दक्षिणी ध्रुव पर प्रथम विजय अभियान से जुड़े रोचक तथ्य | 5 Facts of First Expedition to the South Pole in Hindi

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मित्रो जैसा कि आप जानते है कि आज Google Doodle ने अपने डूडल पर दक्षिणी ध्रुव के प्रथम विजयी अभियान की 105वी वर्षगांठ को समर्पित किया है | इस अभियान की शुरुवात नोर्वे खोजकर्ता रोआल्ड एमंडसन ने 19 आदमियों और 100 कुत्तो के साथ मिलकर तीन महीने में पुरी की थी | वो अक्टूबर 1911 को रवाना हुए था और खतरनाक आर्कटिक को पार करते हुए दिसम्बर 1911 में दक्षिणी ध्रुव तक पहुचे थे | आज उसी विजयी अभियान को 105 वर्ष पुरे हो गये है जिसकी खुशी डूडल ने अपने अनोखे तरीके से मनायी है | आइये अब आपको इस विजयी अभियान से जुड़े रोचक तथ्य बताते है |

01 रोआल्ड एमंडसन उत्तरी ध्रुव से हार जाने के बाद गुप्त तरीके से दक्षिणी ध्रुव को हुए थे रवाना

रोआल्ड एमंडसन ने संसार को कभी भी अपने असली इरादों के बारे में नही बताया था | रोआल्ड एमंडसन ने शुरुवात में उत्तरी ध्रुव पर प्रथम आने की योजना बनाई थी लेकिन उनसे पहले दो अमेरिकन फेद्रेक कुक और रोबर्ट पियरी उनसे पहले उत्तरी ध्रुव पर विजय पा चुके थे इसलिए उन्होंने अपनी दिशा बदलकर अभी तक अछूते दक्षिणी ध्रुव का रुख किया था | रोआल्ड एमंडसन और उनकी टीम वैज्ञानिक अन्वेषण  के मकसद से अगस्त 1910 में आर्कटिक के लिए रवाना हो गये थे | जब उनका जहाज मैडिएरा आइलैंड पहुचा तब उन्होंने अपने साथियो को बताया कि वो दक्षिणी ध्रुव पर पहुचने की दौड़ में है इससे पहले उन्होंने ये बात गुप्त रखी थी |

02 अपने विजयी अभियान में एमंडसन का मुकाबला ब्रिटिश खोजकर्ता रोबर्ट फाल्कन स्कॉट की टीम से था जो दक्षिणी ध्रुव से लौटते समय दुर्भाग्यवश मर गये

एमंडसन और उनकी टीम ने दुसरे ब्रिटिश खोजकर्ता रोबर्ट फाल्कन स्कॉट की टीम को 35 दिनों के अंतर से हराया था | दक्षिणी ध्रुव विजयी अभियान के लिए यो तो स्कॉट पहले रवाना हुए थे और उन्होंने इसकी घोषणा 1909 में ही कर दी थी | अब एमंडसन को उत्तरी ध्रुव पर प्रथम नही पहुच पाने का मलाल था इसलिए वो दक्षिणी ध्रुव पर तो पहले पहुचना चाहते थे इसलिए उन्होएँ अन्टार्टिक पहुचने के लिए वैज्ञानिक तरीको की मदद ली जिसका उन्हें फायदा भी हुआ | स्कॉट और उनकी टीम नार्वे के झंडे को खोजते हुए दक्षिणी ध्रुव पहुची जहा एमंडसन में पहले ही झंडे गाड़ दिए थे | हालांकि वापस लौटते समय स्कॉट और उनके चार साथियो की मौत हो गयी थी |

03 एमंडसन ने 3 महीनों में दक्षिणी ध्रुव पहुचने के लिए कुत्तो और अच्छी तकनीक का प्रयोग किया

एमंडसन ने अपने विजयी अभियान से पहले विज्ञान की अच्छी पढाई की थी कि किस तरह बर्फ पर अपनी स्पीड बढाई जाए | एमंडसन ने अपनी स्लेज गाड़ी के लिए कुत्तो का इस्तेमाल किया जबकि ब्रिटिश खोजकर्ता स्लेज से अपने सामानों को खुद ढो रहे थे | एमंडसन एक सटीक योजनाकार था जिसने बढिया तकनीक का प्रयोग करते हुए तेज चलने वाली स्लेज और स्की और ताकतवर स्की बूट और टेंट का इस्तेमाल किया था | एमंडसन ने अपनी टीम को मजबूत रखने के लिए और तेज आगे बढने के लिए एक व्यवस्थित पोषण और स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया था |

04 एमंडसन और उसके साथियों ने दक्षिणी ध्रुव जीतने की खुशी में विक्ट्री सिगार पी और स्कॉट के इए एक नोट पीछे छोड़ा

एमंडसन और उसके साथियों ने मिलकर 14 दिसम्बर 1911 को दक्षिणी ध्रुव जीतन की खुशी में विजयी सिगार पी और एक डिनर का आयोजन किया | इस टीम ने अपने पीछे आने वाली टीम के लिए एक नोट भी छोड़ा जो 35 दिनों के बाद वहा पहुचे थे |

05 दक्षिणी ध्रुव के साइंटिफिक बेस का नामकरण Amundsen & Scott के नाम पर किया गया

एमंडसन 1928 में 55 वर्ष की उम्र में एक प्लेन क्रेश में मरे गये जबकि स्कॉट तो दक्षिणी ध्रुव से लौटते वक्त ही मर गये थे | जहा उन्होंने झंडे गाड़े थे उसी स्थान पर एक साइंटिफिक बेस बनाया गया जिसका नामकरण इन दोनों के नाम Amundsen and Scott पर किया गया | इस बेस की स्थापना अक्टूबर 1956 में हुयी जब Amundsen and Scott के बाद पहली बार दक्षिणी ध्रुव पर किसी इन्सान ने कदम रखा था | इस अभियान को अमेरिकन नेवी के नेतृत्व में शुरू किया गया था |

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