वायु प्रदुषण पर निबन्ध | Air Pollution Essay in Hindi

वायु प्रदुषण पर निबन्ध | Air Pollution Essay in Hindi

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air-pollution-essay-in-hindiवायु प्राणियों के जीवन का आधार है | स्वथ्य रहने के लिए स्वच्छ पर्यावर्णीय हवा का होना आवश्यक है | हवा की संरचना में परिवर्तन होने पर स्वास्थ्य के लिए खतरा उत्पन्न हो जाता है | वायु प्रदुषण भारत जैसे विकासशील देश से लेकर जापान ,अमेरिका ,इंग्लैंड आदि विकसित राष्ट्रों के लिए भी स्वास्थ्य समस्या बन चूका है | भारत का भोपाल गैस कांड (1984), मलेशिया एवं इंडोनेशिया के जंगलो में लगी आग से उत्पन्न धुँआ (1997) आदि वायु प्रदुषण के प्रलयंकारी उदाहरण है | “पृथ्वी सम्मेलन” की विषय सूची में वायु प्रदुषण का महत्वपूर्ण स्थान रहा है | वायु प्रदुषण श्वसन ,तंत्रिका तन्त्र के रोग ,हृदय रोग ,क्षय रोग इत्यादि बीमारियों के लिए उत्तरदायी है |

प्राकृतिक वातावरण के तत्वों के साथ बाहरी तत्वों की मिलावट से प्राकृतिक तत्व जब अपनी सामान्य क्रिया छोडकर विनाशकारी दिशा में सक्रिय हो जाते है तो इस क्रिया को “प्रदुषण” कहते है | इस परिभाषा के सन्दर्भ में वायु प्रदुषण वह अवस्था है जिसमे धुल ,धुँआ ,विषाक्त गैस ,रासायनिक वाष्पो ,वैज्ञानिक प्रयोगों आदि के कारण वायु की आंतरिक संरचना प्रभावित हो जाती है अर्थात विजातीय पदार्थो की अधिकता होने पर जब वायु ,मनुष्य एवं उसके पर्यावरण के लिए हानिकारक हो जावे तो इस स्थिथि को वायु प्रदुषण कहते है |

वायु प्रदुषण के कारण | Causes of Air Pollution

वायु प्रदुषण की समस्या का समुचित आकलन करने के लिए वायु प्रदूषित होने के कारणों एवं स्त्रोतों के बारे में जानना आवश्यक है | इसको निम्न पकार से वर्गीकृत कर सकते है

औधोगिक स्त्रोत | Industrial Source

विभिन्न प्रकार के रासायनिक उद्योग ,तेलशोधक कारखाने ,खाद एवं कीटनाशक फ़क्ट्री , धातु सयंत्रो आदि से निकलने वाला धुँआ ,कालिख ,धुल ,गैस आदि हवा को प्रदूषित करते है | उद्योगों में सम्पन्न दहन प्रक्रियाए वायु प्रदुषण के लिए मुख्यत: उत्तरदायी है |

घरेलू स्त्रोत | Domestic Source

भोजन एवं अन्य घरेलू कार्यो के निमित्त इंधन के रूप में लकड़ी ,कोयला ,गैस ,तेल इत्यादि का उपयोग करते है | इनके प्रयोग से उत्पन्न धुँआ ,कालिख ,गैसे वायु संरचना को प्रभावित करती है |

वैज्ञानिक शोधकार्य | Scientific Research 

आणविक ऊर्जा , अन्तरिक्ष यात्रा , परमाणु तकनीक के विकास एवं शोधकार्य हेतु किये जाने वाले विस्फोट एवं क्रियाये वातावरण को प्रदूषित करती है | अन्तरिक्ष यानो ,प्रक्षेपास्त्रो का नष्ट होना ,रेडियोधर्मिता ,तापीय असंतुलन इत्यादि का अन्तिक परिणाम पर्यावरण प्रदुषण ही है |

