मध्यप्रदेश की 11 ऐसी योजनाये , जिसने शिवराज सरकार को 11 सालो तक सत्ता में बनाए रखा | Madhya Pradesh Scheme Details in Hindi

गरीब राज्यों की श्रेणी में आने वाला राज्य आज विकसित बन रहा है | पिछले 11 साल में मध्यप्रदेश की सुरत बदल गयी है | निरंतर विकास पथ पर अग्रसर हो रहा है | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस 11 वर्षीय कार्यकाल में जहा कृषि विकास दर बढी | वही पर्यटन ,रोजगार , स्वास्थ्य ,शिक्षा ,निवेश के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए है | सरकारी योजनाओं को संकल्प के साथ जनता तक पहुचाया जा रहा है | गरीबो के लिए कल्याणकारी योजनाये परिवारों में खुशिया बिखेर रही है |मध्यप्रदेश का विकास देश के बाकी राज्यों के लिए उदाहरण बनकर उभर रहा है | आइये शिवराज सरकार की उन योजनाओं के बारे में आपको बताते है जिसके कारण मध्यप्रदेश का काफी विकास हुआ है |

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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना | Mukhyamantri Kanyadan Yojana

इस योजना का उद्देश्य गरीब ,जरूरतमंद , निराश्रित/निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या /विधवा / परित्याक्ता के विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है | यह सहायता सामूहिक विवाह में ही दी जाती है | इसकी शर्त यह है कि कन्या ने विवाह की निर्धारित आयु पुरी कर ली हो | पूर्व में इसके तहत 6000 रूपये की सहायता कन्या के गृहस्थी व्वयस्था के लिए तथा एक हजार रूपये सामूहिक विवाह आयोजन के खर्चे की पूर्ति के लिए दी जाती थी | अब इस राशि को बढाकर 10000 रूपये कर दिया गया है |

गाँव की बेटी योजना

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रो की प्रतिभावान बालिकाओ को उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ओर प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है | प्रत्येक गाँव से प्रति वर्ष 12वी कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को हर वर्ष 500 रूपये प्रतिमाह की दर से 10 माह तक छात्रवृति दी जाती है | हर गाँव में मेधावी बालिकाए होती है | बारहवी उत्तीर्ण करने के बाद कॉलेज में पढना तो चाहती है लेकिन कॉलेज शहरों कस्बो में होते है साथ हेई अधिकतर परिवारों की स्थिथि ऐसी नही होती है वे लडकियों को कॉलेज की पढाई का खर्च उठा सके | यहा तक की सक्षम परिवार भी यह खर्च उठान से बचते है उनके लिए इस योजना से बहुत लाभ हुआ है |

बीमारी सहायता निधि | Beemari Sahayta nidhi Yojana

जिला/राज्य बीमारी सहायता निधि के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के व्यक्ति को घातक अरु जानलेवा बीमारी होने पर डेढ़ लाख रूपये तक निशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाती है | इसमें 25 हजार से 75 हजार रूपये तक की सहायता प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर द्वारा तथा 75 हजार से डेढ़ लाख तक की सहायता स्वास्थ्य मंत्री द्वारा स्वीकृत की जाती है | गम्भीर बीमारी की स्थिति में गरीब व्यक्ति तो इलाज की बात सोच भी नही पाटा | इसमें जितनी बड़ी राशि खर्च होती है वह उनके पास नही होती | इस योजना से गरीबो को बहुत राहत मिली है |

मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना | Annapurna Yojana

गरीब परिवारों को महंगाई की मार से राहत देने के उद्देश्य से अप्रैल 2008 से शुरू की गयी मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना को नया स्वरूप दिया गया है  जून 2013 से लागू नये स्वरूप में गेहू और चावल की रियायती दर को ओर कम कर दिया है तथा आयोडीनयुक्त नमक औ शक्कर को इसमें शामिल किया गया है | पुरे प्रदेश में साथ ही एक किलो की दर से आयोडीनयुक्त नमक भी दिया जा रहा है | इसके अलावा सरकार ने इन परिवारों को रियायती दर पर साढ़े तेरह किलो के हिसाब से दी जाने वाली शक्कर की आपूर्ति को जारी रखने का निर्णय लिया है |

अटल ज्योति अभियान

ग्रामीण क्षेत्रो के घरो के 24 घंटे तथा खेती के लिए कम से कम 10 घंटे बिजली देने के लिए अटल ज्योति अभियान लागू किया गया | अभियान को जुलाई माह तक प्रदेश के सभी 50 जिलो में लागू कर दिया गया है | भरपूर बिजली मिलने से गाँव में लघु और कुटीर उद्योगों का जाल बिछने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल मिलने की शुरुवात हो गयी है |

