प्रधानमंत्री जन धन योजना , जिसके बिना असम्भव था नोटबंदी का फैसला | Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana Details in Hindi

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana Details in Hindi

pradhan-mantri-jan-dhan-yojana-details-in-hindi15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर “प्रधानमंत्री जन धन योजना” Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana के आरम्भ की घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा की गयी | इसकी औपचारिक शुरुवात 28 अगस्त 2014 को नई दिल्ली ,सभी राज्यों की राजधानियों तथा जिला मुख्यालयो को दी गयी | इस Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana योजना के तहत सभी बैंकों में 15 सितम्बर 2014 तक लगभग 2.14 करोड़ नये खाते खोले गये है | अभी तक इस योजना के अंतर्गत 25.68 करोड़ बैंक खाते खुले है जिनमे कुल 72,834.72 करोड़ रुपया जमा करवाया गया है |

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गरीबो के धन को बैंकों तक पहुचाने में मील का पत्थर

बैंकों के वर्ष 1969 में राष्ट्रीयकरण के बाद यधपि सामाजिक बैंकिंग का प्रादुर्भाव हो चूका था परन्तु वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में अपेक्षित सफलता नही मिल पा रही थी | अभी भी पिछड़े ,ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रो में बैंकिंग सुविधाओं का अभाव है एवं वहा के लोग अपना धन घर पर ही रखते है | इस धन को बैंकों तक पहुचाने में “जन धन योजना” मील का पत्थर है | वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में यह एक अनोखी पहल है जिसका सकारात्मक प्रभाव भविष्य में दिखाई देगा | इस तरह से प्रधानमंत्री जन धन योजना की अवधारणा में सबका साथ सबका विकास की मूल भावना है |

एक सर्वे के अनुसार आज भी देश की अर्थव्यवस्था की बागडोर बहुतायत से ऐसे गरीबो के हाथ में है जो असंगठित क्षेत्र के विभिन्न प्रकार के छोटे मोटे रोजगार , कृषि अथवा दैनिक मजदूरी के कार्यो में लगे हुए है और देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे रहे है | तथापि विडम्बना यही है कि यही वर्ग बैंकिंग की सुविधाओं से वंचित है | वर्ष 1991 के बाद से भारतीय रिज़र्व बैंक की पहल पर बैंकों ने ग्रामीण क्षेत्रो में शाखाए खोलना आरम्भ किया परन्तु परिचालन लागत अधिक होने एवं कम लाभप्रभता के कारण उसकी गति धीमी रही | यही कारण है कि आज वित्तीय समावेशन के विकल्प के रूप में प्रधानमंत्री जन धन योजना को देखा जा रहा है एवं इस क्षेत्र में यह अपनी अहम भूमिका निभा रही है |

प्रधानमंत्री जन धन योजना बनाम वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय क्रान्ति

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana प्रधानमंत्री जन धन योजना को वित्तीय क्रान्ति कहा जाए तो अतिश्योक्ति नही होगी | इस बार प्रधानमंत्री जन धन योजना में पूरा ध्यान परिवारों पर है और यह प्रयास रहेगा कि कोई भी परिवार बैंकिंग सुविधाओं से वंचित नही रहे | इसी को ध्यान में रखते हुए वित्तीय साक्षरता को भी लक्ष्य किया गया है जिससे पिछड़े ,गरीब लोग इस बारे में शिक्षित हो सके कि बैंकों में खाता कैसे खोला जाता है वित्तीय लेन देन कैसे किये जाते है और इस वर्ग के लोग बिना किसी हिचक के बैंकों में जा सके | वित्तीय साक्षरता एक अंर्तगत शिविरों का आयोजन कर बैंक खाते खोलने का प्रशिक्षण शामिल है |

