भारतीय सीमा सुरक्षा बल से जुड़े रोचक तथ्य | Border Security Force Of India BSF Facts in Hindi

Border Security Force Of India BSF Facts in Hindi

bsf-facts-in-hindiभारतीय सुरक्षा बल , जिनकी वजह से आज हम अपने घरो में सुरक्षित बैठे है , सीमा पर दुश्मन को भारत की सीमा के अंदर आने से रोकते है | देश में हम चैन से तभी सो पाते है जब हमारे सीमा सुरक्षा बल सरहदों पर दिन रात जागते रहते है | BSF के जवान साल के 365 दिन और 24 घंटे सीमाओ पर तैनात रहते है और सीमा पर होने वाली हर घटना  की नजर रखते है | पिछले 50 वर्षो से लगातार सीमा पर चौकसी लगाये सीमा सुरक्षा बल के जवानो ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया है | वर्तमान में जिस तरह भारत पाक में युद्ध जैसा माहौल चल रहा है BSF अपना काम बखूबी निभाते हुए सीमा की सुरक्षा में लगा हुआ है | इन्ही BSF आर्मी और उनके जवानो से जुड़े रोचक तथ्यों को आपके सामने पेश कर रहे है जिसके बारे में पढकर आपको भी उनपर गर्व होगा |

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सेना की तरह प्रशिक्षित BSF का इतिहास  | BSF History in Hindi

सीमा सुरक्षा बल जिन्हें Border Security Force या BSF के नाम से भी जाना जाता है यह हमारे देश का एक प्रमुख अर्द्धसैनिक बल है | एक समय था जब भारत में एक ऐसे बल की आवश्यकता महसूस की जाने लगी थी जो सीमाओं को सुरक्षा के के लिए “थल सेना ” की तरह प्रशिक्षित हॉट तथा सीमापार के अपराध को रोकने के लिए पुलिस की तरह कार्य करे | ऐसे में इन खूबियों को ध्यान में रखकर 1 दिसम्बर 1965 को के.एफ.रुस्तमजी के नेतृत्व में सीमा सरुक्षा बल का गठन हुआ | वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल की महानिदेशक के.के.शर्मा है |

सीमा सुरक्षा बल के गठन से पहले इन सीमाओं पर संबधित राज्य की सशस्त्र पुलिस तैनात होती थी | प्रारम्भ में इस बल का गठन पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगे अंतर्राष्ट्रीय सीमाओ को सुरक्षित बनाने के लिए किया गया था पर बाद में इनके अदम्य साहस ,कर्तव्यनिष्ठा और उच्च कार्य कुशलता के कारण इसकी कार्य क्षमता में लगातार वृधि होती गयी | वर्तमान में इसकी पहचान देश के एक सशक्त बल के रूप में हो चुकी है | पंजाब , जम्मू कश्मीर में आतंकवाद समाप्त करने और उत्तर पूर्व में हुए अशांत माहौल को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने में इन्होने अविस्मरणीय योग्यता सिद्ध की है |

सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल | World’s Largest Border Guarding Force

1965 में 25 बटालियनो के साथ शुरू होने वाला यह सुरक्षा बल आज 186 बटालियनो और लगभग 2.50 लाख सुरक्षाकर्मी के साथ विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन गया है | बटालियनो को आधुनिक क्षमता से लैस और मजबूत बनाने के लिए अनेक प्रशिक्षण आयोजित किये जाते है भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश की लगभग 6385.36 किलोमीटर लम्बी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करना इस बल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है | यह बल 1882 जमीनी और 18 जलीय चौकियो द्वारा सीमा प्रबन्धन का कार्य करता है | सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए कांटेदार तार के बाड़ का भी प्रयोग किया जाता है | BSF भारत की एकमात्र भारतीय अर्धसैनिक बल जिसके पास खुद की पनडुब्बीया , एयर विंग्स और आर्टिलरी रेजिमेंट है जवानो को उनके ऑपरेशन में मदद करते है |