नि:शुल्क औषधि वितरण योजना

नवम्बर 2012 में सरदार वल्लभभाई पटेल निशुल्क औषधि वितरण योजना की शरूवात की गयी है | स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिला अस्पताल , सिविल अस्पताल , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक योजना का प्रभावी क्रियान्वन किया जा रहा है | योजना में आवश्यक दवाये निशुल्क दी जाती है | दवा या औषधि के उपलब्ध ना होने पर अस्पताल प्रबन्धन द्वारा दवा क्रय कर उपलब्ध करवाई जा रही है |

प्रतिभा किरन योंजना

योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में BPL मी मेधावी छात्राओं को शिक्षा का स्तर बढाने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप आर्थिक सहायता करना है | यह लाभ उन छात्राओं को मिलता है जिन्होंने शहर की पाठशाळा से 12वी कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की हो | उसे उत्तीर्ण वाले वर्ष में ही उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेना जरुरी है | उसे परम्परागत अवधि पाठ्यक्रम के लिए प्रतिवर्ष 500 रूपये प्रतिमाह 10 माह तक तथा तकनीकी वौर चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए 750 रूपये प्रतिमाह प्रोत्साहन दिया जाता है |

लाडली लक्ष्मी योजना | Laadli Laxmi Yojna

वर्ष 2006 से लागु की गयी इस योजना का उद्देश्य बालिकाओ के शैक्षिक और आर्थिक स्तर में सुधार लाकर उनके भविष्य की आधारशिला रखने के साथ साथ कन्या जन्म के प्रति समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाना है | योजना के तहत बालिकाओ के जन्म के बाद उसके पक्ष में प्रति वर्ष 6000 रूपये के राष्ट्रीय विकास पत्र पांच वर्ष तक शासन द्वारा क्रय किय जाते है | इस प्रकार यह राशि 30 हजार रूपये होती है | बालिका के कक्षा छठवी में प्रवेश पर उसे 2000 रूपये ,  नौवी में प्रवेश पर 4000 रूपये , 11वी में प्रवेश पर 7500 रूपये तथा 11वी और 12वी की पढाई के लिए दो वर्ष तक 200 रूपये प्रतिमाह दिए जाते है

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना | Mukhyamantri Yuva Swarozgar Yojana (MMYSY)

युवाओं को स्वयं के उद्योग व्यवसाय शुरू करने में मदद के लिए यह योजना लागू की गयी है | इसका उद्देश्य सभी वर्ग के युवाओं को स्वयं का उद्योग ,सेवा व्यवसाय , स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना है | हितग्राहियो को मार्जिन मनी सहायता तथा ब्याज अनुदान की सुविधा दी जाती है | योजना में आय सीमा का कोई बंधन नही है | प्रचलित योजनाओं में निर्धारित अहर्ताओ के अनुसार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाता रहेगा | मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में गारंटी शुल्क का भुगतान तथा ब्याज अनुदान जैसी विशिष्ट सुविधाए मिलती है |

दीनदयाल चलित योजना | Deendayal Canteens

जून 2006 से लागू योजना का उद्देश्य प्रदेश के सुदूर आदिवासी अंचलो में गुणवत्तापूर्ण स्वस्थ सुविधाए पहचाना है | इसमें एक चलित वाहन का निर्माण कराया गया है जिसमे डॉक्टर ,स्टाफ जरुरी उपरकण तथा दवाये उपलब्ध है | यह वाहन आदिवासी क्षेत्रों के गाँवों तथा हाट बाजारों में सभी वर्ग के लोगो को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाए उपलब्ध कराता है | दूरदराज क्षेत्रो मे रहने वाले आदिवासी लोग बीमारी की स्थिति में आमतौर पर अस्पताल नही जा पाते | सुविधाओं की कमी के चलते वे वहा जाने से बचते है ऐसी स्थिति में उन्हें गाँव और हाट बाजारों में ही इलाज की सुविधा मिल गयी है |

तीर्थ दर्शन योजना | Mukhyamantri Teerth Darshan Scheme

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ट नागरिको को उनके जीवनकाल में एक बार प्रदेश के बाहर निर्धारित तीर्थ स्थानों में से किसी भी एक स्थान की यात्रा के लिए राज्य सरकार सहायता देती है | योजना 3 सितम्बर 2012 को रामेश्वरम की यात्रा की साथ के साथ आरम्भ हुए | योजना में राज्य शासन ने वर्तमान में श्री बद्रीनाथ ,श्री केदारनाथ , श्री जगन्नाथपुरी , श्री द्वारिकापुरी ,  हरिद्वार , काशी ,गया ,अमृतसर , रामेश्वरम  ,सम्मेद शिखर , अमरनाथ , वैष्णोदेवी ,शिरडी , तिरुपति , अजमेर शरीफ , श्रवण बेलगोला और बेलाग्नी चर्च , नागा पट्टम्म तीर्थ को शामिल किया है |

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