दुनिया भर की अजब गजब खबरे , जिसे पढकर आप चौंक जायेंग | Ajab Gajab News in Hindi

01 जूते की तरह दिखता है यह अनोखा चर्च

glass-church-in-taiwanक्या आपने कभी जूते के आकार का चर्च देखा है दरअसल ताइवान में कांच का बना एक चर्च है जो बिलकुल जूते की तरह दिखता है | ऐसा खुबसुरत चर्च ताइवान में खास तौर पर महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है | जूते के आकार के चर्च की सुन्दरता को देख पर्यटक खुद ही इसकी ओर खीचे चले आते है | यह चर्च पांच फुट लम्बा और 36 फुट चौड़ा है | इस चर्च को बनाने में करीब 320 ग्लास के टुकड़े का उपयोग किया गया है | इस चर्च को सिर्फ बाहर से ही नही , अंदर से भी पुरी तरह निहारा गया है | यह चर्च धातु और नीले कांच से तैयार किया गया है जो कि एक ऊँची एड़ी के जूते के आकार का है | इस चर्च में पर्यटकों की प्रार्थना के लिए खास व्यवस्था की गयी है |

02 चीन में बनी दुनिया की सबसे ऊँची सुरंग

चीन की तरक्की से पुरी दुनिया चकित है | हाल ही में चीन द्वारा बनाये गये एक सुरंग ने फिर दुनिया को चौंका दिया है | इस बार चीन ने जो काम किया है | उससे चीन के लोग तिब्बत तक और जल्दी पहुच जायेंगे | दरअसल चीन ने सिन्चुआन-तिब्बत राजमार्ग पर करीब 17 करोड़ डॉलर की लागत से बनी दुनिया की सबसे ऊँची सडक सुरंग का काम पूरा कर लिया है | सात किमी लम्बी सुरंग स्तर से 6168 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है जो चोल पर्वत की मुख्य चोटी से होकर गुजरती है इससे सिन्चुआन प्रातं की राजधानी चेंगदू से तिब्बत के नगकू तक की दूरी में दो घंटे की कमी आ जायेगी | साथ ही सर्वाधिक खतरनाक राजमार्ग से होकर गुजरने की जरूरत भी नही पड़ेगी |

03 हवाई जहाज से डेली ड्यूटी पर जाते है यहा के लोग

ज्यादातर लोग हवाई जहाज का सफर लम्बी दूरी को कम समय में पूरा करने के लिए करते है लेकिन आर्कने आइलैंड द्वीप समूह पर छोटी दूरी तय करने के लिए फ्लाइट ही एकमात्र सहारा है | स्कॉटलैंड की लोगानेर नाम की एयरलाइन्स कम्पनी ने अब तक 10 लाख लोगो को एक द्वीप से दुसरे द्वीप तक पहुचाया है | यह फ्लाइट सेवा वर्ष 1965 में शुरू की गयी थी | कई सारे द्वीपों के इस समूह में एक जगह से दुसरे जगह पर जाने के लिए यहा हवाई जहाज सबसे जरुरी माध्यम है | आपको जानकर आश्चर्य होगा कि डेली ड्यूटी वाले तमाम डॉक्टर , शिक्षक ,पुलिस वाले और स्कूल जाने वाले बच्चे भी इसी हवाई सेवा पर निर्भर है | वातावरण साफ हो तो यहाँ यात्रा मिनटों में पुरी हो जाती है |

04 इन्सान को जंगल में शहद का पता बताती है यह चिड़िया

प्रकृति और इन्सान का रिश्ता वाकई अटूट है | मोजाम्बिक में एक ऐसी चिड़िया है जो पहले इंसान को खोजती है और फिर उसे रास्ता दिखाते हुए जंगल में किसी मधुमक्खी के छत्ते तक ले जाती है | दरअसल एस करने के पीछे दोनों का फायदा जुड़ा है | फिर लोग उस छत्ते से मधु निकाल लेते है और बचे छत्ते को चिड़िया के लिए छोड़ देते है | इस चिड़िया को वहा हनीगाइड यानी शहद का पता बताने वाली चिड़िया के नाम से जाना जाता है | पहली बार 1980 के दशक में केन्या के एकोलोजिस्ट हुसैक इन्साक ने इस इन्सान और चिड़िया के अनोखे रिश्ते का पता लगाया था | हाल ही दिनों में ब्रिटेन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और दक्षिण अफ्रीका की केपटाउन यूनिवर्सिटी में एक साझा शोध में शहद निकालने बाद चिड़िया छते में बचे लार्वा ,वैक्स और अंडे खाती है |

05 जन्म से ही सफेद रहते है बच्चियों के बाल

आपने अगर बचपन में ही किसी के बाल सफेद दिखे तो शायद आश्चर्य हो लेकिन अमेरिका में एक ऐसी ही अनोखी बच्ची है जिसका नाम मिल्लीआना है | मिल्लीआना के सिर पर जन्म से ही आगे के कुछ बाल सफेद है | ख़ास बात यह है कि यह बच्ची अपने परिवार की चौथी पीढ़ी की ऐसी बच्ची है जिसके सिर पर जन्म के समय से सफेद बाल है | साउथ केरोलिना के रिजलैंड निवासी इस बच्ची की आयु अभी 18 महीने है  |

यह सिलसिला मिल्लीआना की 59 वर्षीय परदादी जेओनी के साथ शुरू हुआ | इसके बाद मिल्लीआना की 41 वर्षीय दादी जेनिफर और इसकी 23 वर्षीय माँ ब्रियाना के सिर पर भी इसी तरह सफेद बालो की एक लकीर जन्म के साथ ही आयी है | मिल्लीआना के सिर पर पुरे घने और काले बालो के बीच ललाट के ठीक उपर सफेद बालो का एक गुच्छा है | बच्ची की माँ ब्रियाना के मुताबिक वे इस बात से बहुत खुश थे क्योंकि वे औरो से अलग है | अमेरिका के काफी लोग इस बच्ची को देखने उनके घर पहुच रहे है | कुछ वैज्ञानिको की टीम भी इस अनोखे परिवार पर शोध कर रही है |

06 परमाणु हमले में भी सुरक्षित रहेगा यह घर

अक्सर आपने सुना होगा कि धरती पर कई बार प्रलय आ चूका है | प्रलय के कुछ साल बाद फिर मानव जीवन की शुरुवात होती है | एक व्यक्ति ने इन बातो के मद्देनजर एक ऐसे घर का निर्माण किया है जिस पर प्रलय का कोई असर नही होगा | अमेरिका के टोरंटो के रहने वाले बरस नाम के इस शख्स ने ऐसा अनोखा घर तैयार किया है | बुरस पेशे से इंजिनियर है प्रलय में होनेवाले विनाश को भी झेलने के लिए बुरस ने मजबूत घर का निर्माण किया है |

बुरस ने यह घर धरती के अंदर बनाया है | उन्होंने टोरंटो के हारनिंग मिल्स के पास एक गाँव में इस घर के लिए 1980 में ही नींव रखी थी जो अब बनकर तैयार हो गया है | ख़ास बात यह है कि इस घर में करीब 500 लोगो के रहने की व्यवस्था है | इसके अलावा इस घर में तमाम तरह की जरूरत की सुविधाए मौजूद है | इस घर में डीजल जनरेटर को भी लगाया है | इस घर में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा और परमाणु हमलो का कोई भी असर नही होगा | बुरस के मुताबिक़ अगर प्रलय आता है तो इस दौरान वे इस घर में रहने वाले लोगो से किसी भी प्रकार की कोई फीस भी नही लेंगे |

 

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