अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पर्यटन स्थल Andaman and Nicobar Islands Tourist Places

Andaman and Nicobar Islands Tourist Places

Andaman and Nicobar Islands Tourist PlacesAndaman and Nicobar Islands अंडमान निकोबार द्वीप समूह भारत के सात केंद्रशाषित प्रदेशो में से एक है जो बंगाल की खाड़ी में स्तिथ द्वीपों का एक समूह है | यह केन्द्र्शषित प्रदेश उत्तर में इंडोनेशिया और दक्षिण में थाईलैंड और म्यांमार के द्वीपों से अंडमान सागर द्वारा अलग है | यह प्रदेश दो द्वीपों के समूह अंडमान द्वीप और निकोबार द्वीप से मिलकर बना हुआ है | अंडमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर है | इस पुरे द्वीप का जमीनी हिस्सा 3,070 वर्ग मीटर में फैला हुआ है | निकोबार द्वीप समूह की राजधानी कार निकोबार है | अंडमान द्वीप समूह Sentinelese लोगो का मुख्य घर है जो बाहरी दुनिया से सम्पर्क नही रखते है | Andaman and Nicobar Islands अंडमान निकोबार के पर्यटन स्थलों के बारे में बताने से पहले हम आपको इस द्वीप के इतिहास से रूबरू करवाते है

History of Andaman and Nicobar Islands

History of Andaman and Nicobar IslandsAndaman and Nicobar Islands अंडमान निकोबार द्वीप समूह का पुरातात्विक साक्ष्य आज से लगभग 2200 वर्ष पुराना है हालांकि अंडमानी लोग 30000 साल पुराने है तब से समय के साथ इन लोगो में काफी बदलाव आ गया है |  निकोबार द्वीप पर काफी समय से लोग रहते है जो आज भी बाहरी दुनिया से दूर रहते है | चोल वंश के राजेन्द्र चोल प्रथम ने Andaman and Nicobar Islands अंडमान निकोबार पर अपना शाषन किया था जो इस द्वीप को तिन्मैत्तिवु कहते थे | 17वी सदी में मराठो ने भी इस द्वीप पर राज किया था |

Andaman and Nicobar Islandsद्वीप पर सबसे पहले संयोजित तरीके से यूरोपीय कालोनियों का निर्माण 1755 से शुरू हुआ था जब डेनिश ईस्ट इंडिया कम्पनी निकोबार द्वीप पहुची थी | 1756 में निकोबार द्वीप पर पहली डेनिश कॉलोनी बनी जिसको न्यू डेनमार्क नाम दिया गया था |  ये द्वीप कई बार मलेरिया के प्रकोप के कारण उजाड़ रहा था | 1788 से 1784 तक औस्तिया के लोगो ने यहा कालोनिया बनाकर इस द्वीप का नाम Theresia Islands रख दिया था | 1789 में अंग्रेजो के लार्ड  कॉर्नवालिस ने कोल ब्रुक और श्री ब्लेयर को इन द्वीपों पर भेजा | उन्होंने बाथम द्वीप में बस्ती बसाई जहा एशिया की सबसे पुरानी आरा मिल है |

1844 में रनीमेड और ब्रिटेन के सैनिको से भरे दो जहाज कलकत्ता से आते समय इन द्वीपों पर फंस गये | इसके बाद  बंगाल की खाड़ी में एक स्थाई अड्डा बनाने का निर्णय लिया | कई स्थानों के निरिक्षण के बाद सबसे पहले ब्लेयर द्वारा प्रस्तावित स्थान का चयन किया गया | ब्लेयर के नाम पर ही इस स्थान का नाम पोर्ट ब्लेयर पड़ा था | 1858 से अंग्रेजो ने पोर्ट ब्लेयर में अपनी कॉलोनी बनाना शुरू कर दिया जो स्थायी निवास के लिए बनाये थे | इन्ही कॉलोनी के साथ भारतीयों को सजा देने के लिए कुख्यात सेल्लुलर जेल का निर्माण करवाया | 1872 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का के chief commissioner पोर्ट ब्लेयर में रखा गया |

