Indian Railway Facts in Hindi | भारतीय रेलवे से जुड़े रोचक तथ्य

Indian Railway Facts in Hindi

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  • भारतीय रेल एशिया की सबसे बड़ी तथा विश्व की दुसरी बड़ी रेल व्यवस्था है |
  • भारत में सर्वप्रथम रेल व्यवस्था की शुरुवात अप्रैल 1853 में मुम्बई से थाणे के बीच प्रारम्भ हुयी |
  • विश्व की सबसे पहली रेलगाड़ी 1825 ई. में लिवरपूल से मैनचेस्टर के बीच चली थी |
  • भारतीय रेलवे बोर्ड की स्थापना मार्च 1905 में की गयी थी |
  • भारतीय रेल प्रशासन तथा प्रबंध की जिम्मेदारी रेलवे बोर्ड पर है |
  • रेलवे को 17 मंडलो में बांटा गया है प्रत्येक मंडल का प्रधान महाप्रबन्धक होता है |\
  • देश की सबसे लम्बी दूरी तय करने वाली रेलगाड़ी विवेक एक्सप्रेस है जो डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी जाती है | इस दौरान वह 4286 किमी दूरी तय करती है | इससे पूर्व हिमसागर एक्सप्रेस , जो जम्मू तवी से कन्याकुमारी (3726 किमी ) तक जाती है सबसे लम्बी दूरी तय करने वाली रेलगाड़ी थी |
  • भारत की सबसे तेजरफ्तार ट्रेन नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस है | इसकी अधिकतम रफ्तार 150-160 किमी प्रति घंटा है |
  • बिश्व का सबसे लम्बा रेलमार्ग ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग है जो लेनिनग्राड से ब्लाडीवास्टक तक 9438 किमी लम्बा है |
  • भारतीय रेल व्वयस्था के अंतर्गत 2014 तक 65808 किमी लम्बा रेलमार्ग बिछा हुआ था | इसका लगभग 32.84 भाग विद्युतीकृत है |
  • बिजली से चलने वाली प्रथम रेलगाड़ी Deccan Queen थी जो मुम्बई एवं पुणे के बीच चली ठी |
  • रेल इंजन निर्माण के कारखाने चितरंजन ,वाराणसी और भोपाल में स्थित है |
  • सवारी डिब्बो का निर्माण पेरम्बूर (चेन्नई के निकट) , कपूरथला , कोलकाता और बेंगलुरु में किया जाता है |
  • रेल इंजन बनाने का नया कारखाना मधेपुरा (इलेक्ट्रिकल इंजन) एवं मधौरा (डीजल इंजन) बिहार में स्थापित किया गया है |
  • पहिया बनाने का कारखाना छपरा (बिहार ) एवं रेल कोच फक्ट्री रायबरेली (उत्तर प्रदेश) में स्थापित किया गया है

Metro Railway Facts in Hindi

  • विश्व में सबसे पहली Metro Rail लन्दन में चली थी जिसकी शुरुवात 10 मई 1963 को हुयी | यह विश्व की दुसरी सबसे लम्बी Metro Train है जिसकी लम्बाई 402 किमी है |
  • चीन की शंघाई मेट्रो विश्व की सबसे लम्बी मेट्रो रेन है जिसकी कुल लम्बाई 434 किमी है |
  • भारत में Metro Train की शुरुवात 24 अक्टूबर 1984 से कोलकाता में शुरू की गयी | वैसे तो इसकी योजना तो 1972 में आ गयी थी और इसको अमल में 1975 में लाया गया |
  • दिल्ली मेट्रो रेल की परियोजना जापान और कोरिया की कम्पनियों के सहयोग से बनाई गयी है | इसके अंतर्गत पहली रेल सेवा 25 दिसम्बर 2002 को तीस हजारी से शाहदरा के बीच चलाई गयी |
  • बेंगलुरु मेट्रो रेल की शुरुवात 20 अक्टूबर 2011 से Namma Metro के नाम से शुरू की गयी | इसके ढ़ांचागत सुविधाओं का विकास जापान के सहयोग से किया गया है |
  • मुम्बई मेट्रो रेल की शुरुवात 8 जून 2014 को हुयी | वर्तमान में इसकी लम्बाई 11.4 किमी है और तीन नई लाइन बनाने की योजना है | 12 स्टेशन कार्यरत है और 93 स्टेशन बनाने की योजना है

