Budhia Singh- Born to Run , सबसे कम उम्र में मैराथन दौड़ने वाले धावक की सच्ची कहानी | Budhia Singh Movie Story in Hindi

Budhia Singh Movie Story in Hindi

Budhia Singh Movie Story in Hindiमित्रो , आज से Rio 2016 Olympics शुरू हो रहे है जिसमे भारत भी अपने खिलाडियो के साथ मैदान में आ चूका है और इस मौके पर भारत में सबसे कम उम्र के धावक बुधिया सिंह के जीवन पर बनी फिल्म रिलीज़ हो रही है जो भारत को ओलपिंक में उत्साह दिलाने के लिए काफी है |जहा आजकल बायोपिक और सत्य घटनाओ पर फिल्मो का दौर चल रहा है ऐसे में ओडिशा के छोटे से गाँव से पुरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले नन्हे धावक बुधिया Budhia Singhपर भी फिल्म बन गयी है | यह फिल्म दुनिया के सबसे कम उम्र में मैराथन धावक की सच्ची कहानी पर आधारित है | बहुत कम उम्र में Budhia Singhबुधिया सिंह ने मैराथन दौड़ में भाग लेकर एक कीर्तिमान स्थापित किया था |

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Budhia Singh बुधिया के ट्रेलर को काफी सराहा जा रहा है | इसके गीत “सुनपुआ तू दौड़ दौड़ ” में बुधिया Budhia Singh के धावक बनने के सफर को दिखाया गया है |Budhia Singh -Born to Run फिल्म को साल 2016 में बाल वर्ग में Best film का राष्ट्रीय पुरुस्कार मिल चूका है | भारतीय सिनेमा को “भाग मिल्खा भाग ” “मैरीकॉम” और “मांझी द माउंटेन मेन ” देने वाले Viacom 18 Motion Pictures Studio ने इसका निर्माण किया है |

Budhia Singh Manoj Vajapayeइस फिल्म की कहानी Budhia Singh बुधिया (मयूर पटोले) नामक बाल मैराथन धावक के इर्द गिर्द घुमती है |उसके कोच बिरंची दास (मनोज वाजपयी ) बुधिया को झुग्गियो से लेकर आये थे और फिर उसे इस काबिल बनाया कि वह बुलन्दियो को छु सके जिसके बारे में किसी ने सोचा ना हो | उस वक्त बिरंची दास बुधिया के कोच थे , जो असल में जुडो प्रशिक्षक थे | Budhia Singh बुधिया ने 2006 में  पुरी से भुवनेश्वर तक 65 किमी की यात्रा केवल चार साल की उम्र में दौड़ कर तय की थी |

एक छोटे से बच्चे ने दुनिया के सबसे कम उम्र के मैराथन धावक बनने की उपलब्धि हासिल की | इस वजह से उसका नाम Limca Book of World Records में भी शामिल हुआ | बुधिया ने पुरी से भुवनेश्वर तक के बीच आयोजित हुयी मैराथन में भाग लिया था | अब तक बुधिया सिंह 48 मैराथन में भाग ले चूका है | उसके प्रारम्भ से लेकर अब तक के सफर को फिल्म में पिरोया गया है |

Budhia Singh बुधिया सिंह की लाइफ पर बनी बायोपिक में मेंटर का किरदार निभा रहे मनोज वाजपयी ने इस फिल्म के बारे में कहा “यह एक प्रेरणादायक फिल्म है | कठिन परिस्थिति में जो छोटे से बच्चे ने कर दिखाया ,यह सबके लिए सीख है | जैसे बुधिया ने तकलीफ से हार नही मानी और दुनिया में अपना और देश का नाम रोशन किया उससे हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए | मै मानता हु कि हर बुधिया को उसका बिरंची दास मिले ,जो उसकी प्रतिभा को पहचाने और उसे तराशे ताकि वह अपने लक्ष्य को हासिल कर सके “

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