Mughal Empire and Mughal Emperors History in Hindi | मुगल साम्राज्य का इतिहास और मुगल बादशाहो से जुडी रोचक जानकारिया

mughal-empire-and-mughal-emperors-history-in-hindiमुगल साम्राज्य (Mughal Empire) भारत उपमहाद्वीप का एक ऐसा साम्राज्य था जिसमे मुस्लिम शाशको ने मध्य भारत के काफी हिस्से पर अपना शाषन किया था | मुगल साम्राज्य (Mughal Empire ) का विस्तार भारत से लेकर अफ़घानिसतान तक फैला हुआ था | मुगल साम्राज्य , मौर्य साम्राज्य के बाद भारत का सबसे बड़ा साम्राज्य था जिसने भारत की 4 मिलियन वर्ग किमी क्षेत्रफल पर अपना कब्जा कर रखा था | मुगल साम्राज्य (Mughal Empire ) में कुछ शाषक तो बहुत अच्छे थे तो कुछ बुरे भी थे | आइये आपको आज मुगल वंश के सभी बादशाहों के बारे में विस्तार बताते है |

बाबर | Babur History and Facts in Hindi

  • बाबर का असली नाम जहीरुद्दीन मोहम्मद बाबर था जो एक पारसी शब्द “बब्बर” से निकला था जिसक अर्थ होता है शेर |
  • बाबर उमर शेख मिर्जा का सबसे बड़ा पुत्र था जो तुर्की शाषक तैमुर के सीधे वंशज थे और दुसरी तरफ उसकी माँ एशिया को मंगोल शासक चंगेज खा के वंश से थी |
  • बाबर को 1495 में केवल 12 साल की उम्र में फ़रगना की गद्दी सौंप दी गयी थी और 1504 में उसने मध्य एशिया के मुख्य शहर काबुल पर कब्जा कर लिया था |
  • 1524 में लोदी साम्राज्य के विद्रोही दौलत खा लोदी ने बाबर को उत्तर भारत और राजपुताना के खिलाफ लड़ने के लिए आमंत्रित किया | उस समय राजपुताना पर मेवाड़ राजा राणा सांगा का शाषन था |
  • 1526 में बाबर ने लोदी साम्राज्य के इब्राहिम लोदी को हराकर दिल्ली पर अपना कब्जा किया और उत्तर भारत के सबसे महान साम्राज्य मुगल साम्राज्य (Mughal Empire ) की स्थापना की |
  • बाबर ने खानवा के युद्ध में राणा सांगा को भी पराजित किया था |
  • बाबर शारीरिक रूप से काफी हष्ट-पुष्ट था | ऐसा माना जाता है कि उसने लगभग सभी बड़ी नदियों को तैरकर पार किया हु जिसमे से उसने गंगा नदी को तो दो बार तैरकर पार किया था |
  • बाबर एक महान योद्धा , कुशल सेनापति , श्रेष्ठ कवि , उम्दा जीवनी लेखक (तुजुक-ए-बाबरी ) , कला और संगीत प्रेमी ,धार्मिक सहिष्णु ,उदार हृदय एवं साहसी व्यक्ति था |
  • आज की तारीख में उसे उज्बेकिस्तान और क्य्रेज्य्स्तान मेंनेशनल हीरो मानते है | बाबर ने अपनी आत्मकथा बाबरनामा लिखी थी जिसे उसके पौते अकबर ने पारसी में अनुवाद करवाया था |

हुमायु | Humayun History and Facts in Hindi

  • 1530 में  बाबर की मृत्यु के पश्चात उसका पुत्र हुमायु गद्दी पर बैठा था | वह वीर तो था परन्तु आलसी एवं मानव पारखी नही था |
  • 1540 में कन्नोज के यद्ध में शेरशाह सुरी ने उसे पराजित कर साम्राज्य (Mughal Empire ) पर अधिकार कर लिया था |
  • हुमायु ने 15 साल तक फारस में देश निकाला बिताया था |
  • 1555 में हुमायु ने पुन: शेरशाह सुरी के उत्तराधिकारीयो को हराकर अपना खोया राज्य वापस प्राप्त किया था |
  • हुमायूँ की मौत अपने पुस्तकालय की सीढियों से गिरने की वजह से हुयी थी | हुमायूँ अपनी हाथो में किताबे लेकर सीढियों से उतर रहा था तब फिसल जाने की वजह से सीढियों से गिरते हुए उसके सीधे सर पर लगी जिससे इस घटना के तीन दिन बाद उसकी मौत हो गयी थी |