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता केवल बैंक खाते खोलने तक ही नही है बल्कि इन खातो के माध्यम से नियमित लेन देन होना भी है और इन खातो में घरो में रखा धन जमा होने लगे | यह सही है कि किसी सरकार अथवा बैंक के लिए सिर्फ खातो की संख्या के आधार पर योजना की सफलता को नही आँका जा सकता है इसके लिए निरंतर खातो का सक्रिय होना भी आवश्यक है और यही वित्तीय समावेशन का उद्देश्य भी है |

हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने मिलकर पर्वतीय राज्य के एक हाई स्कूल के लिए वित्तीय साक्षरता का पाठ्यक्रम तैयार किया है जिसमे कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों को इसकी शिक्षा दी जाए कि वे बचत क्यों करे और अपनी बचत का प्रबंध कैसे करे ?  इस तरह से यह पाठ्यक्रम आय-व्यय ,बचत का महत्व ,बैंकिंग वित्तीय योजना के बुनियादी तत्व ,निवेश एवं निवेश का महत्व ,धन प्रबन्धन एवं वित्तीय साक्षरता के लाभ तथा लक्ष्य पर केन्द्रित होगा |

इस तरह जन धन योजना में वित्तीय समावेशन के साथ साथ वित्तीय साक्षरता की अवधारणा भी समाहित होनी चाहिए और यह ध्यान रखना समयोचित होगा कि समावेशन और साक्षरता एक वृक्ष की दो शाखाये है इसलिए इनमे से किसी को अनदेखा नही किया जा सकता है इसी से प्राथमिकताये और लाभ प्रभावित होगे | सम्भवत: हिमाचल प्रदेश सरकार की तरह ही पुरे देश में वित्तीय साक्षरता का अभियान चलाना चाहिए और अधिकाधिक लोगो को इसमें शामिल करते हुए नागरिको को जागरूक बनाया जाना चाहिए जब नागरिको को बचत के लाभ और देश की अर्थव्यवस्था में बचत की महत्ता का ज्ञान होगा तब निश्चित तौर पर जन धन योजना अपने लक्ष्य के करीब होगी |

प्रधनमंत्री जन धन योजना का उद्देश्य

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana प्रधानमंत्री जन धन योजना का मूल उद्देश्य एक तरफ समाज के गरीब ,ग्रामीण एवं पिछड़े वर्ग को बैंकिंग से जोड़ना है वही वित्तीय समावेशन के उद्देश्यों की दिशा में भी एक कदम है | जनधन योजना पर जब हम वृहद निगाह डालते है तो निम्न उद्देश्य पाते है |

  • देश के 5.92 लाख गाँवो में से 3.24 लाख गाँवों को बीसी मॉडल ,मोबाईल वेन , बैंक शाखाओ के माध्यम से बैंकिंग सुविधाए प्रदान करना एवं ग्रामीण जन के खाते खोलना |
  • प्रत्येक परिवार से कम से कम एक बैंक खाता खुलवाना |
  • एक अनुमान के अनुसार अभी भी 6 करोड़ ग्रामीण और 1.5 करोड़ शहरी परिवारों के पास बैंक खाता नही है तथा देश के सभी परिवारों को कवर करने के लिए सभी बैंकों में खाते खोले जायेंगे |
  • प्रत्येक खाता धारक को Rupay ATM कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा | इस Rupay ATM कार्ड के माध्यम से हितग्राही को 1 लाख रूपये तक का दुर्घटना बीमा लाभ पहुचाया जाएगा |
  • खाता खोलने के दौरान बैंक द्वारा ग्राहकों को वित्तीय साक्षरता भी प्रदान की जायेगी |
  • खाते के संतोषजनक परिचालन के 6 महीने बाद उन्हें 5000 रूपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जायेगी ,जिसे क्रेडिट गारंटी फंड द्वारा कवर किया जायेगा |
  • हितग्राही को समय से सूक्ष्म बीमा उत्पाद उपलब्ध कराया जाएगा |

प्रधानमंत्री जन धन योजना के आकंडे (सभी आंकड़े करोड़ में )

