अलिफ़ लैला की कहानी–एक बुढा व्यक्ति और दो काले कुत्ते Arabian Nights-The Old Man and the Two Black Dogs

अलिफ़ लैला की कहानी–एक बुढा व्यक्ति और दो काले कुत्ते Arabian Nights-The Old Man and the Two Black DogsThe Old Man and the Two Black Dogsजिन्न के कहने पर पहले बूढ़े आदमी ने अपनी कहानी शुरू की “तुम जो मेरे साथ ये दो काले कुत्ते देख रहे हो ये मेरे भाई है | मै तुमको मेरे इन्ही भाइयो की कहानी सुनाता हु “

हम तीन भाई थे और हमारे पिता ने मरने से पहले हम तीनो को हजार हजार अशर्फिया दी थी | मैंने इन अशर्फियों से खजूर का व्यापार शुरू करने की सोची जबकि मेरे दोनों भाई इन अशर्फियों से दूर देशो की यात्राओ के लिए निकल पड़े | मेरे दोनों भाइयो ने अपना सारा पैसा शराब और अय्याशियों में लुटा दिया और फकीर हो गये | अब दोनों भाई सोचने लगे कि अब उनका छोटा भाई ही एकमात्र सहारा है और वो बहुत भावुक है इसलिए उससे जाकर पैसे एंठते है | दोनों बड़े भाई कुछ दिनों के बाद मेरे पास आये |

एक साल के बाद जब वो मेरे पास आये तो उनकी हालत देखकर मै उन्हें पहचान नही पाया | फिर बाद में जब मैंने उन दोनों को पहचाना तो मैंने उनसे उनकी दूर देशो की यात्राओ के बारे में पूछा और उनकी इस हालत का कारण पूछा | मेरे दोनों बड़े भाइयो ने मुझे कहा कि यात्रा के दौरान उनका जहाज उलट गया और उनकी सारी अशर्फिया समुद्र में गिर गयी | फिर उन्होंने बताया कि वो बड़ी मुश्किल से तैरते हुए जान बचाकर यहा तक पहुचे | उन दोनों भाइयो की कहानी सुनकर मै भावुक हो गया और उन दोनों को घर ले जाकर नये कपड़े दिए | अब मैंने अपने भाइयो की दयनीय हालत को देखते हुए उन्हें मैंने 500 अशर्फिया देकर वापस नया व्यापार करने को कहा | पैसा लेकर खुश होते हुए दोनों वहा से निकल पड़े |

कुछ दिनों बाद मेरे दोनों भाई फिर आये और मुझे सुदूर देशो की यात्रा पर जाने को बाध्य किया | मैंने उनसे यात्रा का कारण पूछा लेकिन वो बस बाहर जाने की रट लगा रहे थे | मै अपने पिता की अंतिम इच्छा के अनुसार अपने भाइयो को हरसंभव खुश रखने का प्रयास करता था इसलिए मै जाने को राजी हो गया | जब हम तीनो यात्रा के लिए तैयार हुए तब मुझे पता चला कि उन्होंने वापस सारा पैसा लुटा दिया था लेकिन मैंने उन्हें उस समय भी कुछ नही कहा | मेरे पास उस समय 6000 सोने की अशर्फिया थी तो मैंने हम तीनो में हजार हजार अशर्फिया बाँट दी और बाकी 3000 अशर्फिया घर के एक कोने में छुपा दी थी जिसका मेरे भाइयो को पता चल गया था | अब हम जरूरत के सामान लेकर तीनो घोड़ो पर बैठकर यात्रा के लिए निकल पड़े |

रास्ते में व्यापार करते हुए एक नगर से निकले | उस नगर में एक आदमी एक लडकी की बोली लगा रहा था | जब मैंने उसे देखा तो मुझसे उस लडकी का दुःख देखा नही गया और मैंने सबसे ज्यादा बोली लगाकर उस लडकी को छुड़ा लिया | उस लडकी ने मुझको दासी बनाकर रखने को कहा लेकिन मै दासप्रथा के सख्त खिलाफ था | अब वो लडकी गिडगिडाते हुए बोली कि अगर वो उसे वापस वही छोड़ देंगे तो उसे लोग वापस पकड़कर बेचना शुरू कर देंगे | लडकी की ओर हमदर्दी दिखाते हुए मैंने उस लडकी से निकाह कर लिया और उसे भी अपने साथ ले लिया | मेरे दोनों भाई ये देखकर मुझसे ओर भी इर्ष्या करने लगे |

एक रात मेरे दोनों भाइयो ने हम दोनों को बांधकर दरिया में फेंक दिया | मेरी पत्नी एक परी थी और उसने मुझे दरिया में डूबने से बचा लिया और कहा “मैं एक परी हु , मुझे अपने बुरे व्यवहार के कारण धरती पर भेंज दिया गया था और एक नेक इन्सान के निकाह के बाद ही मैं वापस अपने परी रुप में आ सकी हु , मैंने तुमसे निकाह करने के बाद सारी शक्तिया पा की थी लेकिन मै तुम्हारे भाइयो पर मुझे गुस्सा आ रहा कि जिन भाइयो के लिए तुम जान छिडकते हो , उन्ही भाइयो ने तुम्हे आज दरिया में डाल दिया इसलिए मै उन दोनों को मार दूंगी “| मैंने परी को शुक्रिया कहा और अपने भाइयो को ना मारने की गुजारिश की | अब वो वहा से गायब हो गयी |

अब मै अपने घर पंहुचा और अपने घर पर रखी हुयी अशर्फियों को देखने के लिए गया | जब मैं घर के उस कमरे में पंहुचा तो मुझे उस जगह पर दो काले कुत्ते दिखाई दिए | मैं उन दोनों कुत्तो को देखकर हैरान रह गया तभी वो परी वापस नजर आयी और उसने बताया कि “तुम्हारे भाई अपनी आदतों से बाज नही आ रहे थे और उन्होंने तुम्हारा सारा धन चुराने का प्रयास किया , तुमने मुझे इन्हें मारने को मना किया इसलिए मैंने इन्हें मारने के बजाय कुत्ता बना दिया और ये 10 साल ऐसे ही कुत्ते बने रहेंगे ” | ये कहकर वो परी वापस गायब हो गयी | अब मैंने अपने इन दोनों भाइयो को कुत्तो के रूप में हमेशा साथ रखता हु | ”

अब उस बूढ़े राहगीर ने कहानी सुनाने के बाद जिन्न से कहा “ए जिन्नात , अगर मेरी कहानी तुझे पसंद आयी हो तो इस नेक आदमी का आधा गुनाह माफ़ कर दे ” | जिन्न ने कहा “हां वास्तव में तुम्हारी कहानी तो मेरी कहानी से भी अजीबोगरीब है , इसलिए मै इसका आधा गुनाह माफ़ कर देता हु ” |

अब दुसरी बूढ़े राहगीर ने जिन्न से कहा “ए जिन्न , अगर मैं तुझे इससे भी अजीबोगरीब कहानी सुना दू तो क्या तू इस नेक आदमी का बचा हुआ आधा गुनाह भी माफ़ कर देगा ” | जिन्न ने कुछ देर सोचने के बाद हां कर दी और दुसरी बूढ़े आदमी ने अपनी कहानी सुनाना शुरू किया |

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