अकबर | Akbar History and Facts in Hindi

  • 1556 में अपने पिता हुमायु की मृत्यु के बाद जलालुदीन मोहम्मद अकबर मुगल साम्रज्य (Mughal Empire ) का शाषक बना |
  • अकबर दुनिया के महानतम सम्राटो में से एक गिना जाता है |
  • अकबर ने अपने प्रबल विरोधी राजपूतो से मैत्री का हाथ बढाकर साम्राज्य को भय से मुक्त किया और स्थिरता दिलाई |
  • अकबर ने अपनी सर्वधर्म समभाव निति से साम्राज्य के की बहुसंख्यक हिन्दू प्रजा को चैन दिलाया और संतुष्ट किया | अकबर  को विश्व का सबसे पहला धर्म निरपेक्ष शाशक कहा जाता है |
  • अकबर के दीवान टोडरमल ने ऐसी भू-राजस्व प्रणाली बनाई थी जो आज भी देश की भू-राजस्व प्रणाली का आधार है |
  • अकबर स्वयं एक वीर योद्धा था जिसने अपनी मनसबदारी प्रणाली के द्वारा मुगल सेना का कुशल संघठन एवं अनुशासन स्थापित किया | इसके बल पर उसने नये नये प्रदेश जीतकर लगभग सारे भारतवर्ष को मुगल साम्राज्य के अंतर्गत किया |
  • अकबर के दौर में साहित्य, भवन निर्माण कला ,चित्रकला ,संगीतनृत्य के क्षेत्र में अद्भुद प्रगति हुयी | महान संगीतज्ञ तानसेन उसके दरबार में था | देश के महानतम कवि तुलसीदास एवं सूरदास उसके समय में हुए थे |
  • अकबर ने सभी धर्मो को मिलाकर एक नया धर्म दीन-ए-इलाही चलाया परन्तु जनता में इसके प्रति उत्साह न देख इस को बढाने में ज्यादा रूचि नही ली |

जहागीर | Jahangir History and Facts in Hindi

  • 1605 ई. में अकबर की मृत्यु के बाद उसका पुत्र नुरुदीन मुहम्मद सलीम जहांगीर मुगल सम्राट बना |उसकी माँ जोधाबाई थी |
  • जहांगीर एक विद्वान और न्यायप्रिय था परन्तु शराब की लत ने उसे निकम्मा बना दिया था | जहांगीर ने ज्यादातर काम अपने पिता के कामो को आगे बढाने का किया था |
  • जहागीर की अकुषला के कारण शाशन की सारी शक्तिया अप्रत्यक्ष रूप से उसकी बेगम नूरजहाँ ने हथिया ली थी जिससे साम्राज्य में भ्रष्टाचार एवं गुटबाजी बढ़ गयी |
  • जहागीर की 30 मुख्य रानिया और 7 बेटे थे | उसकी पहली पत्नी आमेर की मनभवंती बाई और 25वी पत्नी नूरजहाँ थी |
  • इन सबके बावजूद उसके चित्रकला प्रेम के कारण उसके समय की चित्रकारी मध्युग की श्रेष्ठतम चित्रकारी माना जाता है |

शाहजहा | Shah Jahan History and Facts in Hindi

  • जहागीर की मृत्यु के बाद उसका 1627 ईस्वी में उसका पुत्र खुर्रम शाहजहा के नाम से मुगल सिहासन पर बैठा
  • जहागीर एक वीर सेनानायक था और उसके समय में दक्षिण का शेष रहा अधिकांश भाग जीतकर मुगल साम्राज्य (Mughal Empire) में मिला लिया गया |
  • शाहजहा सारे विश्व में अपनी भवन निर्माण कला के लिए प्रसिद्ध रहा | दिल्ली का लाल किला ,जामा मस्जिद और अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनाया गया ताजमहल की इमारत विश्व की खुबसुरत इमारतो में से एक है |
  • ताजमहल को यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल कर लिया है और यह दुनिया के साथ आश्चर्यो में से एक भी है |
  • शाहजहा ने सात बार शादी की थी और मुमताज महल उसकी चौथी बीबी थी |
  • शाहजहा ने अपने ही बेटे के विरुद्ध युद्ध लड़ा था जिसमे उसने बेटे औरंगजेब ने उसको गृहबंदी बना लिया था |

औरंगजेब | Aurangzeb History and Facts in Hindi

  • 1658 में अपने पिता की बीमारी के समय विद्रोह कर अपने तीनो भाइयो को मारकर औरंगजेब मुगल गद्दी पर बैठा |
  • औरंगजेब धर्मान्ध था जिसके कारण सिख ,जाट ,सतनामी राजपुत्र सभी के विरुद्ध उठकर साम्राज्य को खोखला करने लगे |
  • राजपूतो से तथा दक्षिण के युधो में असंतुलित धन खर्च कर उसने सारा राजकोष खाली कर दिया था |
  • अविश्वास और दमनकारी निति से उसकी सन्तान निकम्मी रह गयी |
  • औरंगजेब की मृत्यु के बाद 1707ईस्वी में मुगल साम्राज्य लडखडा गया हालांकि यह 1857 त्क्नाम चलता रहा था |लेकिन इसका गौरव नष्ट होआ गया और शक्ति क्षीण हो गयी |
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