Kishore Kumar Biography in Hindi | सदाबहार गायक किशोर कुमार की जीवनी

 Kishore Kumar Biography in Hindi

Kishore Kumar Biography in Hindiमित्रो लाखो दिलो पर राज करने वाले Kishore Kumar  किशोर कुमार एक ऐसे गायक थे जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से एक इतिहास रच दिया | उनके गानों को आज भी आप भारत के हर घर में सुन सकते है | किशोर कुमार की आवाज आज भी लोगो के दिल में जीवित है जो उन्हें प्यार और दर्द के नगमे सुनाती है | उसी प्यार और दर्द की आवाज के जादूगर की जीवनी से आज आपको रूबरू करवाना चाहते है |

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Kishore Kumar  किशोर कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गांगुली परिवार में हुआ था | उनके पिता का नाम कुंजालाल गांगुली और माता का नाम गौरी देवी थे | Kishore Kumar किशोर कुमार का बचपन का नाम आभास कुमार गांगुली था और वो एक बहुत सम्पन्न परिवार से थे |  किशोर कुमार अपने भाई बहनों में सबसे छोटे थे | उनके सबसे बड़े भाई अशोक कुमार एक महान और मशहूर अभिनेता रह चुके थे | अशोक कुमार से छोटी उनकी बहन और उनसे छोटा एक  भाई अनूप कुमार था | जब किशोर कुमार फिल्मो में अभिनेता बन चुके थे तब किशोर कुमार बालक थे |

अशोक कुमार बताते है कि उनका बचपन से गला खराब रहता था और लगातार खांसते रहते थे | बचपन में किशोर कुमार के साथ एक घटना हुयी जिसमे उनके पैर की एक अंगुली कट गयी थी | अब दर्द के मारे किशोर कुमार का बुरा हाल हो गया था और उस समय ऐसी दवाईया नही थी जो दर्द को कम कर सके | अब दर्द के कारण दिन के अधिकतर समय रोते रहते थे और दवा देने के बाद चुप होते थे | अब एक महीने तक उनके रोने का सिलसिला युही चलता रहा और इसी कारण बचपन से खासते रहने वाले किशोर कुमार का गला साफ हो गया | उसके बाद उन्होंने गाना शुरू किया |

Kishore Kumar किशोर कुमार बचपन से ही KL सेहगल के फेन थे और उनको ही अपनी प्रेरणा बनाकर गाते रहते थे | उनके बड़े भाई उनको अक्सर चिढाया करते थे कि वो सेहगल की तरह नही गा सकते है | अब किशोर कुमार अपने बड़े भाई की मदद से बॉम्बे टॉकीज में Chorus Singer के रूप में अपने करियर की शुरवात की | किशोर कुमार पहली बार अपने बड़े भाई की फिल्म शिकारी (1946 ) में नजर आये जहा उनको अभिनय करने का मौका मिला |  संगीतकार खेमचंद ने उनको पहले बार फिल्मो में गाना गाने का मौका दिया और उन्होंने 1948 में देवानंद की फिल्म जिद्दी  के लिए “मरने की दुआए क्यों मांगू ” गाना गाया | उनके इस गाने के बाद फिल्मो के कई ऑफर आये लेकिन उस समय फिल्मो में आने के लिए ज्यादा सीरियस नही थे |

1949 में वो मुंबई में रहने लग गये और 1951 में आयी आन्दोलन फिल्म में उन्हें मुख्य अभिनेता का किरदार निभाने को मिला | अपने बड़े भाई की वजह से उनको फिल्मो के कई ऑफर आये लेकिन वो गायक बनने में ज्यादा रूचि रखते थे | अशोक कुमार जो उस समय तक एक मंझे हुए अभिनेता बन गये थे ,चाहते थे कि किशोर कुमार भी उनकी तरह अच्छा अभिनेता बने | अब किशोर कुमार अभिनय तो करते थे लेकिन उनको कॉमेडी रोल करना पसंद था |

