Christmas History in Hindi क्रिसमस का इतिहास

Christmas History in Hindi

History of Christmasमित्रो जैसा कि Christmas  क्रिसमस दुनिया में सबसे ज्यादा लोगो द्वारा मनाया जाने वाल त्यौहार है | पिछले 2000 सालो से क्रिसमस त्यौहार पुरे विश्ब में मनाया जा रहा है | क्रिसमस त्यौहार को ईसाई धर्म के लोग प्रभु येसु के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाते है जिन्होंने अपने चमत्कारों से दुनियाभर में इस धर्म की नीव रखी थी |इस त्यौहार पर लोग Christmas  क्रिसमस पेड़ सजाना ,उपहार बांटना और साथ में भोजन करना इत्यादि काम करते है | इसके अलावा परिवार के लोग छोटे बच्चो को सांता क्लॉस द्वारा दिए जाने वाले उपहारों का इंतजार करते है | अमेरिका में 1870 से क्रिसमस के दिन को राजकीय अवकाश रखा जाता है

प्रभु येशु के जन्म से लेकर उनके पुनर्जन्म तक की कहानी हमने कई फिल्मो और नाटको में देखी होगी | प्रभु येसु के जन्म के वास्तविक दिन का इतिहास तो अब तक पता नहीं चल सका है क्योंकि येशु के जन्म के तीन शताब्दियों तक येशु का जन्मदिन नहीं मनाया जाता था | बाइबिल में भी कही पर भी येशु के जन्मदिन का वास्तविक दिन नहीं लिखा हुआ है | केवल येशु के जन्म पर उपस्थित गडरिये सर्दी और बसंत के बीच मानते थे |

येशु के जन्मदिन का जन्मदिन आधिकारिक तौर पर रोमन कैलंडर के अनुसार पहली बार 336 इसवी को 25 दिसम्बर के दिन मनाया गया जिसके बाद से हर साल 25 दिसम्बर को क्रिसमस मनाया जाता है |रोमन कैलेंडर के अनुसार कई लोग 25 दिसम्बर को क्रिसमस मनाने लगे लेकिन कुछ लोग अब भी ईस्टर को एक मुख्य त्यौहार के रूप में मनाते थे | सन 1870 से ब्रिटेन में राजकीय अवकाश शुरू कर दिया गया |

क्रिसमस से जुड़े कुछ तथ्य 

आइये आपको क्रिसमस Christmas से जुड़े कुछ तथ्यों से आपको अवगत कराते है क्रिसमस के वृक्ष की परम्परा 8 वी सदी से मनाई जा रही है लेकिन क्रिसमस वृक्ष को सजाने की परम्परा 1912 में जोनाथन नाम के एक बीमार बच्चे के उसके पिता के अनुरोध पर क्रिसमस ट्री को सजाने के साथ शुरू हुई |हर वर्ष 30 लाख से भी ज्यादा क्रिसमस के असली पेड़ो को केवल अमेरिका में बेचा जाता है |अमेरिका में लगभग 20000 से अधिक क्रिसमस पेड़ उगाने वाले है और हर पेड़ 15 साल में बेचने के लिए तैयार होता है |

ग्रीक और रूसी चर्चो में Christmas क्रिसमस के बाद 13 दिनों तक ये त्यौहार मनाया जाता है जिसे Three Kings Day कहते है और इसी दिन प्रभु येशु का पुनर्जन्म हुआ था | अब हम आपको सांता क्लॉस के उद्गम से संबंधित जानकारी देते है सांता क्लॉस , टर्की देश में जन्मे निकोलस के नाम पर दिया गया जो कि पादरी थे | निकोलस 325 CE में सबसे सीनियर पादरी थे और उन्होंने जीसस की मृत्यु के लिए Jews को जिम्मेदार मानते हुए उनको “बच्चो का राक्षश ” नाम दिया था |

येशु का जन्म और इतिहास 

बाइबिल में बताया जाता है कि येशु के जन्म से पहले ये भविष्यवाणी हो गयी थी कि धरती पर एक इश्वर का पुत्र जन्म लेगा जो दुनिया का उद्दार करेगा फलस्वरूप येशु का जन्म हुआ | येशु का जन्म एक गौशाला में हुआ था जिसकी पहली खबर गडरियो को मिली थी और उसी समय एक तारे ने इश्वर के जन्म की भविष्यवाणी को सत्य किया | 30 वर्ष की आयु तक उन्होंने कई जगहों पर घूमकर अपने चमत्कारों से आमजन की सेवा की | येशु को उनकी मृत्यु का भी पूर्वाभास हो गया था और उन्होंने अपने अनुयायियो को ये सब बात बताई थी | उन्होंने क्रूस पर झूलते हुए भी उनको मारने वाली लोगो के लिए इश्वर से प्राथना माँगी थी |

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