Indian Railway History in Hindi (भारत की आजादी से पहले )

  • भारत में रेल संचालन में मद्रास के सिविल इंजिनियर ए.पी.कॉटन का महत्वपूर्ण योगदान रहा |
  • East India Company के प्रथम एजेंट रोलैंड मैक डोनाल्ड ने लन्दन में 1844 में East India Rail Company की स्थापना की | उन्होंने कोलकाता से दिल्ली तक रेल लाइन बिछाने का सर्वेक्षण किया |
  • 1848 में कलकत्ता में Great Indian Pennsylvania Railway Company की स्थापना हुयी | इसी वर्ष हावड़ा से रानीगंज तक रेल लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया | 1850 में इसी कम्पनी ने मुम्बई से थाणे तक रेल लाइन बिछाने का कार्य प्रारम्भ किया |
  • 18 फरवरी 1852 को भायखला के पास Great Indian Pennsylvania Railway ने बड़ी लाइन के भाप इंजन फाकलैंड को पहली बार शटिंग के लिय चलाया |
  • एशिया और भारत में प्रथम रेल यात्रा 16 अप्रैल 1853 अपराह्न 3.30 बजे बोरीबन्दर (शिवाजी टर्मिनल ) से प्रारम्भ हुयी | रेलगाड़ी को ब्रिटेन से मंगवाए तीन भाप इंजन सुल्तान ,सिन्धु और साहिब खीच रहे थे | बीस डब्बो में 400 यात्रियों को लेकर यह गाड़ी रवाना हुयी | रेलगाड़ी ने 34 किमी का सफर तय किया | यह सांय 4.45 बजे थाणे पहुची |
  • 18 अप्रैल 1853 को पहली उप-नगरीय रेल चलाई गयी , जो बड़ी लाइन (1676 मीटर) की रेलगाड़ी थी | इसी दिन रेल की समय सारणी तैयार की गयी |
  • हावड़ा से रानीगंज के मध्य प्रथम रेलगाड़ी 1 फरवरी 1855 को चली , जिसमे फेरी क्वीन नामक भाप का इंजन जोड़ा गया था |
  • 1855 में सुरत से बडौदा (BB) तथा सेंट्रल इंडिया रेलवे (CIR) की स्थापना हुयी | अंकलेश्वर ,गुजरात से उत्रान तक 29 मील लम्बे रेलमार्ग का निर्माण किया गया |
  • उत्तर रेलवे का प्रथम रेलमार्ग इलाहाबाद से कानपुर तक 3 मार्च 1857 में खोला गया |
  • 1858 में दो अन्य रेल जोन Eastern Bengal Railway Great और Southern Railway की स्थापना की गयी |
  • 15 मई 1861 को कसार (थालघाट) तक की रेल लाइन खुलने के साथ North Western Railway आरम्भ |
  • 1862 में जमालपुर में प्रथम रेल कारखाने की स्थापना तथा अमृतसर-अटारी रेलमार्ग खोला गया |
  • भारत में भाप इंजन 1865 में बनने शुरू हुए | जमालपुर कारखाने में एक्सप्रेस नामक पहला भाप इंजन बनाया गया | इसके कल-पुर्जे अलग अलग कारखानों से मंगाए गये थे |