Kishore Kumar किशोर कुमार ने संगीत की कोई औपचारिक शिक्षा नही ली थी इसलिए संगीतकार उनको गाने में लेने के लिए कतराते थे फिर भी एक बार संगीतकारसलील चौधरी ने उनकी आवाज सुनकर उनको गाने के कई मौके दिए थे | इसके बाद किशोर कुमार ने न्यू दिल्ली , आशा , चलती का नाम गाडी , हाफ टिकट , गंगा की लहरें और पड़ोसन जैसी फिल्मो में हास्य अभिनेता का काम किया | चलती का नाम गाडी उनकी अभिनय के तौर पर एक सफल फिल्म रही जिसमे कार मेकेनिक के रूप में उनके और मधुबाला के बीच रोमांस को दिखाया गया है | इस फिल्म में उनका गाना “एक लडकी भीगी भागी सी ” बहुत लोकप्रिय हुआ था |

संगीतकार SD बर्मन को किशोर कुमार के टैलेंट को समझने और निखारने का श्रेय जाता है जिन्होंने किशोर कुमार को सेहगल की आवाज की नकल करने के बजाय अपनी खुद की धुन निकालने को कहा | उनसे प्रेरित होकर उन्होंने अपनी खुद की कला “युड्ली” को इजाद किया जो उन्होंने विदेशी संगीतकारो से सुन रखा था |  बर्मन ने किशोर कुमार Kishore Kumar को कई फिल्मो में काम दिलवाया जिसमे कुछ प्रमुख फिल्मे मुनीमजी , टैक्सी ड्राईवर ,  House No. 44, फुन्तूश , नौ दो ग्यारह , पेइंग गेस्ट , गाइड , Jewel Thief , प्रेम पुजारी और तेरे मेरे सपने थी | उनके बर्मन साहब के लिए गाय गानों में “माना जनाब ने पुकारा नही ” “हम है राही प्यार के ” “ऐ मेरी टोपी पलट के आ ” “हाल कैसा है जनाब का ” जैसे लोकप्रिय गाने गाये |

1961 में फिल्म झुमरू में उन्हों निर्माता और निर्देशन का काम भी किया | इसके बाद उन्होंने कई गाने गाये लेकिन उस समय तक उनका ज्यादा नाम नही था | 1969 में उन्होंने आराधना फिल्म में “मेरे सपनो की रानी ” गाना गाया जिसने उनको एक स्टार बना दिया और इसी फिल्म के गाने “रूप तेरा मस्ताना ” के लिए उनको पहला फिल्मफेर अवार्ड भी मिला |  1970 और 1980 का दशक उनके लिए स्वर्णिम दशक रहा था जिसमे उन्होंने मशहूर अभिनेताओ राजेश खन्ना , अमिताभ बच्चन , धर्मेन्द्र ,जीतेंद्र ,संजीव कुमार ,देवानंद ,संजय दत्त ,अनिल कपूर ,दिलीप कुमार ,प्राण ,रजनीकान्त ,गोविंदा और जेकी श्राफ के साथ काम किया |किशोर कुमार ने मो.रफी , मुकेश , लता मंगेशकर , आशा भोंसले जैसे दिग्गज गायकों के साथ काम किया |  13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार की मुत्यु हो गयी और संयोग से उस दिन उनके बड़े भाई अशोक कुमार का जन्मदिन था |

Kishore Kumar किशोर कुमार ने चार शादिया की थी | उनकी पहली पत्नी गायक और अभिनेत्री रुमा घोष थी और उनकी ये शादी 1950 से 1958 तक चली  उनकी दुसरी पत्नी मधुबाला थी  जिसके लिए उन्होंने मुस्लिम धर्म परिवर्तन कर दिया था लेकिन उनके परिवार वालो ने कभी मधुबाला को नही अपनाया| 1969 में मधुबाला की मृत्यु हो गयी और उन्होंने योगिता बाली से शादी कर ली जो केवल दो वर्ष 1976 और 1978 तक चली | किशोर कुमार ने अंतिम शादी लीना चंदावर्कर से की और 1980 से लेकर अपनी मौत तक उनसे शादी बनी रही | उनके दो पुत्र है रुमा घोष से उनको अमित कुमार और लीना चंदावर्कर से सुमित कुमार थे | Kishore Kumar किशोर कुमार की मौत के बाद भी उनके गाने आज भी हमारे दिलो में जीवित है |

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