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Fatehpur Sikri Travel Guide in Hindi | फतेहपुर सीकरी के प्रमुख पर्यटन स्थल

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Fatehpur Sikri Travel Guide in Hindi | फतेहपुर सीकरी के प्रमुख पर्यटन स्थल
Fatehpur Sikri Travel Guide in Hindi | फतेहपुर सीकरी के प्रमुख पर्यटन स्थल

विश्व विख्यात बुलंद दरवाजे और शेख सलीम चिश्ती की दरगाह के लिए मशहूर फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri) आगरा शहर से 37 किमी दूर बसा है | फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri) की स्थापना मुगल बादशाह अकबर ने एक किला नगर के रूप में की थी ,जिसका परकोटा आज भी मौजूद है | इस परकोटे के 7 द्वार है तथा यह 6 किमी क्षेत्र में फैला है | पूर्व में यहाँ सीकरी नाम का छोटा सा गाँव था | जब अकबर ने यहाँ किला नगरी बसाई तो इसका नाम फतेहपुर रखा को कालान्तर में फतेहपुर सीकरी कहलाया | आइये फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri) के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते है |

संत सलीम चिश्ती का मकबरा (फतेहपुर सीकरी) | Tomb of Salim Chishti

Fatehpur Sikri Travel Guide in Hindi | फतेहपुर सीकरी के प्रमुख पर्यटन स्थल

सफेद संगमरमर से निर्मित फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri) की इस खुबसुरत इमारत का निर्माण बादशाह अकबर ने प्रसिद्ध सूफी संत शेख सलीम चिश्ती की याद में कराया था जिनके आशीर्वाद से उनके पुत्र सलीम का जन्म हुआ था | इस दरगाह की दीवारों पर भव्य पच्चीकारी तथा जालियाँ विशेष रूप से दर्शनीय है | दरगाह के पश्चिम में विशाल मस्जिद है जिसमे एक लाख से अधिक लोग नमाज पढ़ सकते है |इस मस्जिद के दो दरवाजे है | पूर्व का दरवाजा शाही दरवाजा था जहां से शाही परिवार के लोग नमाज पढने के लिए प्रवेश लिया करते थे | दक्षिणी बरामदे में कुरान की तालीम के लिए एक मदरसा भी था |

दीवाने खास | Diwan-i-Khas

Diwan-E-Khas Fatehpur Sikr
Diwan-E-Khas Fatehpur Sikr

दीवानेख़ास में अकबर अपने प्रमुख सलाहकारों और मंत्रियों से परामर्श करता था | यह महल यद्यपि एक मंजिला है किन्तु बाहर से देखने पर यह दो मंजिला भवन प्रतीत होता है | भवन के अंदर एक विशिष्ट शैली का अष्टकोणीय खम्भा है जिसकी छत के मध्य में बादशाह बैठता था तथा अपने सलाहकारों से शासन व्यवस्था संबधी बाते करता था | भवन की बाहरी दीवारों तथा खम्भे की नक्काशी देखने योग्य है |

बुलंद दरवाजा | Buland Darwaza

buland darwaza
buland darwaza

गुजरात विजय के पश्चात अकबर द्वारा सन 1575 में इस दरवाजे का निर्माण कराया गया था | यह दरवाजा अपने उत्कृष्ट शिल्प तथा उंचाई के लिए प्रसिद्ध है | इस दरवाजे की ऊँचाई भूमितल से 176 फुट तथा भवन तल से 134 फुट है | यह एशिया का सबसे ऊँचा दरवाजा है | दरवाज के बगल में के बड़ा तालाब भी है जिसमे गोताखोर दरवाजे के उपर से कूदकर अपनी कला का प्रदर्शन करते है |

नौबतखाना | Naubat Khana

Naubat Khana
Naubat Khana

नौबतखाने में हिन्दू और मुस्लिम स्थापत्य कला का सुंदर सम्मिश्रण देखा जा सकता है | अकबर जब दरबार में प्रवेश करता था तो नौबतखाने से ही नगाड़े बजा करते थे | नौबतखाने का निर्माण लाल पत्थर से हुआ है यह भी कहा जाता है यहाँ पहले शाही बाजार लगा करता था |

दीवाने आम | Diwan-i-Aam

फतेहपुर सीकरी के किले में अन्य मुगलकालीन  किले की भांति एक विशाल दीवाने आम है जहां अकबर आम नागरिको को दर्शन देता था तथा उनकी शिकायतों को सुनता था | आम जनता के लिए यह न्याय प्राप्त करने का भी स्थान था | दीवाने आम की मुख्य इमारत के सामने विशाल दालान है जहां जनता जमा होती थी |

ख़्वाबगाह महल

यह महल अकबर का निवास स्थल था | अपने नाम के अनुरूप ही यह स्थान अपने समय में स्थापत्य कला और सौन्दर्य की दृष्टि से बेजोड़ था होगा | फव्वारों और बड़े बड़े हौजो से घिरे इस महल में अकबर के शासनकाल के दौरान संगीत की महफिल लगती थी जहा तानसेन जैसे संगीतकार अपनी कला का प्रदर्शन करते थे | दीवानेखास की आंतरिक दीवारों पर कभी सोने की सुंदर कढाई थी जो अब काफी सीमा तक नष्ट हो गयी है | इस महल से जुड़ा अकबर का हरम भी देखा जा सकता है |

