नौसना दिवस पर जानिये पनडुब्बी से जुडी रोचक जानकारिया | Indian Navy Day Submarine Facts in Hindi

Indian Navy Day Submarine Facts in Hindi

indian-navy-day-submarine-facts-in-hindiमित्रो जैसा कि आप जानते है कि पृथ्वी के मात्र एक तिहाई हिस्से पर मानव आबादी रहती है | इसके बाकी हिस्से में सागर और महासागर है | भारत भी एक समुद्रवर्ती राष्ट्र है इसकी समुद्रतट रेखा 7500 किमी से ज्यादा लम्बी है | इस क्षेत्र की सुरक्षा में हमारी नौसेना अहम भूमिका निभाती है और किसी भी नौसेना की असल ताकत उनकी पनडुब्बी होती है | तो भारतीय नौसेना दिवस आपको पनडुब्बी से जुडी रोचक जानकारी बताते है |

loading...

भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास | Indian Navy Day History in Hindi

भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास 1971 के एतेहासिक भारत-पाकिस्तान के युद्ध से जुड़ा है जिसमे भारत ने पाकिस्तान पर न केवल विजय हासिल की बल्कि पूर्वी पाकिस्तान को आजाद करवाकर उसे स्वायत्तत राष्ट्र “बांग्लादेश” का दर्जा दिलाया था | 04 दिसम्बर 1971 को भारतीय नौसेना ने पाक के कराची में पेट्रोल के ठिकाने पर हमला किया था | भारतीय नौसेना इस गौरवमयी इतिहास की याद में हर वर्ष चार दिसम्बर को नौसेना दिवस मनाती है |

पनडुब्बी की कहानी | Submarine Story in Hindi

विश्व की पहली पनडुब्बी एक डच वैज्ञानिक ने 1602 में बनायी थी तथा पहली सैनिक पनडुब्बी “टर्टल” 1775 में बनायी गयी थी | 1620 से लेकर अब तक पनडुब्बियो की तकनीक और निर्माण में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए | 1950 में परमाणु शक्ति से चलनेवाली पनडुब्बियो ने डीजल चलित पनडुब्बियो का स्थान ले लिया | ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए इसके अंदर के ऑक्सीजन टंकी होती है |आधुनिक पनडुब्बियो में समुद्री जल के विघटन प्रक्रिया द्वारा ऑक्सीजन प्राप्त करने की व्वयस्था होती है |

विशेष प्रक्रिया द्वारा कार्बन-डाई-ऑक्साइड को भी अवशोषित किया जाता है ताकि पनडुब्बी के अंदर के सदस्यों को सांस लेने सम्बन्धी समस्या उत्पन्न न हो सके | इसी प्रकार अगर आग लग जाती है तो ऐसी स्थिति में जिस भाग  में आग लगी होती है उसे विशेष रूप से बने पर्दों की सहायता से शेष पनडुब्बी से अलग कर दिया जाता है | इस तरह वर्तमान में आधुनिक पनडुब्बिया कई महीने तक पानी में रह सकती है |

यह है विशिष्ट हथियार

पनडुब्बियो का सबसे अधिक उपयोग सैनिक कार्यो के लिए किया जाता है अत: वर्तमान समय में यह किसी भी देश की नौसेना का एक महत्वपूर्ण अंग है अन्य देशो की नौसेनाओ की तरह भारतीय नौसेना ने भी अपने बेड़े में पनडुब्बियो को शामिल किया है | इस समय हमारी नौसेना के पास 16 पनडुब्बिया है जो मुख्य रूप से रूस या जर्मनी में बनाई गयी है |

भारतीय नौसेना पोत INS अरिहंत परमाणु शक्ति चलित भारत की प्रथम स्वनिर्मित परमाणु पनडुब्बी है जिसे विशाखापत्तनम में तैयार किया गया है | अपने नाम के अन्रुरूप यह समुद्र के दुश्मनों को मात देने में पुरी तरह सक्षम है हालांकि अभी इसका कार्यवहन शुरू नही हुआ है इसे बनाने के बाद भारत भारत विश्व अक छठा ऐसा देश बन गया जिसके पास स्वनिर्मित पनडुब्बी है इससे पहले यह तकनीक अमेरिका ,रूस ,फ्रासं ,ब्रिटेन ,जर्मनी और चीन के पास थी |

पहली परमाणु पनडुब्बी

अमेरिका के सैनिक इंजिनियर हेमर रिकवर ने सबसे पहले परमाणु उर्जा चलित इंजन बनाने का प्रस्ताव रखा फिर 1949 से स्वयं ही बनाने के काम भी सम्भाल लिया | 1952 में उस पनडुब्बी का निर्माण कार्य शुरू हुआ और 21 जनवरी 1954 को नौटिलस नाम के परमाणु पनडुब्बी को समुद्र में उतार दिया गया | बाद में उसे नौसेना को सौंप दिया |

नौटिलस पुरी पूर्ण रूप से युद्ध के लिए तैयार पनडुब्बी थी जिसमे सभी आवश्यक शस्त्र ,अन्य नागरिक सामान और छह टारपीडो यूनिट थी | 17 जनवरी 1955 को इस परमाणु उर्जा चालित इंजन वाले पोत को पहली बार समुद्र में रवाना किया गया | अनेक खूबियों के वावजूद इसके रिएक्टर और टरबाइन डीजल इंजन की अपेक्षा शोर काफी रकते थे |

विश्वयुद्ध में रही ख़ास भूमिका

पनडुब्बियो का निर्माण 19वी शताब्दी से पहले हो चूका था पर इसकी लोकप्रियता 19वी शताब्दी में बढी और प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान इसका खूब प्रयोग किया गया | द्वीतीय विश्व युद्ध के समय भी इसका प्रयोग परिवहन के लिय सामान को एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जाने में किया जाता था | पनडुब्बियो पर कई पुस्तके भी लिखी गयी है |

Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *