प्रेरणादायक कहानिया Inspirational Stories in Hindi

Inspirational Stories in Hindi

पिता के साथ भोजन Meal With Father

Father and son Story in HindiInspirational Stories in Hindi एक बार एक पुत्र अपने पिता को भोजनालय में खाने के लिए ले गया | उसके पिता बहुत ही वृद्ध और कमजोर थे और खाना खाते उनकी कमीज और पेंट पर भोजन गिर गया था | उस भोजनालय में बैठे दुसरे लोग उसको देखकर घृणा करने लगे जबकि उसका पुत्र शांत रहा | जब उन्होंने खाना खा लिया तब उसने बिना शर्मिंदा हुए अपने पिता को लेकर वाशरूम गया और अपने पिता के चेहरे , कमीज और पेंट से दागो को साफ़ किया | उसने अपने पिता के बालो में कंघी की और चश्मा सही लगाया |

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जब वो बाहर आये तब पूरा भोजनालय उनको देखकर बिलकुल शांत हो गया | उन लोगो के ये समझ में नही आया कि कैसे सभी लोगो के सामने खुद को शर्मिंदा किया | पुत्र ने खाने का बिल भरा और पिता को लेकर जाने लगा | तभी एक बुजुर्ग आदमी पुत्र के पास आया और पूछा “तुम शायद कुछ भूल रहे हो ” | पुत्र ने उत्तर दिया  “नही , मैं कुछ नही भुला, आप बताये  ” | उस बुजुर्ग आदमी ने जवाब दिया “तुम यहा बैठे हर पुत्र के लिए एक शिक्षा और हर पिता के लिए एक आशा छोडकर जा रहे हो  ” | यह सुनकर पपुरे भोजनालय में शान्ति छा गयी |

शिक्षा  :  उनकी सेवा करो जिन्होंने आपका पालन पोषण किया  | आप जानते है किस तरह आपके माता पिता ने आपका पालन पोषण किया  इसलिए उन्हें प्यार और सम्मान दो

दुसरो की मदद करना करना सीखो Help Others

Help Othersएक बार के आदमी था जो बहुत दयालु और उपकारी था | वो बिना किसी राशि के दुसरो की मदद करने से नही चुकता था | उसको मदद के बदले दुसरो का प्यार पाना पसंद था | एक दिन वो सडक पर जा रहा था तभी उसे जमीन पर पड़ा एक पर्स दिखा | उसने उसे उठा लिया और उसको खोलकर देखा लेकिन वो पर्स बिलकुल खाली था | उसी समय एक औरत ने उसे देख लिया और पुलिस बुलवाकर उसे गिरफ्तार करवा दिया |

वो औरत बार बार उस आदमी से पैसो का पता बताने के लिए कह रही थी लेकिन उसका एक ही उत्तर था कि “जब मुझे ये पर्स मिला तब बिलकुल खाली था ” | वो औरत उसके सामने रोते हुए चिल्लाने लगी “कृपा करके वो पर्स में रखे पैसे मुझे दे दो , मुझे अपने बेटे के स्कूल की फीस भरनी है “| जब आदमी ने उस औरत पर गौर किया कि वो औरत बहुत दुखी है तो उसने अपनी जेब से सारे पैसे निकालकर उसे दे दिए | वो औरत चली गयी और पुलिस उस आदमी को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले गये |

उस औरत ने जब पैसे गिने तो वो बहुत खुश हुई क्योंकि वो उसके पर्स में रखे पैसो से दुगुने थे | एक दिन वो अपने बेटे की स्कूल की फीस भरने स्कूल की तरफ जा रही थी तभी उसे पीछे से किसी आदमी को पीछा करते हुए देखा | उसने सोचा कि शायद ये कोई लुटेरा है इसलिए वो नजदीक में ही खड़े  पुलिस वाले के पास गयी | ये वही  पुलिस वाला था जिसने उसका पर्स के बारे में पूछताछ की थी | उसने पुलिस वाले को बताया कि कोई आदमी उसका पीछा कर रहा है | तभी उन्हें एक आदमी हाफ्ता हुआ नजर आया और वो उसकी तरफ दौड़े | ये वही आदमी था जिसको पुलिस ने पर्स चुराने के जुर्म में गिरफ्तार किया था |

पुलिस वाले ने बड़ी नर्म नजर से उसकी ओर देखा लेकिन वो औरत ये देखकर परेशान हो गयी | तब उस पुलिस वाले ने उस औरत को बताय कि ” उसने तुम्हारे पैसे नही चुकाए बल्कि अपने पैसे तुम्हे दिए ” | वो चोर नही था लेकिन तुम्हारे बेटे की स्कूल की बात सुनकर उसने तुम्हे अपने पैसे दे दिए | तब आदमी ने उस औरत को बताया “मै तुम्हारा पीछा इसलिए कर रहा था ताकि कोई तुम्हारे बेटे की स्कूल फीस ना चुरा ले ”  | ये सुनकर वो औरत एक भी शब्द नही बोल सकी और उसे आत्मग्लानि हुयी |

शिक्षा :  जीवन हमे विचित्र अनुभव देत है कभी ये चोट पहुचाता है तो कभी चकित करता है | हम गुस्से में अक्सर गलत निर्णय ले लेते है और अगर हमे अपनी गलती सुधारने का दूसरा मौका मिले तो हमे नही छोड़ना चाहिए | हमेशा दुसरो की मदद करनी चाहिए |

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