यातायात एवं परिवहन स्त्रोत | Transportaion 

शहरों में , यहा तक की छोटे कस्बो में भी बढ़ते निजी वाहन एवं यातायात के अनियंत्रित साधन वायु प्रदुषण के प्रमुख स्त्रोत सिद्ध हो रहे है | दिल्ली शहर में नगर सेवा हेतु 20,000 से भी ज्यादा सार्वजनिक एवं निजी बसे होना , मुम्बई में 3,00,000 से अधिक मोटर वाहन होना यह दर्शाता है कि यातायात के साधनों पर शीघ्र ही कारगर नियन्त्रण आवश्यक है वरना महानगरो में वायु प्रदुषण के कारण जीना दूभर हो जाएगा | वैसे भी दिल्ली का विश्व में प्रदुषण वाले शहरों में चौथा स्थान है जहा लगभग 400 किलोग्राम सीसा गैसों के माध्यम से हवा में घुलता है जो मानव के मस्तिष्क ,गुर्दों एवं नाड़ी प्रणाली को बुरी तरह प्रभावित करता है | यातायात के लगभग सभी साधन ट्रक ,बस ,स्कूटर ,मोटर साइकिल ,जीप ,कार आदि वायु प्रदुषण के लिए उत्तरदायी है क्योंकि ये वातावरण में हाइड्रोकार्बन ,कार्बन-मोनो-ऑक्साईड ,नाइट्रोजन ओक्सोइड  ,सीसा तथा अन्य पदाथो के छोटे छोटे कण निकालते रहते है | डीजल चालित वाहन अत्यधिक धुँआ छोडकर वायु प्रदुषण बढाते है |

अन्य स्त्रोत | Other Courses

उपरोक्त के अतिरिक्त भी निम्न स्त्रोत भी वायु प्रदुषण के लिए उत्तरदायी है

  • उर्वरको एवं कीटनाशको का छिडकाव
  • कूड़ा-करकट (प्लास्टिक टायर आदि ) जलाना
  • ग्रीन हाउस प्रभाव और ओजोन मंडल के वातावरण में परिवर्तन होना
  • घटती वन सम्पदा तथा व्यावसायिक उपयोग हेतु वनों की अंधाधुंध कटाई
  • युद्ध  के समय रासायनिक गैसों का उपयोग
  • समुद्र के पेट्रोल ,तेल बहना तथा उसमें आग लग जाना

वायु प्रदुषण के संकेतक और स्वच्छता प्रक्रिया | Indicators of Air Pollution & Cleansing Mechanism

वायु प्रदुषण का स्तर ज्ञात करने हेतु कुछ संकेतको की सहायता लेते है जिनके आधार पर वायु संरचना का अध्ययन कर वायु प्रदुषण की स्थिति एवं वास्तविकता का पता लगा सकते है | कुछ मुख्य संकेतक है

  • वायु में Sulpher-di-oxoide की मात्रा
  • धूम्र सूचकांक – इससे वायु ,एक कागज के टेप पर गुजारते है तथा विद्युत प्रकाशीय मापी से घनत्व का पता लगा सकते है |
  • निलम्बित या वायु में तैरते पदार्थ – इस विधि से वातावरण में उपस्थित धुल एवं कालिख की मात्रा नाप कर वायु प्रदुषण का पता लगा सकते है |
  • वायु में कार्बन मोनो ऑक्साईड , नाइट्रोजन डाई ओक्साइड , सीसा , ओक्सीकारक पदार्थो इत्यादि की मात्रा ज्ञात कर वायु संरचना की स्थिति जान सकते है |

वायु प्रदुषण के खतरे | Hazards of Air Pollution

वायु प्रदुषण (Air Pollution) से होने वाली बीमारियों ,कुप्रभावो तथा खतरों को निम्न प्रकार से वर्णित कर सकते है

  • अस्थायी प्रभाव (Temporary Effects)– लगातार बिना किसी कारण के खांसी रहना ,हमेशा सर्दी जुकाम बने रहना ,श्वसन रोगों का आक्रमण होते रहना , बैचैनी रहना तथा श्रम शक्ति पर कुप्रभाव
  • स्थायी प्रभाव (Permanent Effects)– दीर्घ श्वासनली शोध ,फुफ्फुसो का संक्रमण ,क्षयरोग ,दमा  ,फुफ्फुस कैंसर , ,मस्तिष्क ,गुर्दों एवं नाड़ी प्रणाली का प्रभावित होना , वायुजनित रोगों का मुख्य कारण ,वायुजनित संक्रमण
  • वनस्पति पर पड़ने वाले प्रभाव (Effects of Plants and Vegetables)– वायु प्रदुषण विशेषकर सल्फरडाईऑक्साइड , कोहरे ,फ्लोरिन यौगिको के दुष्प्रभाव से पौधों का विकास अवरुद्ध हो जाता है संदूषित वनस्पति के सेवन से पशु बीमार हो जाते है |
  • सामजिक एवं आर्थिक प्रभाव (Social and Economical Effects)– धुल ,धुँआ ,कालिख इत्यादि के कारण भवनों का बदरंग होना , मकानों की मरम्मत एवं रंग-रोगन से होने वाली आर्थिक हानि , अप्रिय गंध से बैचैनी होना , कोहरे या धुएं के कारण दृश्यता का कम होना तथा इनके कारण रेल ,सडक यातायत में बाधाये एवं दुर्घटना