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस द्वीप पर जापानियों का कब्जा हो गया था | नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भी युद्ध के दौरान इस द्वीप पर आये थे जिन्होंने इस शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप नाम दिया था | 1945 में जापनियो को हराकर फिर अंग्रेजो का राज इस द्वीप पर हो गया था |आजादी के बाद भारत और बर्मा से एंग्लो-इंडियन और एंग्लो-बर्मी लोगो को इस जगह पर रहने की अनुमति दी गयी लेकिन ऐसा कभी नही हुआ  | 1950 में अंडमान निकोबार द्वीप समूह भारत का अंश बना और 1956 में इसे केंद शाषित प्रदेश घोषित कर दिया गया | 80 के दशक से बंगाल की खडी में रक्षा सुविधाओं को इस द्वीप से किया कार्यन्वित किया जाता है | 2004 में आयी सुनामी से इस द्वीप को काफी नुकसान हुआ था |

Geography and Facts of Andman and Nicobar Islands

Geography and Facts of Andman and Nicobar Islands8249 किमी लम्बे अंडमान द्वीप में मीठा पानी कही नही है | बरसात का एकत्र पानी ही लोग पीते है शायद काले पानी के कारण ही इसे काला पानी कहा जाता है | पहले पानी के जहाज के अलावा यहा पहुचने का ओर कोई साधन नही था | अंडमान द्वीप समूह में केवल 30 द्वीपों पर ही मनुष्य रहते है | अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर भारतीय नागरिक सभी जगह आ जा सकते है लेकिन लिटल अंडमान और निकोबार समूह के कुछ दक्षिणी द्वीपों पर जाने के लिए भारतीयों को अनुमति लेनी पडती है | विदेशी नागरिको को अंडमान में 15 दिन से ज्यादा रहने की अनुमति नही है |

विभाग की अनुमति के बिना अंडमान में प्रवेश नही होता है | अंडमान निकोबार के अधिकतर सरकारी भवन लकड़ी के बने हुए है |अंडमान निकोबार द्वीप समूह की सडके साफ सुथरी और ढलान वाली है | यहा पर आने जाने के लिए टैक्सीया और बसे उपलब्ध रहती है | शहर से 4 किमी दूर समुद्र तट पर नहाने का आनन्द लिया जा सकता है | यहा पर हरे भरे घने जंगल , नारियल ,सुपारी के पेड़ आपका मन मोह लेंगे | यहा पर आप पानी के जहाज की यात्रा का भी आनन्द ले सकते है आइये अब आपको अंडमान के पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी देते है |

अंडमान निकोबार द्वीप समूह के दर्शनीय स्थल Tourist Places of Andaman and Nicobar Islands

Cellular Jail सेल्युलर जेल

Cellular Jail Andmanपोर्ट ब्लेयर के समुद्र तट के पास हमारे देश का राष्ट्रीय स्मारक सेल्युलर जेल है जिसे 1896 में अंग्रेजो के शाषनकाल में बनवाना शूर किया गया था और 1906 में ये जेल बनकर तैयार हो गयी थी | सात भुजाओ के आकार की निर्मित ये जेल तीन मंजिला है | इसी जेल में भारत के देशभक्त स्वंतन्त्रता सैनानियो और क्रांतिकारियों को असहनीय यातनाये दी जाती थी | इस जेल में कुल 698 एकांत कोठरिया है इसलिए इसका नाम सेल्युलर जेल रखा गया है | इस जेल में कोठरिया इस तरीके से बनी हुयी है कि जेल में रहते हुए कोई भी कैदी दुसरे कैदी को नही देख सकता है | इस इमारत का प्रत्येक भवन तीन मंजिला है |

