“भारत एक खोज” टीवी सीरियल , जिसने हिंदुस्तान के इतिहास को पहली बार टीवी पर दिखाया | Bharat Ek Khoj TV Serial Memories in Hindi

Bharat Ek Khoj TV Serial Memories in Hindi

bharat-ek-khoj-tv-serial-history-in-hindiBharat Ek Khoj भारत एक खोज , जवाहरलाल नेहरु की पुस्तक “The Discovery of India” पर आधारित है जिसमे भारत का पूरा इतिहास दर्शाया गया था | इस नाटक में आज से 5000 साल पहले के इतिहास से लेकर भारत की स्वतंत्रता तक के इतिहास को दिखाया गया है | इस नाटक का निर्माण और निर्देशन मशहूर फ़िल्मकार श्याम बेनेगल ने किया था | इस नाटक में मुख्य कलाकार ओम पुरी ,इरफ़ान खान . लकी अली , पियूष मिश्रा ,रोशन सेठ ,टॉम आल्टर और सदाशिव अमरापूरकर थे | जवाहरलाल नेहरु का किरदार रोशन सेठ ने निभाया था | Bharat Ek Khoj नाटक को बनाने में 144 सेट का पयोग किया गया था |

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भारत सरकार ने की थी इस सीरियल के निर्माण की पहल

bharat-ek-khoj-tv-serial-banner80 के दशक में मध्य में छोटे पर्दे पर रामायण और महाभारत ने अनेको दर्शको को टीवी की ओर खींचा था | इनकी सफलता को देखते हुए भारत सरकार ने भारत के इतिहास को दर्शाने के लिए सोचना शुरू कर दिया | इसके लिए भारत सरकार के प्रतिनिधि सबसे पहले मशहूर फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल के पास पहुचे | श्याम बेनेगल इसके लिए राजी हो गये और उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरु की किताब Discovery Of India को इसका आधार बनाया | नेहरु जी ने ये किताब जेल में लिखी थी जो भारत की खोज करने का उनका एक प्रयास था | यही उनका प्रयास इस सीरीज का आधार बना |

श्याम बेनेगल ने पहली बार रखा छोटे पर्दे पर कदम

bharat-ek-khoj-shyam-benegalजिस तरह बी आर चोपड़ा के लिए महाभारत सीरियल बनाना एक सपना था उसी प्रकार श्याम बेनेगल के लिए इस नाटक को बनाना एक सपना और चुनौती थे क्योंकि इस नाटक में उनको भारत के उस इतिहास को दर्शाना है जो पहले कभी नही देखा गया था | श्याम बेनेगल ने पहली बार इस नाटक Bharat Ek Khoj माध्यम से टीवी पर पदार्पण किया था | इस नाटक को बनाने में 4 करोड़ रूपये की लागत आयी थे क्योंकि इस नाटक में उन्होंने उस इतिहास को दिखाया था जो अब तक हम केवल किताबो में पढ़ते थे | मौर्य साम्राज्य और अंग्रेजो के बारे में इस नाटक में विस्तार में बताया गया है  |

देश के अलग अलग एतेहासिक स्थलों पर डेढ़ साल तक हुयी शूटिंग

bharat-ek-khoj-shootingBharat Ek Khoj  “भारत एक खोज” शीर्षक से 53 एपिसोड सीरीज बनाना तय हुआ जिसमे शमा जैदी और उनके साथ 25 राइटर की टीम लगी | 1988 की शुरुवात में शूटिंग तय की गयी और इसे नेहरु की 99वी सालगिरह पर दर्शको तक पहचाना तय किया गया | टीम यूनिट ने भारत के अलग अलग हिस्सों ताजमहल और पश्चिमी घाट से लेकर एतेहासिक स्थलों तक जाकर शूट किया | गोरेगांव की फिल्म सिटी में एक साल के लिए दो मंजिला इमारत को बुक किया गया और इसके साथ ही भारत के अलग अलग हिस्सों में भी सेट लगाये गये |