वायु प्रदुषण से बचाव के उपाय |

वायु प्रदुषण (Air Pollution) की समयसा का समाधान तथा सुरक्षात्मक उपायों हेतु विश्व स्वास्थ्य संघठन के अधीन विभिन्न देशो ने संयुक्त अभियान छेड़ रखा है | भारत देश में संसाधनों एवं जागरूकता का अभाव इस समस्या के निवारण में बहुत बड़ी बाधा है | सम्मिलित प्रयासों से ही वायु प्रदुषण और नियन्त्रण सम्भव है | इस हेतु उपाय निम्न प्रकार है

प्राथमिक नियन्त्रण | Primary Control

वायु प्रदुषण (Air Pollution) के स्त्रोतों (घरेलू ,औधोगिक ,यातायात ) पर प्राथमिक स्तर पर ही यदि रोक लगा दी जावे तो समस्या का निदान काफी सीमा पर सम्भव है इसके लिए इंधन की श्रेणी में परिवर्तन ,धुआरहित चूल्हों का उपयोग तथा कूड़ा करकट के निस्तारण की उपयुक्त विधिया अपनाना आवश्यक है | यातायात संबधी प्राथमिक नियन्त्रण में सम्मिलित है

  • निजी वाहनों की संख्या कम करना
  • सार्वजनिक वाहन प्रणाली की समुचित सुविधाए
  • पेट्रोल , डीजल के स्थान पर सौर ,जल ,गैस (जैसे CNG , LPG) एवं विद्युत उर्जा से चलने वाले वाहनों का अविष्कार एवं उत्पादन |
  • सीसा रहित पेट्रोल (U.L.P.) का उपयोग
  • वाहनों की उम्र निर्धारित करना
  • वाहनों का दुरूपयोग रोकना
  • कार्यालयों , निजी संस्थानों द्वारा अनुबंधित बसों का उपयोग करना ताकि स्कूटर , मोटरसाइकिल ,स्वचालित बाइको का प्रयोग कम हो |

कानूनी नियन्त्रण | Legal Control

  • केंद्र एवं राज्य स्तर पर औद्योगिक प्रदुषण नियन्त्रण मंडलो की स्थापना
  • प्रदुषण नियन्त्रण सम्बन्धी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता ,वायु कानून (1981) का पालन करना
  • पर्यावरण संरक्षण हेतु निजी संस्थानों को बाध्य करना

जनशिक्षा | Mass Education

वायु प्रदुषण (Air Pollution) का नियन्त्रण ,जनता की सहभागिता के बिना सम्भव नही है अत: स्वास्थ्य शिक्षा में वायु प्रदुषण की रोकथाम विषय पर पर्याप्त महत्व दिया जाना आवश्यक है | नागरिको को इस संबध में अपने अधिकारों एवं कर्तव्यो का बोध कराना जरुरी है | परिवहन ,पुलिस ,अभियांत्रिकी ,वन ,चिकित्सा विभाग को समन्वित एवं समान रूप से उत्तरदायी बनाना भी आवश्यक है | स्वैच्छिक स्वयं सेवी संस्थान तथा स्थानीय प्रशाशन का भी इस विषय में उत्तरदायित्व निभाना महत्वपूर्ण है

अन्य उपाय | Other Techniques

  • स्वैच्छिक/सरकारी वनारोपण को प्रोत्साहन
  • जंगलो की कटाई को हतोत्साहित करना
  • औद्योगिक संस्थानों को आवासी कॉलोनियो से दूर बसाना
  • कचरे का उपयुक्त विधि से निस्तारण करना
  • पुल बनाकर वाहन में यात्रा करना
  • वाहन चलाते समय मास्क ,चश्मे का प्रयोग करना
  • जलाऊ लकड़ी के स्थान पर उर्जा का अन्य विकल्प ढूँढना
  • उद्योगों के आसपास तथा आवासीय स्थलों के निकट हरीतिमा पट्टियों का विकास करना
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