संसार के अजीबोगरीब फूलो से जुड़े रोचक तथ्य | Bizarre Flowers Facts in Hindi

आप सभी को फुल पसंद होंगे | यह फूलो की खूबसूरती का ही असर होता है कि उसको देखकर उदास चेहरों पर भे मुस्कान आ जाती है | गुलाब ,गेंदा ,कमल जैसे फुल तो आपने देखे ही होंगे | उनकी खुशबु और खासियत को भी आप जानते होंगे लेकिन इन फूलो के अलावा भी दुनिया में कई तरह के अजीबोगरीब फुल पाए जाते है | ये फुल प्रकृति की अनोखी रचनाओं में से एक है | आइये अब आपको संसार के ऐसे ही अजीब फूलो से जुडी रोचक जानकारी बताते है |

रेफैलशिया Rafflesia Flower

rafflesia-flowerयh दुनिया का सबसे विशाल और बदबूदार फुल है | इसका वजन करीबन 10 किलोग्राम और चौड़ाई लगभग 1 मीटर होता है | इसकी पंखुड़ी लाल , भूरे रंग की होती है और उन पर सफेद धारिया होती है | यह एक परजीवी पौधा है जो अपने आतिथ्य टेटरा स्टिग्मा नाम झाडी पर जरुरी खनिज और पानी के लिए निर्भर रहता है | इस कार्य के उसके बारीक रेशे जैसे धागे मदद करते है | इस फुल का नाम सर स्टेमफोर्ड रैफ़ल्स के नाम पर रखा गया है | वे आधुनिक सिंगापुर के जनक माने जाते है |

यह फुल मुख्यत: सुमात्रा ,इंडोनेशिया ,मलेशिया के वर्षा वनों में पाया जाता है | रैफेलशिया फुल खिलने में 9 से 21 महीने का समय लगता है लेकिन इसका जीवनकाल पांच से सात दिनों का ही होता है | इसका उपयोग पारम्परिक औषधि में किया जाता है और दक्षिणी पूर्वी एशिया के जीव विषमता को बढ़ावा देने के लिए इसका उपयोग पोस्टेज स्टेम में भी किया जाता है | यह मलेशिया के सबाह राज्य का राजकीय फुल है |

वुलफिया Wolffia columbiana

wolffia-columbianaयह विश्व का सबसे छोटा फुल है | यह इतना सूक्ष्म होता है कि इन्हें माइक्रोस्कोप में ही देखा जा सकता है | इसका पौधा जल में पाया जाता है | इसके एक फुल का वजन नमक के दो कण के बराबर होता है | इनमे कोई जड़ ,डाली या पत्ती नही होती और यह शांत एवं साफ़ तालाब में पाया जाता है | इसके हर फुल से विश्व के सबसे छोटे फल यूत्रिक्ल की उत्पति होती है | इसके हर फुल से विश्व के सबसे छोटे फल युत्रिकल की उत्पति होती है | यह मछली ,बत्तख और अन्य जल पक्षियों के लिए पौष्टिक भोजन है | बर्मा ,लाओस और थाईलैंड में मनुष्य भी इसे खाते है | यह एशिया ,ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के अलावा अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी पाया जाता है |

ब्लैक बैट फ्लावर Black Bat Flower

black-bat-flowerयह फुल काले रंग का होता है और इसकी बनावट चमकादड की तरह होती है | इस फुल की पंखुड़ी मूंछो की तरह लगती है और यह 28 इंच तक लम्बी होती है | इसके विचित्र रंग रूप को देखकर कई जगहों पर इसे शैतान फुल भी कहते है | यह फुल हरे , बैंगनी ,भूरे ,लाल रंग में भी खिलते हुए पाए जाते है | इस पनपने के लिए अच्छी मिटटी और काफी पानी की जरूरत होती है | यह मुख्यत: अफ्रीका ,दक्षिणी अमेरिका ,थाईलैंड ,मलेशिया एवं चीन में पाया जाता है |