विशिष्ठ प्रशिक्षण की व्यवस्था

सुरक्षा कर्मियों को इस तरह से प्रशिक्षण दिया जाता है कि शान्तिकाल में ये सीमाओ पर पहरा दे और युद्धकाल में पेशेवर सैनिक की तरह दुश्मनों के छक्के छुड़ा सके | इनके प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान “”सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर , सेन्ट्रल स्कूल ऑफ़ मोटर ट्रांसपोर्ट टेकनपुर , नेशनल ट्रेनिंग फॉर डॉग्स टेकनपुर ,सेन्ट्रल स्कूल ऑफ़ वेपन एंड टैक्टिस इंदौर तथा ट्रेनिंग सेण्टर एंड स्कूल हजारीबाग (झारखंड) में है | BSF टेकनपुर में 1976 से एक एक अलग हट की Tear Smoke Unit (TSU) भी चलाते है जो दंगो के दौरान अश्रु गैस का छिडकाव करते है | BSF के लिए कच्छ के रण में निगरानी रखने के लिए स्पेशल वाहन भी मुहैया कराए जाते है जो गुजरात की 4000 किलोमीटर के बीहड़ में उनकी मदद करते है जिसमे सारे जरुरी सामान होते है |BSF के पास एक विशिष्ट बल Creek Commando Force भी होती है जो गुजरात में पाक सीमा पर मुश्किल हालातो में युद्ध करने के लिए प्रशिक्षित होते है इसलिए इन्हें सुपर soldiers भी कहते है |

BSF के कई महत्वपूर्ण योगदान

बहादुर अधिकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों की वीरता और विशिष्ट सेवाओं के बल पर अब तक सीमा सुरक्षा बल को Army Awards में 1 महावीर चक्र , 11 वीर चक्र , 4 कीर्ति चक्र , 12 शौर्य चक्र , 56 सेना मेडल , 1 परम विशिष्ठ सेवा मेडल 12 विशिष्ठ सेवा मेडल पदान किये गये है | दुसरी और Civil Awards में BSF को 1 पद्म विभूषण , 2 पद्म भूषण , 7 पद्मश्री , 43 PM मेडल फॉर लाइफ सेविंग , 17 अर्जुन अवार्ड , 2 नेशनल एडवेंचर अवार्ड और 4 जीवन रक्षा पदक मिले है | Police Medals में वीरता के लिए BSF को 231 राष्ट्रपति पुलिस पदक और 864 वीरता पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चूका है | सयुंक्त राष्ट्रसंघ की शांति स्थापना अभियान में इस बल के 1650 अधिकारी और जवान अपना महत्वपूर्ण योगदान दे चुके है | अब आपको बताते है कि BSF का योगदान कहा कहा प्रमुख रहा था |

  • BSF ने बांग्लादेश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी
  • BSF ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मन के सबसे प्रभावशाली इलाको को ध्वस्त किया था इसके लिए वो भारतीय सेना के शामिल होकर युद्ध में शामिल हुए थे
  • BSF के जवान पिछले दो वर्षो के मणिपुर में Internal Security Duty निभा रहे है और इन इलाको में चल रहे विद्रोहों को सफलतापूर्वक दमन किया था |
  • 26 जनवरी 2001 में गुजरात में आये भीषणकारी भूकंप में प्रभावित लोगो तक सबसे पहले पहले पहुचकर मदद करने वाले जवान BSF के थे |
  • इसी तरह गुजरात दंगो के दौरान भी BSF के जवानों ने प्रभावित इलाको में जाकर शान्ति और भाईचारा कायम किया था |
  • BSF ने संसद में हुए हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराया था | इसके लिए उन्होंने श्रीनगर में छिपे घाजी बाबा को घेर लिय और बंदूक की गोलियों से उसको छलनी कर दिया था
  • BSF ने जम्मू कश्मीर में सीमा पर बाड लगाने का काम अपने हाथो में लिया था और पाकिस्तान के नापाक इरादों के बावजूद वो अपने इस काम से सफल हुए थे |
  • वर्तमान में BSF सेना के जवानो के साथ मिलकर सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए मुस्तैद है |