खातो की संख्या (करोड़ में ) 01 दिसम्बर 2016 तक के आकंडे
ग्रामीण शहरी कुल वितरित रुपे कार्ड की संख्या खातो में जमा राशि   
सार्वजनिक बैंक 11.46 8.99 20.44 15.77 56668.05
ग्रामीण बैंक 3.76 0.61 4.37 2.95 13507.09
निजी बैंक 0.52 0.34 0.86 0.81 2659.58
कुल 15.74 9.94 25.68 19.52 ₹72,834.72 करोड़

प्रधानमंत्री जन धन योजना के लाभ

pradhan-mantri-jan-dhan-yojna-explained-by-cartoonPradhan Mantri Jan Dhan Yojana जन धन योजना एक बहुउद्देशीय योजना है इसमें समाज के सभी वर्गो को लाभ मिलने के साथ साथ बैंकों को भी वित्तीय लाभ होगा | इस योजना के निम्नलिखित लाभ है

  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत हितग्राहियो को सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे उनके बैंक खातो में स्थानांतरित किये जायेगे जैसे मनरेगा ,सामजिक सुरक्षा योजना ,सामजिक पेंशन योजना आदि , इससे पैसा सीधे हितग्राही के खाते में जाएगा इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी |
  • खातो के साथ बीमा का लाभ होने से हितग्राहियों को सुरक्षा प्राप्त होगी |
  • बैंकों में कम लागत की जमाराशि बढ़ेगी |
  • प्रधनमंत्री जन धन योजना में खोले गये खाते भविष्य में वित्तीय साक्षरता बढने पर बचत खातो में परिवर्तित हो जायेंगे जिससे हितग्राही ATM का उपयोग करने लगेंगे तथा बैंकिंग , मोबाईल बेकिंग , क्रेडिट -डेबिट कार्डो का प्रचलन बढ़ जाएगा इससे कागजी मुद्रा का चलन कम होता जाएगा |
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना में खाते शून्य शेष पर खोले जाने से हितग्राहियों पर आरम्भ में वित्तीय बोझ नही पड़ेगा |
  • “मेरा खाता भग्यविधाता” के उद्घोष के साथ प्रारम्भ प्रधानमंत्री जन धन योजना में अब आम आदमी बैंकिंग का नियमित ग्राहक बन जाएगा |तब उसका पैसा घर से बाहर निकलेगा और बैंकों तक जाएगा , इस पर उसे ब्याज भी मिलेगा और उसका धन सुरक्षित रहेगा |
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के क्रियान्वन से रोजगार के अवसर बढ़ेगे क्योंकि इसके लिए बैंकिंग कोरेस्पोंदेट्स को भी नियुक्त किया जाएगा |
  • संस्थागत रूप से संचलित वित्तीय समावेश की यह प्रक्रिया वित्तीय निति को भी सक्षम बनायेगी आयर वित्तीय क्षेत्र में उस असंगठित अनौपचारिक क्षेत्र को सिमित करेगी जिस पर अभी गरीब किसान ,पिछड़ा वर्ग और झुग्गी झोपडी में रहने वाला वर्ग निर्भर करता है |
  • इस योजना के प्रत्येक खातेदार को 5000 रूपये के ओवरड्राफ्ट सुविधा मिल जायेगी इसके बाद हितग्राही इस सुविधा को उतनी बार इस्तेमाल क्र पायेगा जितनी बार उसके द्वारा पुरानी राशी को चूका दिया जाएगा | बकाया सीमा रूपये 5000 रूपये तय की गयी है | इससे हितग्राही गाँवों में साहुकारो के पास जाने से बचेंगे और ब्याज से बचेंगे |
  • जन धन योजना के तहत विभिन्न सब्सिडी और ब्याज दर अनुदान की गणना के माध्यम से सूक्ष्म वित्त संस्थानों को सहायता देने की राष्ट्रीय निति बनाये जाने से कर्ज का सही मूल्यांकन होगा और इससे हितग्राहियों को सस्ती दर पर ऋण देने की योजनाये बनाई जा सकेगी क्योंकि अधिकाँश सूक्ष्म वित्त संस्थानों द्वारा उतनी ही राशि के कर्ज दिए जाते है |
  • जन धन योजना “बूंद बूंद से घट भरता है ” सिद्धांत पर आधारित है इसलिए दीर्घकाल में इसके अच्छे परिणाम सामने आयेंगे जिसका सीधा लाभ बैंकों को मिलेगा |