श्याम बेनेगल ने कहा था कि “30 साल बाद भी लोग इस शो के बारे में बात करते है और इस शो को दुबारा किसी की बनाने की हिम्मत नही हुयी क्योंकि डेढ़ साल की इस शूटिंग में मेरे जीवन भर का अनुभव छिपा हुआ था |”  बेनेगल एक अनुभवी निर्माता थे जो शो के स्तर और चुनौतियों को स्वीकार करते थे | केवल उनको इस शो को खत्म करने की चिंता सताती रहती थी और वो हमेशा ये सोचते रहते थे कि अगर शो अधुरा रह गया तो क्या होगा ? |

रोशन सेठ ने किया जवाहरलाल नेहरु के पात्र को जीवंत

bharat-ek-khoj-tv-serial-memories-in-hindiरोशन सेठ ने जवाहरलाल नेहरु का जो किरदार निभाया था वो लाजवाब था उन्होंने इस नाटक में सूत्रधार का काम किया था जो हर कहानी को आगे बढ़ाने का काम करते थे | बेनेगल ने कभी सोचा भी नही था कि रोशन सेठ ,नेहरु जी का किरदार इतना बढ़िया ढंग से पेश कर पायेंगे | ओम पुरी शुरू से ही फिल्मो के साथ साथ टीवी पर सक्रीय रहे थे इस नाटक में उन्होंने अशोक ,रावण और दुर्योधन के अलग अलग किरदार निभाए थे |  इस नाटक के लिए उन्होंने बॉम्बे सिनेमा से एक साल का विश्राम लेकर इस नाटक में एकाग्रता से काम किया था | ओम पुरी के अलावा इरफ़ान खान भी कुछ एपिसोड में नजर आये थे

दिग्गज कलाकारो ने किया था इसमें अभिनय

bharat-ek-khoj-om-puri-naseeruddin-shahइस शो के लिए Delhi’s National School of Drama और दुसरे एक्टिंग संस्थानों से 350 अभिनेताओ को मौका दिया गया जिसमे से कई जाने माने अभिनेता जैसे ओम पुरी ,नसीरुद्दीन शह ,कुलभूषण खरबंदा, शबाना आजमी , पियूष मिश्र ,आलोक नाथ ,मोहन गोखले और टॉम अल्टर मौजूद थे | ओम पुरी और इरफ़ान खान के अलावा इस नाटक में केके रैना ,इला अरुण ,अंजन श्रीवास्तव ,अनंग देसाई ,विजय कश्यप और अपराजिता कृष्णा भी बार बार दिखाए गये थे |इस नाटक के चित्रण के लिए श्याम बेनेगल इतिहास की हजारो किताबे साथ लेकर पटकथा लेखक शमा जैदी के साथ बैठते थे | इस नाटक के लिए उन्होंने जी तोड़ मेहनत की थी और इस नाटक में पुरी तरह खो गये थे |