हाइडनोरा अफ्रीकाना

hydnora-africanaयह नारंगी रंग का मांसल फुल होता है जो भारी बारिश के बाद जमीन के बाहर निकलता है | यह भी एक तरह का परजीवी पौधा है | यह फुल जमीन के उपर दिखाई पड़ता है और इसके अन्य भाग उसके अथिथ्य पौधा युफोर्बिया के जडो में उलझे पाए जाते है | यह देखने में पत्थर की तरह प्रतीत होता है इसके उपरी भाग में खुलने और बंद होने की वजह से अक्सर इसमें कीड़े फस जाते है | इह तरह यह इन्सेक्ट फुल के पराग को फैलाने में सहायता करते है | इसके फल का स्वाद और बनावट आलू की तरह होता है जो दो साल के लम्बे अंतराल के बाद जमीन के अंदर फलता है |

वेलेमिटसिया मिराबिलिस Welwitschia Mirabilis

welwitschia-mirabilisइन्हें साधारण भाषा में मरुस्थल का फुल कहा जाता है | यह बहुत ही अजीब एवं अद्भुद फुल है जो केवल नामीबिया और अंगोला स्थित नमीब मरुस्थल में पाए जाते है | ऐसी धारणा है कि यह जोरासिक काल के पौधे जिमनोस्पेरिन से जुड़ा है | उस सदी के कई पेड़ पौधे वातावरण के अत्यधिक परिवर्तन होने से विलीन हो गये , पर वेलेमिटसिया अभी भी बनी हुयी है | यह देखने में पत्तो के ढेर सा लगता है लेकिन वास्तव में इसके केवल दो ही पत्ते होते है | यह बढ़ते हुए 12 फीट की लम्बाई तक पहुच जाते है | यह अंगोला का राष्ट्रीय फूल है |

एट्रोपा बैलाड़ोना  Atropa belladonna

atropa-belladonnaयह दुनिया का सबसे खतरनाक फुल माना जाता है इसके जड़ ,पत्ते ,फुल और फल सभी विषैले और घातक होते है इनमे एत्रोपोयन हाइयो साइमान नाम का पदार्थ पाया जाता है जो इसे विषैला बनाता है | इस फुला का वैज्ञानिक नाम एट्रोपा यूनानी देवी एट्रोपोसोर से प्रेरित था जो की मृत्यु की देवी है | साथ ही बैलाड़ोना को इटालियन भाषा में सुंदर स्त्री कहा जाता है | यह घंटी रूपी फुल दो सेंटीमीटर लम्बा बैंगनी रंग का होता है | यह जून से सितम्बर के बीच खिलता है | इसका प्रयोग कॉस्मेटिक में भी किया जाता है | यह यूरोप ,उत्तर पश्चिमी अफ्रीका ,दक्षिणी-पश्चिमी एशिया में पाया जाता है |

सूरजमुखी

surajmukhiवनस्पति विज्ञान के अनुसार इस फुल का नाम हिलीएन्थ्स है | यूनानी भाषा में हिलीअस का अर्थ फुल होता है | यह दिखने में सूर्य से मेल खाता प्रतीत होता है | सूरजमुखी के सूरज की तरफ झुकने की क्रिया को वैज्ञानिक भाषा में हेलिओत्रोपिस्ज्म कहते है | इस फुल्मे हजार से दो हजार छोटे छोटे गुच्छे बने होते है | इसका पौधा बहुत जल्दी बढ़ते हुए छह महीने में 8 से 10 फीट लम्बा हो जाता है | यह ज्यादातर काले गोलाकार मध्य और गहरे पीले रंग में खिलता है | कभी कभी ये नारंगी और लाल रंगो में भी पाए जाते है | इसकी जड़े जमीन में गहरे तक जाती है और शुष्क मौसम भी बर्दाश्त कर लेती है | अमेरिका में सदियों से इसका उपयोग क्रीम,डाई,पेंट बनाने के लिए होता आया है | इसके अलावा यह मिटटी से कई घातक तत्व जैसे युरेनियम ,लेड,आर्सेनिक को खत्म करने में काफी कारगर है |सूरजमुखी के एक फुल में लगभग दो हजार बीज होता है जिससे तेल निकलता है | यह कानसस एवं युक्रेन का राष्ट्रीय फुल है |

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