Kolhu Cellular jail Andmanसेल्युलर जेल में वीर सावरकर , गणेश दत्त सावरकर , बटुकेश्वर दत्त सहित अनेको क्रांतिकारियों को भीषण यातनाये दी जाती थी | इन देश भक्तो को इस जेल में कोल्हू के बैल की तरह तेल निकालने के लिए जोता जाता था और प्रत्येक कैदी को एक निश्चित मात्रा में तेल निकालने के लिए जोता जाता था | यहा पर उनसे मजदूरी करवाई जाती थी | यहा पर खाने पीने के लिए भी उचित व्यवस्था नही थी और सिर्फ दो पानी प्रतिदिन पीने के लिए दिया जाता था और सडा गला भोजन खाने के लिए दिया जाता था जिसके कारण कई कैदी बीमारी के कारण मर जाते थे | जेल के परिसर में फांसी घर और बलि वेदी भी है |

Light and Sound Show Andmanआजादी के कुछ वर्ष पहले ही इस जेल में कैदियों को रखना बंद कर दिया गया था और आजादी के बाद ये जेल बिलकुल बंद हो गयी थी | 1979 में मोरारजी देसाई के शाषनकाल में इस जेल को राष्ट्रीय स्मारक में तब्दील कर दिया गया | 1985 में ज्ञानी जेल सिंह ने इस जेल को राष्ट्र को समर्पित बताकर एक राष्ट्रीय पवित्र तीर्थ स्थल बताया | इसके बाद से इस जेल में कुछ मुलभुत सुधार कर एक संग्रहालय बनाया गया जिसमे इस जेल में रहने वाले हर कैदी का विवरण बताया गया | इस जेल में उन सभी देशभक्तों के चित्र टंगे हुए है जो यहा पर आमानवीय यातनाये सहते थे जिसमे से कई शहीद भी हो गये थे  यहा पर प्रतिदिन शाम को 6 से 7 के बेच में हिंदी में और 8 बजे अंग्रेजी में Light and Sound Show आयोजित किया जाता है जिसमे शहीदों की पुरी कहानी आपको सुनाई जाती है |

बाथम की आरा मिल

बाथम की आरा मिल एशिया के सबसे बड़ी और पुरानी मिल है | यहा पर कई प्रकार की लकडिया काटकर जहाज द्वारा लाई जाती है | पानी में भिगोकर क्रेन द्वारा इन्हें मिल में लाया जाता है |

सामुद्रिक एक आदिवासी वस्तु संग्रहालय

इस समुद्री संग्रहालय में समुद्र में पायी जाने वाली वस्तुओ और जीवो का अच्छा संग्रह है | इसी प्रकार यहा के आदिवासी संग्रहालय में आदिवासी लोगो द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुए , बर्तन , अस्त्र शस्त्र आदि दर्शनीय वस्तुए देखने को मिलती है |

जाली बॉय

पोर्ट ब्लेयर से बस द्वारा बंदुर होकर यहा जाया जा सकता है | यहा का मेरी नेशनल पार्क देखने लायक है | जाली बाय बोट द्वारा जाया जा सकता है | बोट के तल में पारदर्शी ग्लास लगा होता है जिससे समुद्री जीवो ,रंगीन मछलियो और वनस्पतियों को देखने का आनन्द मिलता है | यहाँ पर किराये का छ्श्मा लेकर तैरने का भी आनन्द लिया जा सकता है |

Havelock Island हेवलोक टापू

Havelock Islandयहा पर नौका विहार का आनन्द लेने के लिए पर्यटक जरुर आते है | हेवलोक का राधानगर नामक समुद्र तट बड़ा ही मनोरम है जहा पर समुद्र की गरजती लहरों पर तैरने का आनन्द लिया जा सकता है | रात्री में ठहरने के लिए पोर्ट ब्लेयर में 200 से 300 रूपये में हॉलिडे होम भी आरक्षित करवा सकते है |

वाइपर टापू

Wiper Islandसन 1967 में बोल्ड ब्लेयर यहा पर वाईपर जहाज से इस टापू पर आये थे इसलिए इसे वाइपर टापू कहा जाता है | यहा पर बनी जेल में एक ही सांकल से 6-6 कैदियों को बांधकर रखा जता है | सेल्युलर जेल बनने से पहले महिला कैदियों को इसी जेल में रखा जाता था और यातनाये दी जाती थी | लार्ड केम्प की हत्या करने वाले शेर अली खां को यही फांसी दी गयी थी | लाल रंग के ये इमारत अब खंडहर है

 

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