  • 1869-70 में रियासतों को नई गारंटी प्रणाली के तहत रेल लाइन बिछाने का अधिकार मिला |
  • 1872 में प्रथम रेल श्रेणी के डिब्बो को वातानुकूलित बनाया गया |
  • 1873 में कलकत्ता में ट्राम की स्थापना , जो वहा की पहचान बन गयी थी | कोलकाता ट्रामवे कम्पनी ने 24 फरवरी 1873 में पहली ट्राम सियालदाह से आर्मेनियम घाट स्ट्रीट तक चलाई | इस ट्राम का सफर 3.8 किमी लम्बा था |
  • देश में प्रथम नैरोगेज रेल 8 अप्रैल 1873 में बडौदा स्टेट रेलवे द्वारा चलाई गयी | इस रेल ने 32 किमी का सफर डिभोई से मियागंव तक तय किया |
  • रेल में सफर करने वाले यात्रियों एवं माल की सुरक्षा के लिए 1872 में सुरक्षा बल की स्थापना की गयी | उस समय इसका नाम Watch and Ward था जिसे 1954 में रेल सुरक्षा बल और 1957 में Railway Protection Force किया गया |
  • अजमेर में 1887 मव कैरेज कारखाने का उद्घाटन | अजमेर में ही 1895 में F-734 नामक पहला स्वदेशी भाप इंजन बनाया गया | इसके सभी कलपुर्जे यही बने थे |
  • 1865 में स्थापित जमालपुर कारखाने का पहला स्वदेशी भाप इंजन 1899 में बना | इस इंजन का नाम Lady Kurjon रखा गया |
  • रेलवे बोर्ड का गठन 1905 को किया गया | इसके अध्यक्ष तथा दो सदस्यों के पदों को सृजित किया गया |
  • 10 नवम्बर 1905 को राजस्थान में Jaipur Railway State Railway गठित किया गया |
  • 1911 में कच्छ के महाराजा ने प्रथम बार पेट्रोल चलित रेल कार में सफर किया |
  • 1915 में भारत में प्रथम रेल इंजन ब्रिस्टोल से मंगवाया गया |
  • 1925 में 1500 वाल्ट डीसी द्वारा प्रथम विद्युत चलित रेलगाड़ी वी.टी. से कुर्ला हार्बर (16 किमी) तक चलाई गयी
  • भारत में डीजल इंजन का संचालन गायकवाड बडौदा रेलवे ने 1932 में किया | यह इंजन 95 BHP का था | इसका निर्माण आर्मस्ट्रांग वाइटबर्थ ने किया | पेट्रोल ,डीजल तथा विद्युत चलित तब भाप इंजनों का स्थान लेने लगे | इससे प्रदुषण कम होता था और ये तीव्रगामी भी थे |
  • सेंट्रल इंडियन रेलवे ने भारत में 1936 में मुम्बई बडौदा के बीच पूर्ण वातानुकूलित रेलगाड़ी चलाई
  • 1937 में बर्मा भारत से अलग हो गया तो 3200 किमी रेलमार्ग बर्मा में चला गया |
  • 1937 में रेल विभाग को परिवहन और संचार मत्रालय को सौंपा गया |
  • 1942 ,इ मुम्बई बडौदा रेलवे तथा सेन्ट्रल इंडियन रेलवे को भी सरकार के अधीन कर लिया गया |

