी कई क्रिकेट स्ट्रोक्स भी इजात किये थे | अपने चाचा की तरह उन्होंने भी अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाया और 58.5 की औसत से रन बनाये | इस तरह न्होंने 12 टेस्ट मैचो में 995 रन और 205 फर्स्ट क्लास मैचो में 15485 रन बनाये |

First Test Cricket of India

भारत ने अपना पहला क्रिकेट टेस्ट मैच 1932 में खेला था जो उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेला था | नायडू भारतीय टीम के पहले कप्तान के रूप में जाने जाते है | इस मैच में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन जीत नही पायी थी | उस समय टेस्ट तीन दिनों का हुआ करता था | इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 259 रन बनाये जिसमे भारत की तरफ से मो.निसार ने सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए थे | जवाब में भारतीय टीम 189 पर सिमट गयी जिसमे सबसे ज्यादा रन स्वयं कप्तान नायडू ने 40 रन बनाये थे | दुसरी पारी में इंग्लैंड ने 275 रन बनाये और इस तरह भारत को जीत के लिए 346 रन का टारगेट मिला लेकिन भारतीय टीम दुसरी पारी में भी 187 रन पर आल आउट हो गयी | इस तरह भारत 158 रन से हार गयी |

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First Test Victory for India

भारत को पहली टेस्ट जीत आजादी के बाद मिली जब 1952 में मद्रास में भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ जीती थी |  भारते को इसी वर्ष अपनी पहली टेस्ट सीरीज में भी जीत मिली थी जो भारत , पाकिस्तान के खिलाफ जीता था | 1956 में भारत ने न्यू जीलैंड के खिलाफ एक श्रुंखला में 5 टेस्ट मैचो की सीरिज में 2-0 से जीत दर्ज की | इन कुछ मैचो के अलावा 1950 के दशक में भारत का परफॉरमेंस ज्यादा ठीक नही रहा था और कई टेस्ट सेरिजो में हार का सामना करना पड़ा था |

1960 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम में सुधर शुरू हुआ और 1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ पहली श्रुंखला जीत दर्ज की | भारतीय टीम ने विदेशी धरती पर पहली जीत न्यूजीलैंड के खिलाफ 1967 में की थी | 1970 में भारतीय टीम की बागडोर सुनील गावस्कर ने सम्भाली और वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की | उसके बाद 80 के दशक में मों.अजहरुदीन , रवि शाष्त्री , संजय मांजरेकर , क्रिस श्रीकांत और कपिल देव जसी खिलाड़ी उभरे जिन्होंने 1983 के वर्ल्ड कप में भारत को जीत दिलाई थी |  सुनील गावस्कर टेस्ट क्रिकेट में दस हजार रन बनाने वाले पहले भारतीय बने जिन्होंने अपने नाम 34 शतक रखे थे | कपिल देव भारत के पहले सफल आल राउंडर के रूप में उभरे जो भारत उस समय 434 विकेट लेकर विश्व के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने थे |

90 के दशक में सचिन तेंदुलकर और अनिल कुंबले जैसे खिलाड़ी उभरे जिनके कारण भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार हुआ | सचिन तेंदुलकर को भारतीय क्रिकेट टीम का भगवान माना जाता है जिन्होंने भारत को कई मैचो में जीत दिलवाई थी | मो.अजहरुदीन ने कप्तानी सम्भालकर कई मैच जीत्वाए थे | उनकी कप्तानी में भारत घर पर बिलकुल नही हारा था लेकिन विदेश में उनका परफॉरमेंस ज्यादा ठीक नही था | 1999 के वर्ल्ड कप में टीम के घटिया प्रदेशन के कर्ण अजहरुदीन को कप्तानी छोडनी पडी और मैच फिक्सिंग में शामिल होने के आरोप में उन पर प्रतिबन्ध लग गया | इसके बाद सौरव गांगुली ने टीम की कप्तानी सम्भाली |

गांगुली ने भी भारत को कई मैचो में जीत दिलवाई | 2003 वर्ल्ड कप में भारत फाइनल तक पहुच कर हार गया था |गाँगुली के करियर के अंतिम दिनों में प्रदर्शन अच्छा नही होने के कारण कप्तानी छोडनी पड़ी और राहुल द्रविड़ ने कप्तानी सम्भाली | T20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत का प्रतिनिधिव करने वाले महेंद्र सिंह धोनी को बाद में क्रिकेट के तीनो श्रेणियों का कप्तान बनाया गया | जिनकी बदौलत भारत को 2011 के वर्ल्ड कप में जीत मिली | वर्तमान में भी महेद्र सिंह धोनी टेस्ट टीम के कप्तान है तथा युवा विराट कोहली को एकदिवसीय मैचो का कप्तान बनाया गया है |

भारतीय क्रिकेट के कुछ गजब तथ्य

  • इफ़्तिआर अली खान पटौदी एकमात्र ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी थे जो इंग्लैंड और भारत दोनों की तरफ से टेस्ट क्रिकेट खेले थे |
  • लाला अमरनाथ एकमात्र ऐसे गेंदबाज थे जिन्होंने महान बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन को Hit Wicket आउट किया था |
  • जयसिन्हा और रवि शास्त्री दोनों एकमात्र ऐसे भारतीय है जो टेस्ट मैचो में पुरे पांच दिन तक खेले थे |
  • भारतीय स्पिनर बापू नादकर्णी ने 12 जनवरी 1964 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में लगातार 21 मैडन ओवर किये थे |
  • सौरव गांगुली एकमात्र बल्लेबाज है जिन्होंने वर्ल्ड कप के नॉक आउट मैच में शतक लगाया था |
  • इनके अलावा भी टेस्ट क्रिकेट से जुड़े रोचक तथ्य पढने के लिए ये पढ़े भारतीय टेस्ट क्रिकेट से जुड़े 17 रोचक तथ्य

 

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