नोटबंदी के फैसले में निभायी सबसे अहम भूमिका

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana प्रधानमंत्री जन धन योजना का सबसे बड़ा लाभ हाल ही “500 एवं 1000 के नोटों के विमुद्रीकरण” में भी हुआ है जिससे इस योजना से जुड़े व्यक्तियों को अपने खाते में सरलता से पैसा जमा किया गया | अब जब 500 और 1000 के नोट प्रतिबंधित कर दिए गये है तो बैंकों के माध्यम से लेने देन का महत्व पहले से अधिक बन गया है | यदि लोगो के जन धन योजना के अंर्तगत खाते न खुले होते तो उन्हें नोटबंदी के बाद बहुत मुश्किलें पेश आती | अब कम से कम उन लोगो को तो चैन की सांस आ रही है जिन्होंने बैंक में खाते खुलवा लिए थे | विमुद्रीकरण की इस प्रक्रिया के कारण प्रधानमंत्री जन धन योजना की रफ्तार ओर तेज होगी और प्रधानमंत्री मोदी का यह सपना पूरा हो पायेगा |

प्रधानमंत्री जन धन योजना की अवधारणा में “सबका साथ सबका विकास” के लिए प्रयास

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana प्रधानमंत्री जन धन योजना एक जनहितकारी योजना है इसलिए इसके लाभ अधिकतम लोगो को मिले इसके लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ,राष्ट्रीयकृत बैंक एवं निजी बैंकों को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे जिससे कि जो एक अच्छी पहल सरकार द्वारा की गयी है वह निर्बाध रूप से चलती रहे | इस कार्य हेतु निम्नलिखित प्रयास सार्थक हो सकते है |

  • प्रधानमंत्री जन धन योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए |
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के लिए नागरिक बैंक में आये ही , यह आवश्यक नही बल्कि बैंकों को भी प्रत्येक परिवार के पास जाना जाना होगा |
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के लिए समय समय पर एवं अलग अलग स्थानों पर शिविर लगाये जहा नागरिको के खाते बिना किसी परेशानी के खोले जाये |
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के लिय KYC नियमो की अनिवार्यता को शिथिल किया जाए |
  • समय समय पर प्रधानमंत्री जन धन योजना की समीक्षा की जाए एवं इसको ओर अधिक कारगर बनाने के लिए प्रयास किये जाए |
  • बैंकों में अशिक्षित व्यक्तियों के खाते खोलने के लिए फ़ार्म भरने एवं मार्गदर्शन देने के लिए शाखाओ में अलग काउंटर बनाये जाए |

इस प्रकार समग्र विवेचन से हम पाते है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना ग्रामीण और पिछड़े एवं गरीब लोगो को बैंकों से जोड़ने की अभिनव योजना है इस योजना के सफल होने के संकेत इसी से मिल रहे है कि कम समय में बैंकों में अधिकाधिक खाते खुल गये है तथा यह क्रम आगे भी लगातार जारी है जिसका सीधा लाभ सरकार की योजनाओं में सब्सिडी एवं उनकी जमा राशि पर ब्याज के रूप में हितग्राहियों को मिल रहा है | साथ ही लोगो के घर में रखा पैसा बैंकों तक पहुचने लगा है इससे बैंकों में पूंजी तरलता बढ़ रही है जो देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है |

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