Indian Railway History in Hindi (भारत की आजादी के बाद )

  • 1947 के देश विभाजन के बाद भारत की 11200 किमी रेल लाइन पाकिस्तान में चली गयी |
  • 1947-48 में रेलमार्गों की कुल लम्बाई 54.375 किमी थी |
  • 1948 में चितरंजन (प.बंगाल) में चितरंजन लोकोमोटिव कारखाना स्थापित 1950 में इस कारखाने में पहला भाप इंजन बनाया गया |
  • 15 अप्रैल 1953 को राष्ट्रीय रेल उपभोक्ता समिति बनाई गयी
  • 23 अप्रैल 1956 में वाराणसी में डीजल लोकोमोटिव की स्थापना ,जिसकी आधारशिला डा.राजेन्द प्रसाद ने रखी |
  • चेन्नई में रेल डिब्बा कारखाने में 2 अक्टूबर 1955 को प्रथम डिब्बा तैयार |
  • 1959 में पुणे में उच्च रेल पथ प्रशिक्षण स्कूल की स्थापना
  • 1961 में चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में पहला स्वदेशी इंजन बनाया गया | इसका नाम बाल गंगाधर तिलक के नाम पर लोकमान्य रखा गया |
  • पहला मीटरगेज इंजन 1968 में वाराणसी स्थित डीजल लोकोमोटिव वर्क्स द्वारा बनाया गया | इस इंजन का नाम इंद्रप्रस्थ था | इसका उद्घाटन मोरारजी देसाई ने किया था |
  • 1 मार्च 1969 को देश की पहली सुपरफ़ास्ट ट्रेन ब्रॉडगेज पर दिल्ली से हावड़ा के बीच शुरू की गयी | इसका नाम राजधानी एक्सप्रेस रखा गया |
  • 5 फरवरी 1972 को चितरंजन कारखाने में भाप इंजन का निर्माण बंद किया गया | अंतिम भाप इंजन का नाम आखिरी सितारा था |
  • 29 दिसम्बर 1972 में कोलकाता में मेट्रो रेल की स्थापना
  • शिमला समझौते के बाद 22 सितम्बर 1975 को भारत एवं पाकिस्ताब के बीच समझौता एक्सप्रेस शुरू की गयी लेकिन दोनों देशो के बीच संबंधो में जब भी खटास आई तब गाज इसी समझौता एक्सप्रेस पर गिरी | सन 1984 में Operation Blue Star , 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस तथा 13 दिसम्बर 2001 को संसद पर हुए हमले की घटनाओं के बाद इसे बंद कर दिया गया | शान्ति और भाईचारे की बात जब भी चलती है तो इसे गाडी की सिटी पुन: सुनाई देने लगती है 15 जनवरी 2004 में पुनः शूरू किया गया |
  • 1977 में डीजल लोकोमोटिव ने 1000वा इंजन बनाया |
  • 1 फरवरी 1977 में रेलमंत्री कमलापती त्रिपाठी ने दिल्ल्ली में रेल संग्रहालय का उद्घाटन किया | 1979 में मैसूर में एक अन्य रेल संग्रहालय आरम्भ |
  • 1979 में केन्द्रीय कारखाना आधुनिकीकरण संगठन (COFMOW)का गठन किया गया |

