World Animal Day पर जानिये विलुप्त हो रहे जीव | On World Animal Day- Endangered Species in Hindi

World Animal Day Special

on-world-animal-day-endangered-species-in-hindiवन्य जीवो की बहुलता प्रकृति का सूचक होता है | जब प्रकृति स्वस्थ होगी तब ही हम स्वस्थ रह पायेंगे | पर्यावरण प्रदुषण और मानव द्वारा वन्य जीवो का शिकार किये जाने के कारण उनका जीवन खतरे में आ गया है | इनके प्रति पुरी दुनिया में लोगो में जागरूकता लाने के लिए 4 अक्टूबर को World Animal Day  के रूप में मनाया जाता है | सोचो अगर धरती से सारेवन्य जीवन समाप्त हो जायेंगे तो क्या होगा ? फिर यह धरती कैसी दिखेगी ? जंगलो की अंधाधुंध कटाई और मानव की मनमानी की वजह से आज पुरी दुनिया में ऐसे कई जीव है जो विलुप्त होने की कगार पर आ चुके है हालांकि जैव विविधता के मामले में भारत की स्थिति अभी भी अच्छी है |

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वन्य जीव संरक्षण के लिए यहा कुल 515 Wild Life Sanctuary और 102 National Park स्थापित किये गये है इसके बावजूद पर्यावरण प्रदूषण और मानव द्वारा वन्य जीवो कस शिकार किये जाने जैसे कई कारणों से यहा 443 से भी ज्यादा वन्य प्रजातिया विलुप्त होने की कगार पर है |  इकोसिस्टम के लिए भी यह खत्री के संकेत है | अगर यही स्थिति रही तो हो सकता है कि भविष्य में आप इन्हें देख  ही न पाओ | 4 October को पुरी दुनिया World Animal Day मनाती है | इस मौके पर हम आपको पांच ऐसे जीवो के बारे में बताने जा रहे है जो विलुप्ति की कगार पर है |

01 एक सींग वाला गेंडा | One Horn Rhinoceros

one-horn-rhinocerosराइनो धरती पर पाया जाने वाला चौथा सबसे बड़ा पशु है जिसका वजन लगभग 3000 किलोग्राम तक होता है | भारत में पाए जाने वाले राइनो में एक हॉर्न (सींग ) पाया जाता है | अन्य राइनो के मुकाबले यह अच्छा तैराक होता है | राइनो जल और थल दोनों जगहों पर निवास करते है | राइनो सबसे ज्यादा भारत और नेपाल के तराई क्षेत्र ,पश्चिमी बंगाल और असम में पाया जाता है |आज यह प्रजाति विलुप्ति की कगार पर है जिनकी संख्या लगभग 2500 तक बची हुयी है | इसके हॉर्न के लिए इनका शिकार होता है | इसे काफी उपयोगी माना जाता है | साल दर साल इसकी संख्या में भारी गिरावट आ रही है | इसे बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा कांजीरंगा नेशनल पार्क को राइनो के लिए रिज़र्व किया गया है |

02 काला हिरण | Black Buck

black-buckयह हिरण जन्म के समय ब्राउन कलर का होता है लेकिन तीन साल बाद जब यह बड़ा हो जाता है तो इसका रंग बदलकर काला हो जाता है | पारिस्थितिकी तन्त्र का यह एक अनोखा जानवर है जो भारत और नेपाल के तराई क्षेत्रो में सबसे ज्यादा मिलता है | इसका वजन लगभग 40 किलोग्राम होता है और विलुप्त हो रहे इसे काले हिरण की संख्या 5 -7 हजार के बीच क=बची है |काले हिरन को सबसे ज्यादा खतरा शिकारियों से है | इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है | तेज दौड़ने की क्षमता के कारण कई बार यह शिकारी से बचकर निकलने में कामयाब हो जाता है |

03 गांगेय डॉलफिन | Dolphin

gangetic-dolphinsभारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है क्योंकि ये भारत के गंगा ,ब्रह्मपुत्र ,मेघना और कर्णफूल नदी में सबसे अधिक पायी जाती है | नदी में इस डॉलफिन का दिखना जल की अच्छी गुणवत्ता एवं बेहतर जैव विविधता को दर्शाता है | यह नदी में पाया जाने वाला एकमात्र स्तनपायी जीव है जिसका वजन लगभग 150 किलोग्राम होता है |जागरूकता के अभाव में लोग इसका शिकार करते है जिसके कारण इनकी संख्या 1200 से 2000 के बीच रह गयी है | Wild Life Presentation Act 1972 के तहत इसे Endangered Species घोषित किया गया है | इसे संरक्षित करने के लिए बिहार में सुल्तानगंज से कहलगाँव के बीच गंगा नदी के 50 किमी हिस्सेको विक्रमशिला गांगेय डॉलफिन विहार घोषित किया गया है |

04 लाल पांडा | Red Panda

red-pandaलाल पांडा सिक्किम का राज्य पशु है और यह सिक्किम के अलावा पश्चिमी बंगाल ,मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मिलता है | इसका वजन लगभग 5 किलोग्राम होता है | इसकी त्वचा पर पाया जाने वाला फर काफी नर्म होता है |  शिकारी फर के लिए इसका शिकार करते है जिसके कारण इनकी संख्या घटकर 2500 के करीब रह गयी है | यह अधिकतर हिमालय की चोटी पर बांस के जंगलो में पाया जाता है |इसकी कुछ आबादी नेपाल और भूटान में भी पायी जाती है | यह काफी शर्मीला जानवर होता है इसके विलुप्त होने की प्रमुख वजह पारिस्थितिकी तन्त्र की क्षति है |

05 घडियाल |

ghadiyalयह अपनी फॅमिली का एकमात्र बचा हुआ जीव है अत: इसे Critically Endangered species केटेगरी में रखा गया है | यह गंगा रिवर सिस्टम में पाया जाट है और इसका वजन लगभग 200 किलोग्राम होता है | इकोसिस्टम को क्रियाशील रखने के लिए सरीसृप समूह में आने वाले इस जीव का बचे रहना आवश्यक है |1940 में इनकी आबादी 10 हजार थी | 1997 तक आते आते इनकी संख्या 436 ही रह गयी है | WWF के ताजा आंकड़ो के अनुसार पुरी दुनिय में घड़ियालो की संख्या मात्र 200 रह गयी है |सरकार द्वारा इसे बचाने के प्रयास जारी है लेकिन अनुकुल वास स्थान के अभाव में इनकी संख्या लगातार घटती ही जा रही है |

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