सीमा सुरक्षा बल का ऊँट दस्ता

BSF के पास खुद का अलग ऊंट दस्ता और श्वान दस्ता है जो BSF के जवानो को मुश्किल से मुस्किल हालात में भी उनकी निर्धारित जगह तक पहुचने में मदद करते है |ऊँट दस्ता BSF की शान मानी जाती है | इनका ऊँट दस्ता और बैंड बहुत ही आकर्षक और अनोखा होता है | एक तरफ तपती रेगिस्तान में ऊँट पर बैठे ये जाबांज सीमा की निरंतर चौकसी करते है तो दुसरी तरफ 1976 से यह दस्ता लगातार गणतन्त्र दिवस की परेड में शामिल होता आ रहा है | अपनी अपूर्व साज-सज्जा , अनुशाषित कदमो और बेहतर तालमेल के साथ जब यह दस्ता परेड में शामिल होता है तो ऊँट , ऊँट सवार , वादक और लोक संगीत की धुन सहज की सबका मन मोह लेती है | यह प्राकृतिक विषमताओ के बीच BSF के शक्ति सामंजस्य का बेहतरीन नमूना है |

सीमा सुरक्षा बल का चिन्ह | BSF Motto Tells its Story

देश की अग्रिम रक्षा पंक्ति के नाम से प्रसिद्ध BSF का आदर्श वाक्य है “जीवन पर्यन्त कर्तव्य (Duty Unto Death)” अर्थात युद्ध हो या शान्ति ,दिन हो या रात ,सीमा प्रहरी 24 घंटे हमारी सीमाओ की रक्षा में चौकस रहते है | इनके लिए फील्ड पोस्टिंग या पीस पोस्टिंग में कोई अंतर नही होता | चाहे बर्फीला मैदान हो या फिर घने जंगल ,तपता रेगिस्तान या चारो तरफ जल जमाव , जाबांज जवान दुश्मनों पर कड़ी नजर रखकर देश की रक्षा तत्परता के साथ करते है | BSF ने कई मौको पर देश की आन बान और शान को बढाया है |

BSF एक उत्तरदायी संघठन | BSF Tasks in Hindi

भले शान्ति समय हो या युद्ध समय BSF हमेशा अपना काम मुश्तैदी से करती रहती है और देश की सीमाओं की सुरक्षा में कोई चुक नही होने देती है |

शान्ति काल में BSF का उत्तदायित्व 

  • सीमा क्षेत्रो के आस-पास रहने वाले नागरिको को सुरक्षा प्रशिक्षण देना
  • तस्करी और गैर कानूनी गतिविधियों को रोकना
  • अंतर सीमा अपराध , अनाधिकृत तरीके से भारत की सीमा में प्रवेश तथा सीमा के पार जाने के प्रयत्नों को रोकना
  • सीमा की रक्षा के साथ जरूरत पड़ने पर देश की आंतरिक सुरक्षा के मोर्चो पर भी तैनात होना |

युद्ध काल में BSF का उत्तरदायित्व

  •  कम खतरे वाले स्थान को अपने नियन्त्रण में रखना
  • देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना
  • शरणार्थीयो के नियन्त्रण में सहायता एवं घुसपैठ को रोकना

वाघा बॉर्डर कार्यक्रम में भारत की तरफ से शक्ति प्रदर्शन | Wagah Border Ceremony

वाघा बॉर्डर एक सैनिक चौकी है जो अमृतसर और लाहौर के बीच स्थित है यह भारत और पाकिस्तान की एकमात्र सड़क सीमा रेखा है जहा भारत के सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा प्रतिदिन झंडा समारोह आयोजित किया जाता है जिसमे परेड और सलामी दी जाती है | इसके अंतर्गत निश्चित समय पर प्रतिदिन अपने राष्ट्रीय झंडे को फहराया और उतारा जाता है | 1959 से प्रारम्भ होने वाला यह कार्यक्रम अत्यंत लोकप्रिय है जिसे देखने के लिए प्रतिदिन हजारो लोग उपस्थित रहते है | इस सीमा चौकी के प्रवेश द्वार को स्वर्ण जयंती द्वार भी कहते है |

मित्रो अगर आपको भारत के सीमा सुरक्षा बल के बारे में जानकारी पाकर अगर अपने जवानो पर गर्व महसूस होता है और उन्हें अपना सम्मान देना चाहते है तो कमेंट में एक बार “जय जवान , जय हिन्द ” जरुर लिखे | शायद इस पोस्ट के जरिये देश के जवानो का हौसला ओर बढ़ जाए |

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