हिरन मीनार | Hiran Minar

हिरन मीनार मुख्य किले से हटकर बनी हुयी के ऊँची मीनार है जिसके उपर पत्थर के सींग जड़े हुए है | अत: इसका शिल्प पूर्णत: एक अलग किस्म का लगता है | कहा जाता है यहाँ शाही बेगमे हिरनों का शिकार करती थी |

पंचमहल | Panch Mahal

पांच मंजिला यह भवन 176 खम्भों पर खड़ा हुआ है | प्रत्येक खम्भा एक अलग प्रकार की पच्चीकारी का है | इस महल के उपर बादशाह और उसका परिवार शाम के समय खुली हवा का आनन्द लेता था | इस महल के उपर से फतेहपुर सीकरी के पुरे किले का अवलोकन किया जा सकता है तथा खानवा के उस मैदान को भी देखा जा सकता है जहा कभी बाबर और राणा सांगा के बीच युद्ध हुआ था |

टकसाल | Taksal

टकसाल का एक बहुत बड़ा भाग यद्यपि नष्ट हो चूका है फिर भी यह शिल्प और इतिहास के शौक़ीन पयर्टको के लिए देखने योग्य है | कुछ लोगो का कहना है कि यहाँ सोने-चांदी के सिक्को की धलाई का कार्य होता था किन्तु अधिक लोगो का विचार है कि यह सम्भवत: शाही वर्कशॉप था जहां शाही दरबार की अधिकाँश वस्तुए तैयार के जाती थी |

सुनहरा महल

यह अकबर के हरम का ही एक हिस्सा था | इसमें चार कमरे है जिनमे अकबर की बेगम रहती थी इसके अंदर कभी सुनहरा रंग रहा होगा अत: इसे सुनहरा महल कहते है | महल की दीवारों पर अकबर की हिन्दू बेगमो को ध्यान में रखकर हिन्दू देवी देवताओं की मुर्तिया भी उत्कीर्ण की गयी थी जिन्हें बाद में या तो तुडवा दिया गया या वे स्वयं टूट गयी |

जोधाबाई महल

1570 से 1574 के मध्य निर्मित हुए इस भवन का निर्माण अकबर की रानी जोधाबाई के लिए किया गया था इसलिए इसे जोधाबाई महल के नाम से जाना जाता है | महल की छत पर नीले रंग की टाइल्स की छटा अब काफी बद रंग हो चुकी है तथापि दर्शनीय है |

तुर्की सुल्ताना का महल

यह महल अपेक्षाकृत छोटा किन्तु बेहद खुबसुरत है | इह महला का बाहरी हिस्सा इस प्रकार बना है कि वह पहली नजर में किसी लकड़ी की इमारत का आभास देता है | महल सुंदर पच्चीकारी के खम्भों पर खड़ा है जो चारो ओर सुंदर बरामदे से घिरा है |

इस्लाम खान का मकबरा

शेख सलीम चिश्ती की दरगाह के समीप ही इस्लाम खान मकबरा नाम से जाने जानी वाली लाल पत्थर की इमारत देखी जा सकती है | कहा जाता है कि यहाँ शेख साहब अपने मुरीदो की जमात लगाते थे | अब यहाँ शेख साहब के परिवार के लोगो की मजारे है |

फतेहपुर सीकरी पहुचने के विविध मार्ग

फतेहपुर सीकरी सडक ,रेल अथवा वायु मार्ग किसी से भी पहुचा जा सकता है |

वायु मार्ग – फतेहपुर सीकरी वायुमार्ग से दिल्ली वाराणसी से जुड़ा है | निकटम हवाई अड्डा खेरिया है जो यहाँ से 37 किमी दूर है |

रेलमार्ग – फतेहपुर सीकरी मीटर गेज से जुड़ा है किन्तु रेलगाड़ी से फतेहपुर सीकरी जाना सुविधाप्रद नही है अत: बेहतर है कि पर्यटक आगरा पहुचकर सडक मार्ग से ही फतेहपुर सीकरी जाए |

सडक मार्ग – फतेहपुर सीकरी सडक आगरा जयपुर मार्ग पर आगरा से 37 किमी दूर स्थित है अत: आगरा से किसी भी बस अथवा टैक्सी द्वारा फतेहपुर सीकरी आसानी से पहुचा जा सकता है |

पर्यटन का उचित समय

फतेहपुर सीकरी का भ्रमण करने के लिए सितम्बर से अप्रैल के मध्य का समय अत्याधिक उपयुक्त है | मई जून में अत्यधिक गर्मी के कारण तथा जुलाई-अगस्त में अत्याधिक वर्षा के कारण जहां तक हो इन महीनों में यहाँ भ्रमण का कार्यक्रम न बनाये |

ठहरने की व्यवस्था – आमतौर पर घुमने वाले पर्यटक आगरा में ही ठहरते है फिर भी गुलिस्ता टूरिस्ट तथा आर्किजमोर्ज कल सर्वे का डाक बंगला पयर्टको को ठहराने की सुविधा उपलब्ध कराता है |

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