भारत की प्रमुख रेलगाड़िया

  • गतिमान एक्सप्रेस – दिल्ली से आगरा के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली भारत की सबसे तेज रेल | ये रेल हजरत निजामुद्दीन से आगरा की 188 किमी दूरी मात्र 100 मिनट में ततय कर लेती है |
  • शताब्दी एक्सप्रेस– शताब्दी रेल वातानुकूलित इंटरसिटी रेल है जो केवल दिन में चलती है | भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस भारत की सबसे तेज रेलों में से एक है जो दिल्ली से आगरा के बीच चलती है | ये रेलगाड़ी 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुच सकती है | इसकी शुरुवात 1988 में हुयी थी |
  • राजधानी एक्सप्रेस – ये रेलगाड़ी भारत के मुख्य शहरों को सीधे राजधानी दिल्ली से जोडती हुयी एक वातानुकूलित रेल है इसलिए इसे राजधानी एक्सप्रेस कहते है | ये भी भारत की सबसे तेज रेलगाड़ियो में शामिल है जो लगभग 130-140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक चल सकती है | इसकी शुरुआत 1969 में हुयी थी
  • दुरोंतो एक्सप्रेस-2009 में में शुरू हुयी यह रेल सेवा एक नॉन स्टॉप रेल है जो भारत के मेट्रो शहरों और राज्यों की राजधानियों को आपस में जोडती है | इस रेल की रफ्तार लगभग राजधानी एक्सप्रेस के बराबर है |
  • एसी एक्सप्रेस– ये पूर्ण वातानुकूलित रेलगाड़ी भारत के मुख्य शहरों को आपस में जोडती है | ये भी भारत की सबसे तेज रेलगाड़ियो से शामिल है जिसकी रफ्तार लगभग 130 किमी प्रति घंटा है |
  • तेजस एक्सप्रेस – ये भी शताब्दी एक्सप्रेस की तह पूर्ण वातानुकूलित रेलगाडी है लेकिन शताब्दी एक्सप्रेस से हटकर इसमें स्लीपर कोच भी है जो लम्बी दूरी के लिए काम आती है |
  • डबल डेकर एक्सप्रेस – ये भी शताब्दी एक्सप्रेस की तरह पूर्ण वातानुकूलित दो मंजिला एक्सप्रेस रेल है | ये केवल दिन के समय सफर करती है और भारत की सबसे तेज रेलों में शामिल है |
  • उदय एक्सप्रेस – दो मंजिला , पूर्ण वातानुकूलित ,उच्च प्राथमिकता , सिमीत स्टॉप , रात्रि यात्रा के लिए अच्छी
  • जन शताब्दी एक्सप्रेस – शताब्दी एक्सप्रेस की सस्ती किस्म ,  गति 130 किमी प्रति घंटा , AC और Non-AC दोनों
  • गरीब रथ – वातानुकूलित , गति अधिकतम 130 किमी प्रति घंटा , साधारण कोच से लेकर 3 टियर इकॉनमी बर्थ
  • हमसफर एक्सप्रेस – पूर्ण वातानुकूलित 3 टियर AC कोच रेलगाड़ी
  • सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस – राजधानी दिल्ली से जोडती सुपर एक्सप्रेस रेलगाड़ी
  • युवा एक्सप्रेस – 60 प्रतिशत से ज्यादा सीट 18-45 साल के यात्रियों के लिए रिज़र्व
  • कवि गुरु एक्सप्रेस – रविन्द्रनाथ टैगोर के सम्मान में शुरू रेलगाड़ी
  • विवेक एक्सप्रेस – स्वामी विवेकानंद की 150वी वर्षगांठ पर 2013 में शुरू
  • सुपरफ़ास्ट एक्सप्रेस – लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गाडिया
  • इंटरसिटी एक्सप्रेस – महत्वपूर्ण शहरों को आपस में जोड़ने के लिए छोटे रूट वाली गाडिया
  • राज्य रानी एक्सप्रेस-राज्यों की राजधानियों को महत्वपूर्ण शहरों से जोडती रेलगाड़ी
  • Express/Mails – सामान्य रेलगाड़िया जिसमे सुपर फ़ास्ट से ज्यादा स्टॉप होते है
  • फास्ट पैसेंजर – हर स्टेशन पर रुकने वाली धीमी रेलगाड़िया (40-80 किमी प्रति घंटा) , जो सबसे सस्ती रेलगाड़िया होती है |
  • सबअर्बन एक्सप्रेस – शहरी इलाको जैसे मुम्बई ,दिल्ली ,कोलकाता ,चेन्नई ,हैदाराबाद ,अहमदाबाद ,पुणे आदि में चलने वाली रेलगाड़िया , जो हर स्टेशन पर रुकती है और जिसमे अनारक्षित सीट होती है |
  • अन्त्योदय और जन साधारण एक्सप्रेस – पूर्ण रूप से अनारक्षित रेल
  • महामना एक्सप्रेस – आधुनिक सुविधाओं युक्त रेलगाड़ी
  • पर्यटक रेलगाड़िया – पैलेस ऑन व्हील्स , महाराजा एक्सप्रेस और The Golden Chariot जैसे पर्यटक रेलगाड़िया
  • हेरिटेज ट्रेन दार्जिलिंग हिमालय रेलवे – इसे टॉय ट्रेन भी कहते है जो दार्जिलिंग के पहाडी इलाको में चलती है |
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