Andaman Jarawa Tribe 18 Facts in Hindi | अंडमान की जारवा जनजाति से जुड़े 18 रोचक तथ्य

Andaman Jarawa Tribe Facts in Hindi

जारवा जनजाति (Andaman Jarawa Tribe)मानव सभ्यता की सबसे पुरानी जनजातियो में से एक है जो पिछले कई वर्षो से भारत के केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Islands) पर रह रही है | ये जनजाति बाहरी दुनिया से अभी भी दूर है और अभी भी पाषाण युग में जी रही है | इस सभ्यता में हमारे पूर्वजो की छवि देखने और DNA आदि के जानने के उद्देश्य से अनेको पर्यटक अंडमान में आने के बाद जारवा इलाके से जरुर गुजरते है और इन्हें देखने का अलग ही रोमांच है |

  1. अंडमान की जारवा जनजाति हिन्द महासागर (Indian Ocean) के टापुओ पर पिछले 55,000 वर्षो से निवास कर रही है |  जारवा जनजाति (Jarawa Tribe) के लोग हजारो साल पहले अफ्रीका से यहाँ आकर बस गये थे |

  2. जारवा जनजाति (Jarawa Tribe) को विश्व की सबसे पुरानी जनजाति माना जाता है जो अभी भी पाषाण युग में जी रही है

  3. जारवा जनजाति अब विलुप्त होने की कगार है जिनकी संख्या अब लगभग 400 तक बची है जो आज 40-50 लोगो के समूह में के साथ रहते है

  4. जारवा जनजाति का प्रिय भोजन सुअर का मांस है जिसके लिए वो समूह में शिकार करते है

  5. जारवा जनजाति के लोग आज भी धनुष बाण से शिकार करते है और इसी से मछलियों और केकड़ो का शिकार करते है |

  6. जारवा पुरुष और महिलाये ऊँचे ऊँचे पेड़ो से शहद इकट्ठा कर उसे भोजन के रूप में इस्तेमाल करते है

  7. जारवा जनजाति प्रकृति में इतनी रम चुकी है कि उनको 150 से ज्यादा पेड़ पौधों और 250 से ज्यादा जानवरों की प्रजातियों का ज्ञान है |

  8. सन 1998 में पहली बार जारवा बिना धनुष बाण के अपने इलाके से बाहर शहरों में आये थे

  9. सन 1990 में जारवा जनजाति को स्थानीय सरकार ने घर बनाकर रहने की सुविधा दी लेकिन कुछ ही जारवा अपने क्षेत्र से बाहर आये |

  10. जारवा जनजाति इलाके से केवल एक अंडमान ट्रंक रोड (Andmaan Trunk Road)  गुजरती है  | जारवा इलाके में जाने के लिए लगातार एक साथ गाड़िया बिना रुके गुजरती है और किसी भी गाड़ी को रुकने की इजाजत नही है जारवा जनजाति इलाको में पर्यटकों के रुकने पर पाबंदी है

    Andman Trunk Road Jarawa Tribe
    Andman Trunk Road | Jarawa Tribe | Image Captured By Rajkumar Mali

     

  11. जारवा इलाके में जाते वक्त सेना की गाडिया भी आगे पीछे चलती है क्योंकि जारवा लोग कभी भी पर्यटकों पर अपने भालो ,धनुष आदि से आक्रमण कर सकते है 

  12. जारवा जनजाति (Jarwa Tribe) के लोग आज भी बिना कपड़ो के ही रहते है लेकिन हाल ही के वर्षो में बाहरी आबादी के ज्यादा आगमन से लोग उन्हें कपड़े देते है जो अक्सर पहने रहते है

  13. जारवा जनजाति के लोगो को गाना गाने और नाचने का बहुत शौक है और एक  सुर और ताल में ये नाचते गाते है

  14. जारवा जनजाति के लोगो की भाषा जारवा ही है लेकिन पिछले कुछ वर्षो में मेडिकल सुविधाओं की जरूरत के चलते उन्होंने थोड़ी बहुत हिंदी भी बोलना सीख लिया है

  15. जारवा जनजाति के लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा है जिसके कारण ही वो बिना मेडिकल के ही इतने वर्षो से जंगलो में रह रहे है

  16. सन 2006 में जारवा जनजाति के लोगो को चेचक महामारी के रूप में फ़ैल गयी थी लेकिन मौत किसी की भी नही हुई

  17. जारवा के लोगो का जबसे बाहरी लोगो से सम्पर्क हुआ उनमे शराब और पान की लत पड़ गयी

  18. जारवा के जीवन में अनेको लोगो ने डॉक्युमेंट्री बनाने की कोशिश की लेकिन कुछ ही सफल हो पाए क्योंकि जारवा क्षेत्र में प्रवेश के लिए अनुमति मिलना बहुत कठिन है

    मित्रो मै स्वयं भी कुछ वर्षो पहले अंडमान गया था और वहा मैंने खुद अपनी आँखों से इन जारवा जनजाति के लोगो को देखा था | हालांकि इस इलाके से गुजरते वक्त फोटो खीचने की पाबंदी थी इसलिए फोटो नही खींच पाया लेकिन अंडमान ट्रंक के दुसरे छोर पर जहा हमारी गाडी रुकी वहा 1 जारवा जनजाति का व्यक्ति गलती से वहा आ गया था और उसी का फोटो खीचने में सफल रहा और उसे मै आपको शेयर कर रहा हु |

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    Jarawa Tribe People in Hut | Image Captured by Rajkumar MaliJarawa Tribe People in Hut | Image Captured by Rajkumar Mali

    इस लेख को मैंने इसलिए भी लिखा है ताकि मै अपने आँखों देखे पल को आपके सामने पेश कर सकू | ग्रांड ट्रंक रोड से गुजरते वक्त मैंने भी कई जारवा लोगो को गाड़ी के पास आते देखा जिनके पास धनुष बाण थे इसलिए हमको गाड़ी के कांच के शीशे बंद रखने को कहा गया था | फिर भी कुछ लोग उनको बिस्किट वेफर्स के पैकिट दे रहे थे | जारवा जनजाति के छोटे छोटे बच्चे तो चलती गाडियों पर चढकर खाने की चीजो की मांग कर रहे थे | उस जनजाति को अपनी आँखों से देखने के इस पल को मै कभी नही भूल पाऊंगा क्योंकि क्या पता आने वाले कुछ वर्षो में ये जनजाति विलुप्त हो जाए या फिर शहरों में बस जाए |

    मित्रो इसी तरह मैंने अपने अंडमान टूर के कई पल कैमरे के कैद किये है जिनमे से एक अंडमान ट्रंक रोड की शुरुवात का एक फोटो है जहा सुबह हम चाय पानी नाश्ते के लिए रुके थे | 

    अगर आपको जारवा जनजाति से जुड़े लोगो के बारे में जानकारी पसंद आयी तो जरुर शेयर करे और अपने विचार कमेंट में जरुर लिखे ताकि इसी तरह की रोचक और गजब जानकारिया आप लोगो तक पहुचाते रहे |

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