धारावाहिक के कलाकार और पात्र Cast and episode list of Bharat ek Khoj in Hindi

एपिसोड शीर्षक कलाकार पात्र
1 भारत माता की जय रोशन सेठ जवाहरलाल नेहरु
2 शुरुवात [ सिन्धु घाटी सभ्यता ] पल्लवी जोशी अतरी
3 वैदिक लोगो का आगमन हरीश पटेल द्राह -एक व्यापारी
4 जाति व्यवस्था पियूष मिश्रा सिपाही
5 महाभारत – भाग प्रथम
6 महाभारत – भाग द्वितीय ओम पुरी दुर्योधन
7 रामायण – भाग प्रथम पल्लवीजोशी सीता
8 रामायण – भाग द्वितीय ओम पुरी रावण
9 महाजनपद और साम्राज्य वीरेंद्र सक्सेना वशिष्टक
10 जीवन और मृत्यु की स्वीकृति ओम पुरी अंगुलिमाल
11 चाणक्य और चन्द्रगुप्त – भाग प्रथम सत्यदेव दुबे चाणक्य
12 चाणक्य और चन्द्रगुप्त – भाग द्वितीय
13 अशोक – भाग प्रथम ओम पुरी अशोक
14 अशोक – भाग द्वितीय ओम पुरी अशोक
15 संगम काल – भाग प्रथम
16 संगम काल – भाग द्वितीय
17 प्राचीन भारत
18 कालीदास और शकुंतला – भाग प्रथम
19 कालीदास और शकुंतला – भाग द्वितीय
20 हर्षवर्धन पंकज बेरी हर्षवर्धन
21 भक्ति आन्दोलन
22 चोल साम्राज्य – भाग प्रथम
23  चोल साम्राज्य – भाग द्वितीय
24 दिल्ली सल्तनत और पृथ्वीराज रासो – भाग प्रथम रवि झाँकल पृथ्वीराज चौहान
25 दिल्ली सल्तनत और पृथ्वीराज रासो – भाग द्वितीय रवि झाँकल पृथ्वीराज चौहान
26 दिल्ली सल्तनत और पद्मावती ओम पुरी अलाउदीन खिलजी
27 संकलन पंकज बेरी लोरिक
28 विजयनगर साम्राज्य ओम पुरी कृष्णदेव राय
29 सामंतवाद
30 विजयनगर साम्राज्य का अंत
31 राणा सांगा , इब्राहीम लोदी और बाबर
32 अकबर – भाग प्रथम (दीन ए इलाही) कुलभूषण खरबंदा अकबर
33 अकबर – भाग द्वितीय कुलभूषण खरबंदा अकबर
34 स्वर्णिम युग
35 औरंगजेब – भाग प्रथम ओम पुरी Aurangzeb
36 औरंगजेब – द्वितीय ओम पुरी Aurangzeb
37 शिवाजी – भाग प्रथम नसीरुद्दीन शाह शिवाजी
38 शिवाजी – भाग द्वितीय नसीरुद्दीन शाह शिवाजी
39 कम्पनी बहादुर (इस्ट इंडिया कम्पनी)
40 टीपू सुल्तान सलीम घोस टीपू सुल्तान
41 बंगाल पुनर्जागरण और राजा राम मोहन राय अनंग देसाई राजा राममोहन राय
42 1857 क्रान्ति भाग प्रथम टॉम अल्टर , ओम पुरी
43 1857 क्रान्ति भाग प्रथम टॉम अल्टर अंग्रेज अफसर
44 नील विद्रोह वीरेंद्र सक्सेना माधव
45 महात्मा फुले सदाशिव आमरापुर महात्मा फुले
46 सर सैय्यद अहमद खा
47 विवेकानंद आलोक नाथ स्वामी विवेकानंद
48
नरमदल और गरमदल
मोहन गोखले गोपाल कृष्ण गोखले
49 गांधीजी का आगमन – भाग प्रथम
50 गांधीजी का आगमन – भाग द्वितीय
51 विभाजन की नींव
52 करो या मरो
53 उपसंहार
तो मित्रो अगर आपने भी ये सीरियल देखा हो और आपको इस सीरियल में भारत के इतिहास की झलक दिखी तो आप इस पर अपने विचार जरुर प्रकट करे |
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4 Comments

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  1. Bahut hi achhi site hai.
    Interesting batein janne Ko multi hai.
    Thanks!
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  2. राजकुमार जी .किस समय पे और किसके ससन मे रजपुतो को माली बनना पडा. गुजरत के राठोड माली का कोई हिस्टरी हो तो जानकारी देना.

    • गणपत जी , 1200 ईस्वी में दौर में पृथ्वीराज चौहान के शासन का अंत होने के बाद जब मुस्लिम शासको ने राज किया तब पृथ्वीराज चौहान के सभी राजपूत शागिर्दों को मुस्लिम शासको ने मुस्लिम धर्म अपनाने पर मजबूर किया था तो उन्होंने मुस्लिम धर्म अपनाने के बजाय उन शासको के शाही बागवान बनाना मंजूर किया जो माली कहलाते है इसी कारण से वो सभी राजपूत जिन्होंने माली बनना स्वीकार किया था राजपूत माली कहलाये | इन राजपूत मालियों में कछावा ,परिहार ,सोलंकी ,गहलोत ,भाटी,चौहान ,देवड़ा आदि गौत्र जो राजपूतो में प्रचलित है वही हमारे माली समाज के सभी राजपूत माली भी लगाते है | इसी तरह से गुजरात के राठोड मालियों का भी इतिहास रहा है |

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